Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 18:5 के Immediate Setting
यह अध्याय यहूदियों के लिए एक चेतावनी-पत्र है कि लोग जिम्मेदारी के साथ अपने व्यवहार का उत्तर दें। 18:5 में परमेश्वर उन लोगों के बारे में स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं जो सही-न्यायपूर्वक जीवन जीते हैं—जो धर्मी हैं और न्याय तथा धर्म के कार्य करते हैं। यह बताता है कि परमेश्वर की दृष्टि में नैतिकता का व्यवहार सिर्फ बाहरी दिखावे पर नहीं, बल्कि अंतःकरण और निरंतर चयन पर निर्भर है।
परमेश्वर और विश्वास के बारे में टेक्स्ट से स्पष्टियाँ
धर्मी होने का मतलब है परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप आचरण करना—न्याय, दया और ईमानदारी के साथ जीना। यहाँ “धर्मी” के साथ जुड़ा हुआ विचार है कि आचरण में न्याय और धर्म के कार्य अहम हैं; सिर्फ धार्मिक रीति-रिवाज नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में ईश्वर की सत्य और न्याय प्रगट होना चाहिए। यह संदेश यह भी कड़ाई से बताता है कि धर्म के कार्य का उद्देश्य परमेश्वर के समानता में जीवन बनाना है, न कि स्व-प्रत्यापित पवित्रता दिखाना।
महत्वपूर्ण शब्दों और छवियों की स्पष्टि
- धर्मी/धर्म: वे जो परमेश्वर के मितव्ययी नियमों के अनुरूप व्यवहार करते हैं, और समाज में अन्याय के विरुद्ध खड़े रहते हैं।
- न्याय: निष्पक्षता, कमजोरों की सुरक्षा, सत्यापन और अधिकारों की रक्षा।
- धर्म के काम: करुणा, दयालुता, प्रत्यक्ष सहायता, और समाज में-कायदे के अनुसार सही निर्णय।
अन्य बाइबल संदर्भ जिन्हें समझना उपयोगी है
पश्चात के पाठ से प्रेरणा: आधुनिक जीवन में आवेदन
आज के संदर्भ में यह घोषणा हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को चुनौती देता है। जो व्यक्ति ईमानदार, दयालु और न्यायप्रिय है, वही ईश्वर की दृष्टि में धर्मी है। धार्मिक आचरण और सामाजिक उत्तरदायित्व एक-दूसरे से कभी पृथक नहीं होते। गरीबों—अनाथों—कंटकों की सहायता, आतंक के समय में सत्य के साथ खड़े होना, और नुकसान पहुँचाने वाले व्यवहार से मुँह मोड़ना, ये सभी “धर्म के कार्य” के आधुनिक रूप हैं।
जूझने योग्य प्रश्न
- क्या आप अपने दैनिक निर्णयों में न्याय और धर्म को प्राथमिकता देते हैं?
- क्या आप अपनी तीनों गतिविधियों—आत्मिक devotions, सामाजिक करुणा, और समानता के लिए संघर्ष—में संतुलन बनाते हैं?
कहानी-संदेश का संक्षेप
यहेजकेल 18:5 यह दर्शाता है कि परमेश्वर सीधे उन लोगों को सम्मान देता जो धार्मिक शब्दावली से आगे बढ़कर न्यायप्रिय और धर्मी जीवन जीते हैं। उनका आचरण यह दर्शाता है कि परमेश्वर की इच्छा उनके साथ है और वह उनके साथ है, जब वे सत्य, दया और सत्यनिष्ठा के साथ चलते हैं।
हिंदी पाठ-आधारित उद्धरण (संक्षेप)
“जो कोई धर्मी हो, और न्याय और धर्म के काम करे,” यह वाक्य धर्म और न्याय के संतुलित जीवन की दिशा देता है।
Cross-References उल्लेख
यशायाह 1:17 — सीखने के साथ करुणा और न्याय की ओर प्रेरित होना।
याकूब 1:27 — “आत्मा-परमेश्वर के अनुसार व्यावहारिक धर्म” का महत्व।
यूहना 3:21 — जो सच को मानते हैं वे उजागर होते हैं, परन्तु छल करने वाले अंधकार में रहते हैं।
नोट: नीचे दिए गए स्पष्ट उद्धरण किसी भी स्पष्ट-स्थिर पाठ से लिए गए हैं, किन्तु यहाँ संक्षेप रूप से बताए गए हैं; यदि आप चाहें तो मूल टिप्पणियों के उद्धरण भी संदर्भित कर सकते हैं।
सूत्रधार-नोट्स
यह टिप्पणी मत्ती हेनरी, अल्बट Barnes और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी-टिप्पणियों के सामान्य विचारों पर आधारित एक समेकित सार देती है। उनके विचारों के संक्षिप्त संदर्भ पाठ में शामिल हैं, परन्तु यहाँ पूर्ण उद्धरण नहीं दिए गए हैं ताकि मूल संदेश स्पष्ट रहे।