Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 11:1 नहेम्याह 11:2 नहेम्याह 11:3 नहेम्याह 11:4 नहेम्याह 11:5 नहेम्याह 11:6 नहेम्याह 11:7 नहेम्याह 11:8 नहेम्याह 11:9 नहेम्याह 11:10 नहेम्याह 11:11 नहेम्याह 11:12 नहेम्याह 11:13 नहेम्याह 11:14 नहेम्याह 11:15 नहेम्याह 11:16 नहेम्याह 11:17 नहेम्याह 11:18 नहेम्याह 11:19 नहेम्याह 11:20 नहेम्याह 11:21 नहेम्याह 11:22 नहेम्याह 11:23 नहेम्याह 11:24 नहेम्याह 11:25 नहेम्याह 11:26 नहेम्याह 11:27 नहेम्याह 11:28 नहेम्याह 11:29 नहेम्याह 11:30 नहेम्याह 11:31 नहेम्याह 11:32 नहेम्याह 11:33 नहेम्याह 11:34 नहेम्याह 11:35 नहेम्याह 11:36

नहेम्याह 11:12 का संदर्भ और अर्थ
इस पद में यह बतलाया गया है कि योरोशलम नगर के भीतर सेवक-समुदाय कैसे व्यवस्थित था। नहेम्याह के युग में, जब नगर की पुनर्स્થापना और पूजा–आयोजन का काम चल रहा था, तो लोग और उनके नेतागण क्रमबद्ध ढंग से नगर के विभाजन के अनुसार रहने लगे। यहाँ पहचानी गई गिनती और सूची यह संकेत देती है कि मंदिर-परिषद में नियुक्त आदि-कार्यों में कौन-कौन लोग लगे थे और उनके परिवारों की पहचान कितनी सुसंगत रूप से की गई थी। इसमें नामों की विस्तृत सूची दर्शाती है कि समुदाय कितनी बार अपनी इतिहास-आस्था और कर्तव्य को व्यक्त करने के लिए अपने परिवार-परिचय को पंक्तिबद्ध करता है।
मुख्य अर्थ
कुल मिलाकर यह वाक्य दर्शाता है कि नहेम्याह 11 की पुनर्वास-योजना कितनी व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ी। आठ सौ बाईस भाइयों तथा उनके लघु परिवारों की भागीदारी का उल्लेख यह संकेत देता है कि देव-कार्य और नगर-सेवा में परिवारों की भूमिका कितनी गहरी थी। यह सूची-प्राप्ति समुदाय की स्थिरता, पारिवारिक धरोहर और ईश्वर-सेवा की निरंतरता को मान्य करती है।
दो-कुंजी विषय
संबद्ध पाठ संदर्भ
1) नहेम्याह 7:5–73 – नगर-जनसंख्या और सेवा-फॉर्मेशन की व्यापक तालिका से समान संरचना मिलती है, जो इस अध्याय के पीछे की तैयारी को दर्शाती है।
2) नीतिमाला 10:38–39 – धार्मिक कर्तव्य और मंदिर-सम्बन्धी जिम्मेदारियाँ किस तरह परिवारों के साथ जुड़ी रहती हैं, इसका नज़ारा देता है।
3) एजाज़ 6:7 – सामुदायिक सेवा में सदस्य-चिन्ह और उत्तरदायित्वों के संकेत स्पष्ट करते हैं कि समुदाय कैसे एकजुट होकर ईश्वर-कार्य में समर्थ बनता है।
व्यावहारिक विचार
आज के पाठक के लिए यह स्मरणीय है कि समुदाय की मजबूती व्यक्तिगत भागीदारी पर निर्भर करती है। प्रत्येक परिवार और सदस्य की जिम्मेदारी सरल, स्पष्ट और व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि संस्थान के मिशन को निरंतर पाला जा सके। ईमानदारी और विश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाने से कुल मिलाकर समाज का दायरा और आस्था मजबूत होती है।
संक्षिप्त सार
नहेम्याह 11:12 यह दिखाता है कि पुनर्स्थापन के समय प्रजा ने अपने-अपने परिवारों के साथ नगर-सेवा में सहभागिता दिखाई। यह सूची-आधार संरचना का प्रमाण है कि समुदाय की एकता और कर्तव्यनिष्ठा कैसे एक साथ चलती है, और यह सब ईश्वर के initiatief के साथ जुड़ा रहता है।
ध्यान दें: उद्धरण और क्रॉस-रेफरेंसेस
सूचना-उद्धरणों के अनुसार, मिसाल के रूप में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से सीधी पूर्ण वाक्य उद्धरण यहाँ आवश्यक नहीं है; संहितागत व्याख्या में उनके विचारों के संकेत समाहित हैं, परन्तु विशिष्ट शॉर्ट उद्धरण प्रकाशित किए जाते हैं यदि उपलब्ध हों।