Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 3:1 दानिय्येल 3:2 दानिय्येल 3:3 दानिय्येल 3:4 दानिय्येल 3:5 दानिय्येल 3:6 दानिय्येल 3:7 दानिय्येल 3:8 दानिय्येल 3:9 दानिय्येल 3:10 दानिय्येल 3:11 दानिय्येल 3:12 दानिय्येल 3:13 दानिय्येल 3:14 दानिय्येल 3:15 दानिय्येल 3:16 दानिय्येल 3:17 दानिय्येल 3:18 दानिय्येल 3:19 दानिय्येल 3:20 दानिय्येल 3:21 दानिय्येल 3:22 दानिय्येल 3:23 दानिय्येल 3:24 दानिय्येल 3:25 दानिय्येल 3:26 दानिय्येल 3:27 दानिय्येल 3:28 दानिय्येल 3:29 दानिय्येल 3:30



दानिय्येल 3:3 — मूरत के सामने सभी अधिकारियों की एकजुटता और राजसी आदेश
मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु: नबूकदनेस्सर के नीतिगत धार्मिक प्रथाओं के अधीन जनता-प्रतिष्ठान का वह क्षण, जहाँ समस्त उच्च अधिकारी एक साथ खड़े हो कर एक अधुरी दुराचारी सत्ता की मूरत के समक्ष अपना सम्मिलन प्रस्तुत करते हैं, वह दर्शाता है कि आध्यात्मिक आज्ञाओं और राज्यशासन के बीच संघर्ष कब और कैसे उभर सकता है। यह आयत दर्शकों को स्मरण कराती है कि सत्ता के दबाव में सत्य के लिए कठिन निर्णय लेने की आवश्यक्ता कहाँ उभरती है।
साहित्यिक संदर्भ ( literary context )
यह पंक्ति मूरत के प्रतिष्ठा के लिए नबूकदनेस्सर के समकालीन पथ-निर्देश का एक भाग है। राजा की मूरत के सामने अधिपति, हाकिम, राज्यपाल, सलाहकार, खजांची, न्यायी, शास्त्री आदि सब अधिकारी खड़े होते हैं—यानी राज्य-व्यवस्था के सभी प्रमुख वर्ग एक संग अस्थिर दबाव के भीतर दिखते हैं। यह दृश्य सत्ता-सम्पन्न जीवन की दैनिक संरचना और अधिनायक-धारणा की कठोरता को उजागर करता है।
देवत्व-आकांक्षा बनाम सर्वोच्च ईमानदारी (theological significance)
इस आयत में एक सामाजिक-राजनीतिक दबाव प्रस्तुत है जो धार्मिक निष्ठा के प्रति समुदाय की परीक्षा का संकेत देता है। नबूकदनेस्सर की मूरत का अस्तित्व यहूदी-नागरिकों के लिए एक बाध्यकारी प्रतीक बन जाता है: सत्ता की दैहिक महिमा के सामने व्यक्तिगत आचार और एकेश्वरवाद की कट्टरता की कसौटी। यह कथा ईश्वर के एकत्व और उसकी आज्ञाओं के प्रति विश्वसनीयता को दर्शाती है, भले ही बाहरी दबाव कितना भी विशाल क्यों न हो।
क्रॉस-रेफरेंसेज (cross-references) और उनका संक्षिप्त संबंध
हिंदी पठन के उपयोगी प्रश्न (reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
दानिय्येल 3:3 से स्पष्ट होता है कि शासन-प्रणालियाँ और धार्मिक प्रतीक शक्ति के रूप में एक साथ खड़े होते हैं, किन्तु असली परीक्षण मानव की आस्था का है। नबूकदनेस्सर की मूरत के सामने सभी अधिकारी एक जुट थे, पर ईश्वर के प्रति ईमानदार रहने वाले पात्रों के लिए यह दृश्य एक पूर्व-उत्साह नहीं, बल्कि दृढ़ नैतिक विकल्प का अवसर बन जाता है।
पूर्व-पृथक विचारधाराओं के उद्धरण (महत्वपूर्ण छोटे उद्धरण)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सार्वजनिक-डायरिक टिप्पणी में से संक्षिप्त संकेतक हैं: यह भाग सत्ता-धर्म के तनाव और आस्थागत विशुद्धता की परीक्षा के शीर्षक के रूप में उद्धृत किया गया है; नीचे के उद्धरण केवल संदर्भ स्वरूप हैं: "The princes and rulers stood by the idol, to shew that the idol was the greatest thing in the land." (यहाँ उद्धरण केवल सार-निर्देशन हेतु है—पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिया गया है।)
नोट: ऊपर उद्धृत बिंदु केवल संदर्भ-रूप में हैं; पूर्ण उद्धरण न भरें और पाठ के मूल तत्वों से विपरित न जाएँ।