Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42



अय्यूब 11:12 का अर्थ — एक संक्षिप्त निर्देश
इस पदकथा का सरल अर्थ है: मनुष्य अपनी नादानी और निर्बुद्धि के कारण चिह्नित होता है; जन्म से ही उसकी स्थिति एक जंगली गदहे के बच्चे के समान है—अपनी प्रकृति के अनुसार अज्ञानी और असंयमी। यह वाक्य मानव पतन की वास्तविकता और दबी हुई क्षमताओं की कमी की ओर संकेत करता है, ताकि ईश्वर की अनुदानित शक्ति और उद्धार की आवश्यकता स्पष्ट हो सके।
संदर्भ-संदर्भ भाग (Contextual background)
यह पाठ अय्यूब की मित्रों की निंदा और उसकी अपनी पीड़ा के बीच स्थित है। प्राकृतिक दृष्टि से, मानव स्वभाव में सुरक्षा, बुद्धि और विवेक की कमी का चित्रण है; परन्तु परमेश्वर के न्याय के सामने यह स्वभाव प्रेरणा और उद्धार का आह्वान बन जाता है। शास्त्र में कहा गया है कि मनुष्य जन्म से पापी और निर्बुद्ध है, और यह उक्ति उन परिस्थितियों को उजागर करती है जिनमें ईश्वर की कृपा आवश्यक है।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ (Interpretive observations)
थीमेटिक बिंदु (Thematic notes)
अनुशंसा-सम्बन्धित पद(related passages) और छोटे स्पष्टीकरण
व्यावहारिक निष्कर्ष (Practical takeaway)
हम में से प्रत्येक को चाहिए कि अपनी सीमाओं को स्वीकार करें, तन-मन-आत्मा में परमेश्वर की आवश्यकता को पहचाने, और ईसाई जीवन में विवेक, नम्रता और विश्वास के साथ आगे बढ़ें। हमारी बुद्धि कितनी भी श्रेष्ठ क्यों न हो, उद्धार और परिवर्तन केवल परमेश्वर की कृपा से संभव हैं।
टेक-अप/सूक्ष्म उद्धरण (Quote notes)
यह स्थान Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायनेस्ट लेखन से मिलते-जुलते निष्कर्षों को समाहित करता है; नीचे उनके विचारों के संक्षिप्त संकेत हैं (हिंदी अनुवादित सार):