Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 13:1 यूहन्ना 13:2 यूहन्ना 13:3 यूहन्ना 13:4 यूहन्ना 13:5 यूहन्ना 13:6 यूहन्ना 13:7 यूहन्ना 13:8 यूहन्ना 13:9 यूहन्ना 13:10 यूहन्ना 13:11 यूहन्ना 13:12 यूहन्ना 13:13 यूहन्ना 13:14 यूहन्ना 13:15 यूहन्ना 13:16 यूहन्ना 13:17 यूहन्ना 13:18 यूहन्ना 13:19 यूहन्ना 13:20 यूहन्ना 13:21 यूहन्ना 13:22 यूहन्ना 13:23 यूहन्ना 13:24 यूहन्ना 13:25 यूहन्ना 13:26 यूहन्ना 13:27 यूहन्ना 13:28 यूहन्ना 13:29 यूहन्ना 13:30 यूहन्ना 13:31 यूहन्ना 13:32 यूहन्ना 13:33 यूहन्ना 13:34 यूहन्ना 13:35 यूहन्ना 13:36 यूहन्ना 13:37 यूहन्ना 13:38



पाठ का संक्षेपिक अवलोकन
यूहन्ना 13:30 में प्रकाशित वाक्य एक क्षणिक, पर महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है—येशु ने जेम्स और अन्य शिष्यों के साथ शब्दों को पूरा करने के बाद जो घटित हुआ, वह तुरन्त बाहर चले जाना है और रात्रि का समय बताता है कि घटनाओं की समय-सारिणी कैसे बदली। यह वाक्य गहरे व्यक्तिगत विश्वास, दोष और उद्धार के पारस्परिक संबंध की झलक देता है: फिरौन और निंदास्पद निर्णयों के बीच यीशु की एकाग्रता और शिष्यों पर उनका आशीर्वचन। इस टिप्पणी में हम इस वाक्य के भावार्थ, अध्याय के context, और उससे मिलने वाले आस्थागत सबक को स्पष्ट करने का प्रयास करते हैं।
पाठ के अध्याय में यह वाक्य क्या बताता है
योहन्ना योहन्ना-गुण के अनुसार, यह घटना नवसमय के भीतर घटित होती है। Jesus ने अपने 마지막 भोजन-समय के पश्चात् एक टुकड़ा (यहूदी संदर्भ में बिशपिक परंपरा के अनुरूप) लेकर बाहर चले जाने का संकेत दिया। यहपूर्ण घटना मानव इतिहास के मोड़ पर एक निर्णायक कदम को दर्शाती है—परिणामतः रात का समय दिखाता है कि पृथ्वी पर अंधकार और जुदाई का क्षण आ पहुँचा था।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) विवेक और प्रतिबद्धता: शिष्यों के साथ मैत्रीपूर्ण समय के बीच भी यीशु ने अपनी पथ-निर्देशन में स्पष्टता बनाए रखी—यद्यपि बाहर जाना था, पर यह कदम उनकी और ईश्वर की योजना का भाग था।
2) अंधकार के समय में विश्वास: “रात्रि का समय” संकेत देता है कि सत्य और प्रेम अंधकार के बीच भी प्रकट रहते हैं; यह शिष्यत्व के लिए एक आह्वान है कि प्रेरित अपनी आँखें ईश्वर की योजना पर केंद्रित रखें।
अन्यप्रमुख बाइबिल क्रॉस-रेफरेंस
इन क्रॉस-रेफरेंस में एक सामान्य धागा है: अंधकार के बीच भी ईश्वर की योजना निष्कलंक नहीं है, बल्कि प्रेम और वफादारी से भरी है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
समरी
यूहन्ना 13:30 का यह छोटा वाक्य एक बड़ी ध्वनि देता है: अंधकार के समय में भी ईश्वर की योजना पर विश्वास और प्रेम के साथ चलना चाहिए। यह शिष्यत्व को नया मोड़ देता है—दृढ़ विश्वास, स्पष्ट निर्णय, और सेवक-प्रेम की मिसाल।
संक्षेपित उद्धरण (माथ्यू हेन्री, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क से)
यदि उपलब्ध हो, इन पवित्र-लेखकों के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरणों को यहाँ उल्लेख किया जाएगा।