Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
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लैव्यव्यवस्था 18:20 — तुरंत संदर्भ और आध्यात्मिक अर्थ
पद के तत्काल पृष्ठभूमि में यह निषेध है कि एक व्यक्ति अपने भाई की पत्नी के साथ कुकर्म करे—यह अशुद्धता और सामाजिक-परिवार के धर्मी संबंधों के उल्लंघन को दर्शाता है। इस अध्याय में धार्मिक कानूनों के साथ सामाजिक-आचरण के मानक स्पष्ट होते हैं ताकि समुदाय पवित्रता और भाईचारे के आधार पर टिके रहे।
पद से उजागर हुआ परमेश्वर का चरित्र और विश्वास
यह वचनों का उद्देश्य हमारे लिए पवित्रता का मानक निर्धारित करना है। परमेश्वर यह चाहता है कि परिवार के बंधन और सामाजिक व्यवस्था नष्ट न हों; हर व्यक्ति अपने पड़ोसी और परिवार के सदस्यों से सम्मानपूर्वक और निष्पक्ष व्यवहार करे। यह कानून दूसरों के अधिकारों के सम्मान, प्रेम और सत्यता की मांग करता है, ताकि समुदाय में अत्याचार और छल से बचा जा सके।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
“अपने भाई बन्धु की स्त्री से कुकर्म” इस वाक्य से संकेत मिलता है कि पारिवारिक संबंधों के पवित्रता के नियम तोड़े जाने पर सामाजिक-धार्मिक अशुद्धता फैलती है। यहाँ अशुद्धता केवल दुष्कर्म का नहीं, बल्कि पवित्र समझौते और भरोसे के उल्लंघन का भी प्रतीक है।
समान विचार वाले उद्धरणों के साथ संदर्भ
यहां प्रमुख समकक्ष विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकलन से मिलते-जुलते संरक्षण प्रस्तुत होते हैं:
इन टिप्पणीकारों के मिलते-जुलते निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि रिश्तों की पवित्रता और नैतिक सीमाओं का उल्लंघन परमेश्वर के बीच विश्वास और समुदाय के बराबर के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
संलग्न पाठ ( related passages )
1) अन्य जगहों पर रिश्ते की पवित्रता पर जोर: परिवार के सदस्यों के बीच उचित सीमाओं की याद दिलाने वाले निर्देश।
2) सामाजिक कानून और धार्मिक निर्देश का संयोजन: व्यक्तिगत आचरण की नैतिकता समाज के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
3) प्रेम और ईमानदारी से सम्बंधित आगे के नियम: पड़ोसियों के प्रति सम्मान और विश्वसनीयता बनाए रखना।
आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग
यह पाठ हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के निर्देश केवल नियम नहीं हैं, वे हमारे समुदाय के स्वास्थ्य और स्थिरता के ढांचे बनाते हैं। यदि हम रिश्तों की पवित्रता को संजो कर रखें, तो समुदाय में विश्वास, सुरक्षा और प्रेम बढ़ता है।