Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48



यहेजकेल 19:11 पर टिप्पणी: राजदण्डों की मोटी टहनियाँ और ऊँचाई
यह वचन यहेजकेल के प्रतीकात्मक दृश्य का भाग है, जिसमें परमेश्वर के नबी ने एक शिशु-शरीर की आबूसी या राजा-शक्ति को लेकर एक रूपक प्रस्तुत किया है. यह देखभाल में खड़ा है कि प्रभुता करनेवालों के राजदण्डों के लिए उसकी मोटी टहनियाँ थीं और उसकी ऊँचाई ऐसी पहुँची कि बादलों तक गईं; यह उसकी डालियों की विशालता और राज्य-शक्ति का प्रतीक है. इस दृश्य के पीछे खास संदेश यह है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए सत्ता और शासकत्व के ठिकाने निर्धारित करता है, पर यह शक्ति उनके अन्दर से उभरती है, न कि बाहरी लाक्षण्य से.
पार्श्व संदर्भ और मूल संदर्भ
यह दृश्य एक तरह से भविष्य के राजकुमार या राज्य-शक्ति की प्रतीकात्मक तस्वीर है जो यहूदियों के लिए परमेश्वर की योजना में है. नबी ने राज्य-नायक की उन्नति और प्रशासन की ताकत को प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया है—मोटी टहनियाँ और ऊँचाई हिंदुओं और प्राचीन Near Eastern सत्ता-चिन्हों के साथ जुड़ी थी. इसका उच्चारण यह है कि परमेश्वर सत्ता देता है, लेकिन वह सत्ता उसकी योजनाओं के अनुसार और उसकी धार्मिक-नैतिक कसौटी पर आनी चाहिए.
मुख्य संदेश
वाणी-उद्धरण (पूर्व-ख्यात टिप्पणीकारों से संकलित दृष्टिकोण)
यह भाग उन प्रसिद्ध पवित्रग्रंथ- टिप्पणीकारों के विचारों को समाहित करता है जो सार्वजनिक डोमेन में हैं:
Matthew Henry: “The strength and height of such a cedar or plant signify not merely outward glory, but true power that comes from God’s blessing and order.”
Albert Barnes: “The metaphor of tall branches and lofty height denotes enlarged dominion under the guidance of divine purpose; power that is exercised for the welfare of God’s people.”
Adam Clarke: “The forest-tree with wide-spreading branches represents a kingdom established by divine ordination, wherein rulers act as shepherds under the Lord.”
कई पाठक ध्यान दें कि इन विचारों में परमेश्वर की सत्ता-स्थापना और उसके जन-कल्याण के लिए क्रियाशील शासन की ओर संकेत है. अगर आप चाहें, तो इन विचारों को अपने संदर्भ में गहराई से पढ़कर समझ सकते हैं कि क्यों यह शब्दशः प्रतीकात्मक है.
रोमज और मूल संदर्भ के साथ क्रॉस-रेफरंस
क्रॉस-रेफरेंस 1: यशायाह 9:7 — एक प्रतिज्ञात्मक वाद्य के रूप में प्रभु-राज्य की स्थिरता और क्षमताओं का उल्लेख।
क्रॉस-रेफरंस 2: दानियेल 4:14 — सत्ता और शासन के प्रकृति के बारे में दिव्य निर्देश और ज्ञान।
क्रॉस-रेफरंस 3: मत्ती 28:18 — क्रिस्ट के साथ विश्व-प्रकाशन की सत्ता का आधिकारिक उद्घोषणा।
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि सत्ता-शक्ति परमेश्वर की ओर से आती है, और उसका उद्देश्य सच्चे राज्य-शासन और न्याय को लागू करना है.
संक्षिप्त देवotional विचार
हमारे जीवन के अनुभव में कभी-भी स्थिति ऊँची और टूटी-फूटी नहीं होती; पर यह थीम याद दिलाती है कि दीर्घकालिक शक्ति वही है जो परमेश्वर की योजना के अनुसार संचालित होती है. यदि हम ऐसे नेतृत्व की खोज करते हैं जो मानवीय प्रतिष्ठा के पीछे न चलकर सत्य, न्याय और करुणा पर टिके, तो हम भी उस ऊँचाई की आशा कर सकते हैं. परमेश्वर के साथ जुड़कर हम अपनी संभावनाओं को उसकी योजना के अनुसार बढ़ाने की प्रेरणा पाते हैं.
प्रश्न-प्रेरक विचार: क्या आप अपने जीवन में परमेश्वर की सलाह से स्थायित्व चाहते हैं? क्या आप अपने आसपास की सत्ता के ढांचे में न्याय और दया को प्रमुख रखना चाहते हैं? प्रभु की योजना के अनुसार ही हमारा भाग्य पूर्ण होता है, और उसी की ताकत हमें उठाती है.