Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42



अय्यूब 17:5 का तात्पर्य: मित्रों के विरुद्ध चुगली और दुष्कर्म
यह पद अय्यूब की कठिन अवधि के भीतर एक कठोर चेतावनी देता है: जो अपने मित्रों को चुगली खाकर लूटा देता, उसके बच्चों की आँखें रह जाएँगी। यहाँ "चुगली खाकर लूटा देना" से तात्पर्य है मित्रों के बीच भरोसे को तोड़ना, qalb-घात करना, सुरक्षा और सम्मान का नुकसान पहुँचाना। यह वाक्य संकट की गहराई में एक नैतिक और सामाजिक व्यवधान को दर्शाता है: न केवल मित्रता, बल्कि परिवार की आशाओं पर भी चोट।
इस पाठ से ईश्वर की दृष्टि या विश्वास की जो बात खुलती है
ईश्वर की ओर से स्पष्ट संदेश यह है कि धोखा और कपट, विशेषकर जब वह मित्र-परिवार के बीच होता है, उसका निष्कर्ष विनाशकारी होता है। परमेश्वर समाज में सत्य-निष्ठा और विश्वासघात के विरुद्ध कठोर मापदंड स्थापित करते हैं; विश्वास उन लोगों के लिए नहीं है जो निष्ठा खो देते हैं, बल्कि उन पर है जो समुदाय की सुरक्षा और भाइचारे को बनाए रखते हैं। यह वाक्य मुसीबत के समय नैतिकता के स्थायित्व की मांग करता है—कृपा, ईमानदारी और दयालुता के पालन के बिना जीवन टूट सकता है।
मुख्य शब्दों/चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबंधित बाइबल पाठ
1) निरपेक्ष ईमानदारी और मित्रता के लिए प्रस्तावना: गलत व्यवहार के खिलाफ चिट्ठी-सी चेतावनी देती उपजातियों में कुल मिलाकर ईमानदार रहना। कारण: गलत व्यवहार का प्रभाव अपने समुदाय पर गहरा पड़ता है।
2) दया और न्याय का संतुलन: ईश्वर की करुणा से परे भी, सामाजिक अनुशासन आवश्यक है ताकि परिवार सुरक्षित रहे।
वर्तमान समय के लिए लागू उपदेश
- अपने मित्रों और निकट के लोगों के बीच विश्वास बनाये रखें; झूठ या चुगली से दूरी रखें।
- पारिवारिक सुरक्षा और सम्मान के लिए, भलाई के लिए सच बोलना, चुप नहीं होना ही बेहतर है।
- कठिन परिस्थितियों में भी व्यवहार में सच्चाई और नैतिक साहस बनाए रखें; dobra bhavna और निष्ठा सामाजिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।
व्याख्यात्मक सार
अय्यूब 17:5 सामाजिक विश्वास और पारिवारिक सुरक्षा पर चेतावनी देता है। पवित्र चरित्र की मांग में यह पाठ कहता है कि क्षति पहुँचाने वाले व्यवहार से समुदाय और परिवार दोनों प्रभावित होते हैं। सच और सत्यनिष्ठा के बिना जीवन में स्थिरता नहीं आ सकती। इसलिए विश्वासघात के विरुद्ध दृढ़ नैतिक खड़ा रहना आवश्यक है।
मूल पाठ पर आधारित क्रॉस-रेफरेंसेस
- विश्वासघात के नतीजे: परिवार और समुदायों में टूटन के बारे में सावधान करता है; सत्कार और ईमानदारी की महत्ता स्पष्ट करता है।
- मित्रता और भरोसे के संरक्षण: एक-दूसरे के साथ भरोसेमंद संबंध बनाए रखना न सिर्फ निजी सौहार्द के लिए, बल्कि समुदाय के लिए भी अनिवार्य है।