Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 22:1 प्रेरितों के काम 22:2 प्रेरितों के काम 22:3 प्रेरितों के काम 22:4 प्रेरितों के काम 22:5 प्रेरितों के काम 22:6 प्रेरितों के काम 22:7 प्रेरितों के काम 22:8 प्रेरितों के काम 22:9 प्रेरितों के काम 22:10 प्रेरितों के काम 22:11 प्रेरितों के काम 22:12 प्रेरितों के काम 22:13 प्रेरितों के काम 22:14 प्रेरितों के काम 22:15 प्रेरितों के काम 22:16 प्रेरितों के काम 22:17 प्रेरितों के काम 22:18 प्रेरितों के काम 22:19 प्रेरितों के काम 22:20 प्रेरितों के काम 22:21 प्रेरितों के काम 22:22 प्रेरितों के काम 22:23 प्रेरितों के काम 22:24 प्रेरितों के काम 22:25 प्रेरितों के काम 22:26 प्रेरितों के काम 22:27 प्रेरितों के काम 22:28 प्रेरितों के काम 22:29 प्रेरितों के काम 22:30



प्रेरितों के काम 22:20 का स्पष्ट अर्थ
यह पद कहता है कि एक विश्वासी के रूप में आपने स्तिफनुस के हत्यारों के विरुद्ध अपनी सहमति दिखाई और उनके कपड़ों की रखवाली की। यहाँ संदेश है कि सच्चे शास्त्रज्ञ के रूप में आपका व्यवहार केवल सत्य के पक्ष में नहीं, बल्कि भाइयों के प्रति संवेदना और उसी समय निर्णय लेने की मजबूती भी दर्शाता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नए नियम के संदर्भ में प्रेरितों के काम में प्रेरित पॉल अपने गिरफ्तारी के समय घटनाक्रम बतला रहे हैं। स्तिफनुस की मृत्यु क्रूरतापूर्ण रूप से हुई; पॉल बताता है कि वह तब भी वहाँ था, और उसकी हत्या में भागीदारों के कपड़ों की रखवाली कर रहा था। यह दृश्य यह दिखाता है कि पॉल की मान्यताओं में परिवर्तन से पहले भी वह धार्मिक मंच पर स्वयं के आचरण से जुड़ा था, और यह भी कि कानून-व्यवस्था के भीतर भी धार्मिक समुदाय के सदस्य एक-दूसरे के साथ कैसे व्यवहार करते थे।
interpretive observations
थीमेटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेज़ और संक्षिप्त व्याख्या
यूहन्ना 16:2 के संदर्भ में: विश्वासियों के विरोध के समय शांति और विवेक के साथ व्यवहार करने का आह्वान; यह पद प्रेरितों के समय के सामाजिक दबाव में भी नैतिकता बनाये रखने की आवश्यकता बताता है।
विलाप ग्रंथ 3:24-25 के दायरे में: सत्य के रास्ते पर चलना एक समुदाय के लिए एकजुटता और सुरक्षा की नींव है; पॉल के वक्तव्य में इस एकता की छटा उभरती है।
इफिसियों 4:32 के अनुरूप: दूसरों के प्रति दया दिखाने और एक-दूसरे के प्रति क्षमा और नम्रता बनाए रखने की शिक्षा यहाँ भी परिलक्षित होती है।
संक्षिप्त პრაქტिक निष्कर्ष
कई टिप्पणीकारों से समन्वयित विचार
यह अनुभाव Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संकेतों के साथ संकलित है। वे बताते हैं कि पॉल का यह वक्तव्य उसे अपने पूर्व क्रिया-कलापों के परिक्षण की ओर ले जाता है और यह कि बड़े निर्णयों के साथ-साथ दैनिक क्रिया-कलाप भी पवित्रता के मार्ग में एकाग्र रहते हैं।
Matthews Henry से समानार्थी टिप्पणी के संकेत: "उस समय उसका विश्वास स्वप्न-सा नहीं रहा, बल्कि क्रियात्मक आचरण के साथ सत्य की गवाही दी गई"—यह अर्थ संकेत देता है कि पॉल का विवरण उसकी आस्था के प्रशिक्षण की गवाही है।
Albert Barnes और Adam Clarke के नोट्स भी इस घटना को समुदाय के भीतर नैतिकता और व्यक्तिगत सहभागिता के प्रकाश में देखते हैं, जहाँ वे कहते हैं कि छोटे से छोटे कर्तव्य भी बड़े उद्देश्य के लिए उपयुक्त साधन बन जाते हैं।
इस प्रकार, प्रेरितों के काम 22:20 हमें यह दिखाता है कि एक विश्वासी के लिए आत्म-सत्यापन और समुदाय-हित दोनों एक साथ चलना चाहिए, ताकि सहयोग, सुरक्षा और सत्य की गवाही एक साथ बनी रहे।