Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
गलातियों 3:1 गलातियों 3:2 गलातियों 3:3 गलातियों 3:4 गलातियों 3:5 गलातियों 3:6 गलातियों 3:7 गलातियों 3:8 गलातियों 3:9 गलातियों 3:10 गलातियों 3:11 गलातियों 3:12 गलातियों 3:13 गलातियों 3:14 गलातियों 3:15 गलातियों 3:16 गलातियों 3:17 गलातियों 3:18 गलातियों 3:19 गलातियों 3:20 गलातियों 3:21 गलातियों 3:22 गलातियों 3:23 गलातियों 3:24 गलातियों 3:25 गलातियों 3:26 गलातियों 3:27 गलातियों 3:28 गलातियों 3:29



गलातियों 3:20 पर टिप्पणी
संक्षेप अवलोकन: गलातियों के इस पाठ में पौलुस ईश्वरीय दिग्दर्शकता और मध्यस्थ की भूमिका को स्पष्ट करते हैं। एक से अधिक मध्यस्थ के स्थान पर एक ही मध्यस्थ की सार्वभौमिकता पर बल दिया गया है। यह वाक्य परमेश्वर के एकत्व और विश्वास through Christ के दायरे में आने वाले शास्त्रीय सिद्धांतों को दृष्टिगत करता है—कि परमेश्वर एक ही हैं और उनका चयित व्यक्ति केवल यीशु मसीह में प्रकट होता है।
पद का पाठ-आधार और अध्याय के संदर्भ
“मध्यस्थ तो एक का नहीं होता, परन्तु परमेश्वर एक ही है।”
यह विचार गलातियों की चिट्ठी के संदर्भ में है जहां यीशु मसीह के माध्यम से आस्था के रूपांतरण और परमेश्वर की प्रत्यक्षता का उल्लेख किया गया है। पवित्रता का यह मार्ग न तो व्यवस्था के कर्मों से स्वतंत्र रहता है और न ही बार बार किए जाने वाले आचरणों से—बल्कि विश्वास के मार्ग से जो परमेश्वर के एकत्व में स्थिर है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुकूलित सन्देश: जीवन पर प्रभाव
यह verses हमें यह सीखााती है कि ईमान में एकता कैसे काम करती है—न तो इंसानी योजनाओं से, और न ही बहु-उत्पन्न परंपराओं से। संसार में भिन्न-भिन्न धार्मिक पथ होने पर भी, मसीह के द्वारा एक ही परमेश्वर के सामने आकाशीय सत्ता और न्याय स्पष्ट हो जाती है। हमारे दैनिक जीवन में इसका परिणाम है—एकता की मांग, अन्याय के विरुद्ध सत्य की खोज, और दयालु प्रेम जो सारे दिलों को जोड़ता है।
अनुकरणीय क्रियाएं और दृष्य-उद्धरण
पश्चात्ताप और विश्वास द्वारा एक जीवित संबंध बनते हैं और वह भी एक ही परमेश्वर के साथ। नीचे दी गई सूचनाएं संदर्भ-सहायक हैं:
प्याऊं-चिन्हित उपदेश और सावधानियाँ
प्रश्न उठता है: क्या यह एकत्व केवल शास्त्रीय मतों का विषय है या यह हमारे रिश्ते का वास्तविक ढांचा बनता है? उत्तर है—यह दोनों। परमेश्वर एक ही हैं और हमारे विश्वास का मार्ग एक-सी यीशु मसीह के द्वारा स्पष्ट होता है। इसलिए-
Cross-reference संकेत
इन पंक्तियों के साथ निम्न संबंध बनते हैं:
सारांश
गलातियों 3:20 हमें यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर एक हैं और उनका कानून, कृपा, और उद्धार यीशु मसीह में एकीकृत है। मध्यस्थ का एकत्व ही यह दर्शाता है कि ईमान का रास्ता व्यक्तिगत नहीं, बल्कि परमेश्वर के एकत्व के भीतर पूरी तरह स्थिर है। इसके द्वारा हम अपने विश्वास को एकता, विनम्रता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाते हैं।
नोट: नीचे दी गई पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से मिलती जुलती संधियाँ हैं। קצר उद्धरण उपलब्ध होने पर उद्धृत हैं:
“ਮध्यस्थ तो एक का नहीं होता” (उद्धरण नहीं; पाठ का मूल विचार) — Matthew Henry की टिप्पणियाँ इस एकत्व में गहराई से प्रतिध्वनित होती हैं कि क्रूस पर चढ़े मसीह के बिना कोई उद्धार नहीं।
“The Godhead is one” प्रकार के विचार Barnes और Clarke के-commentary में बार-बार दिखते हैं, जो परमेश्वर के एकत्व पर बल देते हैं।