Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 43:10 पर टिप्पणी: नमूना दिखाने का उद्देश्य
यह पद यहेजकेल पुस्तक के उस भाग से है जहाँ परमेश्वर अपने भविष्य के मंदिर की भव्यता का भेद खोलते हैं और यहूदियों को समझाते हैं कि क्यों उन्हें पाप के कारण लज्जित होना चाहिए ताकि वे सही ढंग से पुनःनिर्माण की दिशा में कदम बढ़ाएं। इस संदर्भ में परमेश्वर यह निर्देश देता है कि मनुष्य अपने घराने को इस भवन का नमूना दिखाए ताकि वे अपनी धारणा और कार्यों के परिणाम को देख सकें और वे अपने अधर्म से घबराकर नमूने को मापें। यहाँ नमूना सिर्फ शिल्प-कला या संरचना नहीं है, बल्कि वह आदर्श है जो परमेश्वर के आधिकारिक रहने की जगह के साथ जुड़ा है।
केंद्रीय आशय
इस verse का मूल संदेश यह है कि सत्य और पवित्रता के मानदंडों को समझ पाने के लिए लोगों को एक स्पष्ट नमूना दिखाया जाना चाहिए। यह नमूना उनके भीतर की बुराई, धर्मनिष्ठा की कमी, और समाज में टूट-फूट को उजागर करता है ताकि वे दया और सुधार के रास्ते पर लौटें। यह एक सामर्थ्यपूर्ण बुलावा है कि लोग अपने अधर्म के कारण शर्मसार हों और उद्धार के लिए सच्चे पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाएं।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध पाठ
यह पाठ अन्य हिस्सों के साथ एक संगति में है जो पवित्र स्थान, मंदिर के महत्त्व और परमेश्वर की उपस्थिति के दायरे की स्पष्टता को सामने लाते हैं:
व्यावहारिक चिंतन
हम आज कैसे इस नमूना से सीख सकते हैं? स्वयं के आचरण और संस्थागत रीति-रिवाजों का मूल्यांकन करें। क्या हमारे जीवन में परमेश्वर की महिमा सर्वोपरि है, या हम अपने स्वार्थों के नमूनों को बना लेते हैं? कमजोर हिस्सों को पहचानकर सच्चे 반성 और सुधार की योजना बनाएं—पासा पलटने का समय तभी आता है जब हम अपनी त्रुटियों के सामने शर्मिंदा हों और उद्धार की ओर अग्रसर हों।
तीनों cross-reference और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
छोटी टिप्पणी: पुराने दाय के महत्त्व को समझना
यहेजकेल के नमूना संवाद का अर्थ यह है कि पवित्रता और आदर्शों से भरे स्थल की अपेक्षा केवल योजना नहीं, बल्कि हृदय परिवर्तन भी आवश्यक है। यदि लोग केवल बाहरी ढांचे को देखकर खुश रहते हैं, तो नमूना अपने उद्देश्य को खो देगा। इसके विपरीत, जब अधर्म से शर्म आकर नया जीवन आरंभ किया जाए, तब ईश्वर की महिमा पुनः स्थापित होगी।
छोटा निष्कर्ष
यहेजकेल 43:10 हमें याद दिलाता है कि नमूना केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक पवित्र आह्वान है—अपनी चूक स्वीकारकर पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि परमेश्वर की उपस्थिति पवित्र शांति के साथ स्थिर रहे।
उद्धरण-नोट: नीचे उद्धरण केवल Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से उपलब्ध हो तो उद्धृत किए जाते हैं (अगर इनमें से कोई पद सीधे उपलब्ध हो)।