Old Testament
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अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42Verse
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अय्यूब 37:19 का अर्थ संक्षेप में
यह पद अय्यूब के मित्रों के तर्कों और दलीलों के पीछे भावनात्मक और बोधात्मक अंधकार को उजागर करता है। अंततः यह कहा जा रहा है कि लोगों को परमेश्वर से बात करने से पहले उनकी समझ और आवाज स्पष्ट होनी चाहिए; वे नहीं जानते कि उसे क्या कहें या कैसे प्रस्तुत करें, क्योंकि अंधकार में व्याख्या करना कठिन है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोवा के वचन में अय्यूब के दुख-संसार के मध्य यह उद्धरण आता है। मित्रों के तर्क-तर्क के बीच अय्यूब यह कह रहा है कि वे उनसे क्या कहेंगे ताकि परमेश्वर के सामने उचित और स्पष्ट बात हो सके। यह भाग प्राकृतिक संवाद संकेत देता है कि मानव की शिक्षा और कठोर तर्क भी शुद्ध दिव्य ज्ञान के समकक्ष नहीं है; ईश्वर की योजना में पूर्ण तर्क की कठोरता नहीं, बल्कि उसकी प्रेरणा की आवश्यकता है।
interpretive observations
छोटी थीमेटिक सूची
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त व्याख्या
यशायाह 55:8-9— परमेश्वर के मार्ग और अभीष्ट वेहद ऊँचे हैं; मनुष्य की योजना उन्हीं के अनुसार ढलती है जब वह उनकी कृपा और योजना को स्वीकार करता है।
नीतिसमाचार 3:7— विनम्रता से परमेश्वर के सामने आने पर ही ज्ञान में वृद्धि होती है, अहंकार नहीं।
उद्धहरण 2:6— केवल प्रभु के द्वारा ज्ञान प्राप्त होता है; मनुष्य की समझ उस पर निर्भर नहीं रहती।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम जब कठिनाई में हों या बहस में उलझें, तब शब्दों के चयन से पहले परमेश्वर की सहायता माँगें। अंधकार में भी उचित छोटी-छोटी प्रार्थनाएँ और विनम्र विचार मार्ग दिखाते हैं।
इष्ट चिन्ह: हमारे विचारों की सीमा को पहचानना, परमेश्वर के प्रकाश की प्रतीक्षा करना, और तत्कालिक तर्कों के बजाय दैवी प्रेरणा को prioritize करना।
उद्धृत संहिता (महत्वपूर्ण नोट)
यह पंक्ति सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के लेखों से किसी विशिष्ट उद्धरण का पुर्ण पाठ नहीं देती; यदि इनके आसपास के विचार स्वीकृत हैं, वे संकलन में संक्षेप रूप में सम्मिलित हैं।