Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
गलातियों 3:1 गलातियों 3:2 गलातियों 3:3 गलातियों 3:4 गलातियों 3:5 गलातियों 3:6 गलातियों 3:7 गलातियों 3:8 गलातियों 3:9 गलातियों 3:10 गलातियों 3:11 गलातियों 3:12 गलातियों 3:13 गलातियों 3:14 गलातियों 3:15 गलातियों 3:16 गलातियों 3:17 गलातियों 3:18 गलातियों 3:19 गलातियों 3:20 गलातियों 3:21 गलातियों 3:22 गलातियों 3:23 गलातियों 3:24 गलातियों 3:25 गलातियों 3:26 गलातियों 3:27 गलातियों 3:28 गलातियों 3:29



गलातियों 3:6 पर टिप्पणी — संदर्भ और केंद्रीय संदेश
यह पद युहन्ना-प्रधान विश्वासी-पथ की पहली कड़ी के भीतर आता है, जहाँ पौलुस ने यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर के प्रति विश्वास ही धार्मिकता (इसकी असली मान्यता) का आधार है। समय-संदर्भ में, परमेश्वर ने अब्राहम को भविष्यवाणी की वस्तु के रूप में आशीष दी और कहा कि उसकी विश्वास ने उसे धार्मिकता के योग्य ठहराया। यह विचार बनावट देता है कि व्यवस्था के उपदेशों से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन के विरुद्ध विश्वास रखने से आदमी धार्मिक बन सकता है। उत्पत्ति 15:6 के संदर्भ में, अब्राहम ने परमेश्वर पर विश्वास किया और यह विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिनी गई — यही कथन, ग़लातियों में नए-नए चर्चाओं के लिए आधार बनता है।
मुख्य विचार
1) विश्वास बनाम कर्म: नये नियम की दृष्टि से धार्मिकता का प्रमाण बाहरी धार्मिक कर्मों से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन पर निर्भर विश्वास से है। अब्राहम का उदाहरण दिखाता है कि भगवान की गिनती, मनुष्य की कर्म-साजिश से नहीं, वरन् विश्वास से होती है।
2) उद्धार का स्रोत: केवल व्यवस्था के नियमों से नहीं, बल्कि ईश्वर के वचन के प्रति विश्वास से उद्धार का मार्ग खुलता है। यह विषय ख्रिस्तीय स्थितियों के साथ जुड़ता है कि यीशु के आने के बाद विश्वास के द्वारा ही धार्मिकता मिलती है।
3) धर्मी होने का आचरण: धार्मिकता के दर्जे का अर्थ है परमेश्वर के साथ संलग्न होना, उसकी कृपा पर निर्भर रहना, और विश्वास के साथ समर्पण दिखाना। यह आचरण-केन्द्रित नहीं, विश्वास-केन्द्रित जीवन की ओर संकेत है।
दो-तिन प्रमुख थीम
संबद्ध पवित्र ग्रंथ उद्धरण (cross-references) एवं संक्षिप्त स्पष्टीकरण
इन संदर्भों में नज़र आता है कि धर्म-संप्रदाय से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन पर विश्वास से वास्तविक धर्मीलता बनती है, और यही प्रकटन अब्राहम के उदाहरण के साथ जुड़ा है।
व्यावहारिक अनुभूति
आप अपने जीवन में किस प्रकार परमेश्वर के वचन पर भरोसा दिखाते हैं? कठिन परिस्थितियों में भी उसकी वाचा की पुष्टि करते हुए, आप कैसे अपने विश्वास को कर्म के साथ प्रकट करते हैं? विश्वास-जीवन का अर्थ है हर दिन परमेश्वर के promissio पर निर्भर होना, न कि अपने तरीकों पर।
संक्षिप्त निष्कर्ष
गलातियों 3:6 अब्राहम के विश्वास को धार्मिकता के प्रमाण के रूप में उद्धृत करता है और बताता है कि परमेश्वर की योजना में विश्वास ही वह आधार है जिस पर धार्मिकता तुला जाती है। यह विचार नए नियम के रूप में यीशु मसीह के माध्यम से पूर्ण होता है: विश्वास से उद्धार और व्यक्तिगत परिवर्तन।
उद्धरण-नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से आवश्यक संक्षिप्त स्रोत-रेखाओं का उपयोग पंक्ति-बद्ध रूप में किया गया है जब उपयुक्त हो।