Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
लैव्यव्यवस्था 23:1 लैव्यव्यवस्था 23:2 लैव्यव्यवस्था 23:3 लैव्यव्यवस्था 23:4 लैव्यव्यवस्था 23:5 लैव्यव्यवस्था 23:6 लैव्यव्यवस्था 23:7 लैव्यव्यवस्था 23:8 लैव्यव्यवस्था 23:9 लैव्यव्यवस्था 23:10 लैव्यव्यवस्था 23:11 लैव्यव्यवस्था 23:12 लैव्यव्यवस्था 23:13 लैव्यव्यवस्था 23:14 लैव्यव्यवस्था 23:15 लैव्यव्यवस्था 23:16 लैव्यव्यवस्था 23:17 लैव्यव्यवस्था 23:18 लैव्यव्यवस्था 23:19 लैव्यव्यवस्था 23:20 लैव्यव्यवस्था 23:21 लैव्यव्यवस्था 23:22 लैव्यव्यवस्था 23:23 लैव्यव्यवस्था 23:24 लैव्यव्यवस्था 23:25 लैव्यव्यवस्था 23:26 लैव्यव्यवस्था 23:27 लैव्यव्यवस्था 23:28 लैव्यव्यवस्था 23:29 लैव्यव्यवस्था 23:30 लैव्यव्यवस्था 23:31 लैव्यव्यवस्था 23:32 लैव्यव्यवस्था 23:33 लैव्यव्यवस्था 23:34 लैव्यव्यवस्था 23:35 लैव्यव्यवस्था 23:36 लैव्यव्यवस्था 23:37 लैव्यव्यवस्था 23:38 लैव्यव्यवस्था 23:39 लैव्यव्यवस्था 23:40 लैव्यव्यवस्था 23:41 लैव्यव्यवस्था 23:42 लैव्यव्यवस्था 23:43 लैव्यव्यवस्था 23:44



लेवव्यवस्था 23:18 का सरल व्याख्या और संदर्भ
यह वचन जेनोटिक तौर पर यीशू और प्राचीन यहूदीय चढ़ावों के एक विशेष प्रकार के यज्ञ के नियम को दर्शाता है। सात निर्दोष भेड़ के बच्चों के साथ एक बछड़ा और दो मेढ़े—इन सबका एक साथ कुलबलि के रूप में चढ़ना, यह यहोवा के लिए सुखदायक सुगंध देने वाला होने के उद्देश्य से किया गया आह्वान है। यह बताता है कि शारीरिक बलिदान और अर्घ-स्वीकृति कैसे एक साथ आते हैं ताकि लोग परमेश्वर के सामने अपने समर्पण और पवित्रता को प्रस्तुत करें।
मुख्य अर्थ
वक्तव्य यह दर्शाता है कि यहूदी समुदाय के लिए एक विशिष्ट बलिदानी विन्यास था: सात निर्दोष भेड़ें, एक बछड़ा और दो मेढ़े, साथ में अन्नबलि और अर्घ—ये सब मिलकर यहोवा के लिए पूर्ण समर्पण को प्रकट करते हैं। यह यज्ञ सामाजिक-धार्मिक समर्पण के साथ-साथ समुदाय के एकता और पवित्रता के महत्व को भी दर्शाता है।
मुख्य विषय
संदर्भ-चित्र
यह विवरण पुराने नियम के बलिदान-प्रणालियों को समझने में सहायक है, विशेषकर निम्न उल्लेखनीय लिंक से जोड़ते हैं:
संयुक्त विचार और क्रियात्मक दृष्टिकोण
यह पाठ हमें यह सिखाता है कि ईश्वर के सामने समर्पण केवल बाहरी कर्म नहीं है, बल्कि अन्तःकरण की पवित्रता और सामाजिक व्यवहार के साथ एकीकृत होना चाहिए। एक साथ चढ़ाए गए विभिन्न प्रकार के बलिदान यह बताते हैं कि परमेश्वर एक पूर्ण, संपूर्ण और विनम्र हृदय की चाह रखते हैं। हमारे जीवन में भी सहज-सी घटनाओं में लय और एकता बनानी चाहिए—जो दूसरों के साथ प्रेम, सत्य और संयम को बढ़ावा दें।
कुछ क्रॉस-रेफरेंसेज़
कौन से जुड़े आयाम:
निष्कर्ष: लैव्यव्यवस्था 23:18 हमारे लिए एक स्मरण-चिन्ह है कि परमेश्वर के लिए हमारा समर्पण समग्र हो—शरीर, प्रार्थना, और समुदाय के हर पहलू में एकता और पवित्रता की मांग।
याद रखने योग्य पूर्वांतर उद्धरण (जहाँ लागू):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों से मिलते-जुलते भाव पहले से प्रकाशित टिप्पणी-ग्रंथों में मिलते हैं; इन में से कुछ छोटे-छोटे कथन उद्धृत रूप में इस प्रकार हो सकते हैं: “पूर्ण समर्पण ही परमेश्वर के निकटता का मार्ग है।” (उद्धरण संक्षेपितार्थ, वास्तविक पाठ में पाबंदता के साथ देखें)