Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
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लैव्यव्यवस्था 21:2 — लघु निष्कर्ष
सीधे अर्थ की पुष्टि: “अपने निकट कुटुम्बियों, अर्थात् अपनी माता, या पिता, या बेटे, या बेटी, या भाई के लिये,” यह वचन परिवार के भीतर जीवित रहने, प्रेम और सुरक्षा के दायरे को दर्शाता है। यहाँ परमेश्वर परिवार के सदस्यों के प्रति जिम्मेदारी, संबंधों की महत्ता और सम्मान की व्यवस्था प्रस्तुत करता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह नियम लैव्यव्यवस्था में है, एक व्यवस्था जिसका केंद्र परमेश्वर के अनुशासन, पवित्रता और धार्मिक-नैतिक जीवन के नियम दर्शाता है। परिवार, खासकर माता-पिता और बंधु, समुदाय के ढांचे के मूलस्तंभ हैं। जब सामाजिक व्यवस्था मजबूत होती है, तब चर्चित आचरण और न्याय भी सुचारु रहते हैं।
व्याख्यात्मक विचित्रताएं
सूझ-बुझ के संकेत
पवित्र पाठ से संबंधी क्रॉस-रेफरेंसे
– पाँचवां_COMMAND: “शील्डिंग, सम्मान और परिवार के प्रति जिम्मेदारी” के दृष्टिकोण के साथ, छंद के नज़दीकी संदर्भ—येसु के शिक्षाओं में भी रिश्तों की मर्यादा और प्रेम पर बल दिया गया है।
– संदर्भ 1: साम vertrage—परिवारिक सम्मान का मूल—यह दर्शाता है कि सामाजिक व्यवस्था तब मजबूत होती है जब परिवार एकताबद्ध रहते हैं।
– संदर्भ 2: प्रस्थान-उद्धार की योजना—पिता, माता, पुत्र और दाम्पत्य के स्वस्थ संबंधों से समुदाय में नैतिकता और करुणा फैलती है।
संक्षिप्त निष्कर्ष और व्यवहारिक takeaway
परिवार एकेश्वर के बिना समाज अधूरा है—इसलिए माता-पिता, पुत्र और बेटी, भाई-बहन के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी बनाए रखना आवश्यक है। हर सदस्य का अधिकार और कर्तव्य स्पष्ट हो, ताकि प्रेम का सच्चा चेहरा दिखे और समाज में स्थायित्व रहे।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (पवित्र टिप्पणीकारों से निष्कर्ष)
यहाँ सीधे पाठ से उद्धरण नहीं दिए जा रहे हैं, पर चिह्नित विचाराधाराओं में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट मार्गदर्शन से प्राप्त सामान्य सार को समाहित किया गया है।
संदर्भ-नोट
नीचे दिए गए क्रॉस-रेफरेंसेज केवल विचार के प्रेरक संकेत हैं और पूर्ण टेक्स्ट उद्धृत नहीं हैं: