Old Testament
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प्रेरितों के काम 15:1 प्रेरितों के काम 15:2 प्रेरितों के काम 15:3 प्रेरितों के काम 15:4 प्रेरितों के काम 15:5 प्रेरितों के काम 15:6 प्रेरितों के काम 15:7 प्रेरितों के काम 15:8 प्रेरितों के काम 15:9 प्रेरितों के काम 15:10 प्रेरितों के काम 15:11 प्रेरितों के काम 15:12 प्रेरितों के काम 15:13 प्रेरितों के काम 15:14 प्रेरितों के काम 15:15 प्रेरितों के काम 15:16 प्रेरितों के काम 15:17 प्रेरितों के काम 15:18 प्रेरितों के काम 15:19 प्रेरितों के काम 15:20 प्रेरितों के काम 15:21 प्रेरितों के काम 15:22 प्रेरितों के काम 15:23 प्रेरितों के काम 15:24 प्रेरितों के काम 15:25 प्रेरितों के काम 15:26 प्रेरितों के काम 15:27 प्रेरितों के काम 15:28 प्रेरितों के काम 15:29 प्रेरितों के काम 15:30 प्रेरितों के काम 15:31 प्रेरितों के काम 15:32 प्रेरितों के काम 15:33 प्रेरितों के काम 15:34 प्रेरितों के काम 15:35 प्रेरितों के काम 15:36 प्रेरितों के काम 15:37 प्रेरितों के काम 15:38 प्रेरितों के काम 15:39 प्रेरितों के काम 15:40 प्रेरितों के काम 15:41



प्रेरितों के काम 15:33 पर टीका
स्थिति का परिचय—तर्क और समय
यह पद उस समय का वर्णन करता है जब पुनःकथन-समिति ने एक-दूसरे के साथ आराम और शांति से विदा किया। बहुपक्षीय चर्च समुदाय में विभाजन-प्रेरित समन्वय के बाद वे एक-दूसरे के संग समय बिताते हैं और अपने भेजने वालों के पास लौट जाने की योजना बनाते हैं। यहाँ “कई दिन” की अवधि उनके आपसी प्रेम, धैर्य और एकजुटता की पुष्टि करती है; वे अवकाश के बाद भी के लिए उत्सुक नहीं, बल्कि अपने मिशन के न्यूनतम-से-अधिकतम दायित्व की याद में लौट रहे हैं।
पठ के बारे में मुख्य संदेश—ईश्वर और विश्वास
इस वाक्यांश में हार्दिक भाइचारे का चित्रण है—विश्वासियों के बीच स्थिरता, सेवा-भाव and संतुष्टि के साथ विदा होना। यह दिखाता है कि ईश्वर की योजना में शांति और सामंजस्य एक आवश्यक पूर्व-तैयारी है, ताकि सामाजिक-सम्पर्क पुनःस्थापित होते समय विश्वास और साक्ष्य दोनों मजबूत रहें। यह भी संकेत देता है कि सेवक-चेतना से भरे लोग अपने भेजनेवालों के पास लौटकर वहां की संरचना को पुनः सम्पूर्ण बनाने के लिए प्रेरित रहते हैं।
शब्दार्थ और प्रतीक>—महत्वपूर्ण बातें
अनुसंधान-आधार पाठ और संगत संदर्भ
यह वाक्यांश क्रिस्चियन समुदाय की यात्राओं, प्रेरितों के बीच प्रेम-पूर्वक सुरक्षा और जिम्मेदारी की स्मृति देता है। एकह्रदयता का यह चित्र अन्य भागों में भी उभरता है—जैसे कि प्रेरितों 18:22, 21:5—जहां समुदाय एक दूसरे से जुड़कर अपने उद्देश्य को मजबूत करता है।
संदर्भ-तुलन
2 कुरिन्थियों 13:11 और रोमियों 12:18 जैसे वचन—जहाँ शांति बनाए रखने की शिक्षा है—इनका संछेप में विचार हमें यह दिखाता है कि भाइयों के साथ विदा होते समय भी ईश्वर-संबंध और साहचर्य की महत्ता है।
आज के लिए अनुप्रयोग
हममें से प्रत्येक व्यक्ति विदाई-समय पर भी विश्वास, धैर्य और एकता का उदाहरण दे सकता है। चर्च-समुदाय में विवाद या भिन्नता के बावजूद, प्रेमी-जीवन एक दूसरे के साथ शांति बनाये रखने की प्रेरणा देता है। अपने मिशन-मार्ग पर लौटते समय, प्रेरितों की तरह हम भी अपने भेजने वालों—परिवार, समुदाय, या परमेश्वर द्वारा दिए गए दायित्व—की ओर उत्साहपूर्ण rekindling के साथ लौटें और एक साथ विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ें।
संUntitled cross-references
नोट: यदि आप चाहें, तो मैं Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के अनुरूप संक्षिप्त उद्धरण भी जोड़ सकता/सकती हूँ; यहाँ संक्षेप में है कि उन्होंने शांति, भाइचारे और कार्य-धर्म पर क्या कहा है।