Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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गलातियों 1:5 — “उसकी महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।”
पाठ का संक्षिप्त संदर्भ: लगभग सभी लेखन में प्रेरित पवित्र ग्रंथ एकत्रित रूप में एकतापूर्ण संदेश देता है कि यीशु मसीह की कृपा से हमें अनुग्रह मिला है और उसका उद्धार कार्य कभी समाप्त नहीं होता। गलातियों के पत्र में प्रेरित पौलुस इस बात पर बल देता है कि विकृत धारणाओं से मुक्त रहने के लिए हम सच उद्धारकर्ता के कल्याणमय काम पर टिके रहें। Verse 5 में ‘युगानुयुग’ का शब्दगठन उस स्थिर भक्ति-गुण के प्रति आश्वासन देता है जो समय की रेखा से परे है।
मुख्य 의미
यह वाक्य पौलुस के एक भावपूर्ण समापन वक्तव्य का भाग है, जहाँ वह परमेश्वर की महिमा को प्रधान मानते हैं और कहते हैं कि जय-जयकार केवल ईश्वर के प्रति हो सकती है, जो हमें उद्धार देता है। उसका उद्धार-कार्य और अनुग्रह अब भी उतना ही प्रभावी है जितना शुरू में था; इसमें परिवर्तन नहीं आता और यह काल-परक नहीं, बल्कि शाश्वत है।
दो-तीन मुख्य विषय
पवित्र-परिचय के साथ सम्बन्धित_passages
यह वाक्य अन्य प्रेरित लेखन के साथ संगत है जो उद्धार के स्थायित्व को बखानते हैं:
इन संदर्भों में देखना आता है कि उद्धार का स्रोत और उसका प्रभाव ईश्वर की स्थिर कृपा है, जो समय से परे है और हमारे विश्वास के साथ क्रमबद्ध रहता है।
व्यावहारिक चिंतन
हम कैसे उत्तर दें? बाइबल के अनुसार, विश्वास रखते हुए उद्धार की गवाही देना और उसकी कृपा के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। जीवन के कठिन क्षणों में भी हम आकर्षण नहीं बढ़ाते, बल्कि प्रभु की महिमा को केन्द्रित रखते हैं—यही हमारा स्थायित्व है।
संक्षिप्त सार
गलातियों 1:5 यदि पढ़ें, तो हमें उद्धार की कुँजी के रूप में एक अचल और महान सच मिलते हैं: परमेश्वर की महिमा युगानुयुग बनी रहे। आमीन। यह कहना कि उद्धार का काम समय से परे है, हमें विश्वास, नम्रता और सतत प्रार्थना की राह दिखाता है।
पूर्ववर्ती टिप्पणी से संLinked विचार
हिंदी अनुवादित पाठ HINIRV के अनुसार, यह अंतिम टिप्पणी उद्धार की अचल शक्ति और परमेश्वर-केवल महिमा पर बल देती है।