Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 44:1 यहेजकेल 44:2 यहेजकेल 44:3 यहेजकेल 44:4 यहेजकेल 44:5 यहेजकेल 44:6 यहेजकेल 44:7 यहेजकेल 44:8 यहेजकेल 44:9 यहेजकेल 44:10 यहेजकेल 44:11 यहेजकेल 44:12 यहेजकेल 44:13 यहेजकेल 44:14 यहेजकेल 44:15 यहेजकेल 44:16 यहेजकेल 44:17 यहेजकेल 44:18 यहेजकेल 44:19 यहेजकेल 44:20 यहेजकेल 44:21 यहेजकेल 44:22 यहेजकेल 44:23 यहेजकेल 44:24 यहेजकेल 44:25 यहेजकेल 44:26 यहेजकेल 44:27 यहेजकेल 44:28 यहेजकेल 44:29 यहेजकेल 44:30 यहेजकेल 44:31



यहेजकेल 44:31 का सरल अर्थ
इस पद का सीधा अर्थ है: जो कुछ अपने आप मरे या फाड़ा गया हो, चाहे पक्षी हो या पशु उसका माँस याजक नहीं खाए। सामान्यतः यह नियम याजक के भोजन के नियमों से जुड़कर बतलाता है कि किसी भी मौत से प्राप्त मांस अथवा शव पर फंसे भागों को पवित्र व्यवस्था के भीतर श्रद्धेय गर्माहट के साथ नहीं खाया जाना चाहिए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोवा का संदेश पवित्रता और Priestly व्यवस्था के पालन के बारे में है। यहे 44 में याजकों के कर्तव्यों के भीतर पवित्रता के मानक स्पष्ट किये जाते हैं, ताकि परमेश्वर के पवित्रस्थान और धार्मिक आचरण में असंगतता न रहे। इस अध्याय के अंतर्गत याजकों के भागीदारी-योग्यता के नियम और उनके भोजन की पवित्रता की बात कही गई है, ताकि वे आम लोगों से अलग एक विशिष्ट सेवा बना सकें।
पढ़ने योग्य पर्यवेक्षण
संरचित विचार
इस वचनों में तीन प्रमुख विचार उभरते हैं: पवित्रता की सीमा, धार्मिक आचार-व्यवहार की दूरी, और सेवा के उन्नयन के लिए आत्म-नियंत्रण की आवश्यकता। यदि याजक इन नियमों से विचलित हों तो वे परमेश्वर की सेवा के मानकों से विचलन में होंगे।
कनिष्ठ क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त अर्थ)
- विचार करें: लोग किस प्रकार पवित्रता के मानकों के साथ संगत रहते हैं, जैसे कि लीविटेकस और बैराके के अन्य नियम।
- संदर्भ: अन्य जगह याजकों के पवित्र आचरण के नियमों के साथ शरीर-अपशिष्ट से जुड़ी चीजें भी आयोजित हैं; यह दिखाता है कि सामान्य लोगों के लिए भी पुण्य-नियंत्रण जरूरी है।
- संरक्षित संदेश: मरकट शवों से सीधे जुड़ा पदार्थ एक सामाजिक-धार्मिक पवित्रता के निशान को ध्वस्त कर सकता है—याजक को इससे दूर रहना चाहिए।
टिप्पणीधारा (संक्षेपित सार)
डेस्क्रिप्शन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से मिलते-जुलते संकेत मिलते हैं, कि यह व्यवस्था पवित्रता और सेवा-योग्यता की कसौटी है। वे अक्सर कहते हैं कि पवित्र स्थान पर सामान्य मांस-भोजन से हटकर नियमों की कड़ाई के पीछे विशिष्ट उद्देश्य होता है: केन्द्रीय परमेश्वर के समुदाय की separation और भौतिक-आचरण की एकात्मकता। किसी भी निषेध के पीछे धार्मिक महत्त्व है, ताकि याजक-सेवा मंद नहीं पड़े और लोगों पर परमेश्वर की पवित्रता स्पष्ट हो।
संक्षिप्त मार्गदर्शक निष्कर्ष
— पवित्रता के मानक सभी सेवकों के लिए अनिवार्य हैं।
— शव से प्राप्त मांस पर नियंत्रण, वाहन-प्रकृति और धार्मिक आचरण को एक-सा बनाए रखने में मदद करता है।
— याजक-समुदाय का आचरण दूसरे लोगों के लिए एक नमूना बनता है कि परमेश्वर की पवित्रता सभी के लिए उच्चतम लक्ष्य हो।
अनुकूलित बोध
इस verses का व्यवहारिक takeaway यह है: धर्म-कार्य में पवित्रता और स्पष्ट सीमाओं का पालन वित्त और शक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है, ताकि परमेश्वर के पवित्र स्थान में विश्वास और सेवा बिना विघ्न के आगे बढ़ सके।