Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 11:1 नहेम्याह 11:2 नहेम्याह 11:3 नहेम्याह 11:4 नहेम्याह 11:5 नहेम्याह 11:6 नहेम्याह 11:7 नहेम्याह 11:8 नहेम्याह 11:9 नहेम्याह 11:10 नहेम्याह 11:11 नहेम्याह 11:12 नहेम्याह 11:13 नहेम्याह 11:14 नहेम्याह 11:15 नहेम्याह 11:16 नहेम्याह 11:17 नहेम्याह 11:18 नहेम्याह 11:19 नहेम्याह 11:20 नहेम्याह 11:21 नहेम्याह 11:22 नहेम्याह 11:23 नहेम्याह 11:24 नहेम्याह 11:25 नहेम्याह 11:26 नहेम्याह 11:27 नहेम्याह 11:28 नहेम्याह 11:29 नहेम्याह 11:30 नहेम्याह 11:31 नहेम्याह 11:32 नहेम्याह 11:33 नहेम्याह 11:34 नहेम्याह 11:35 नहेम्याह 11:36



नहेम्याह 11:17 — तत्कालीन स्थिति और सेवा का नमूना
यह verse नहेम्याह 11 में नगर Yerushalayim (येरुशलेम) की अझीवनաբस्त (जनसंख्या-गठन) का विवरण देता है — जो नगर की पुनर्स्थापना के क्रम में भाग लेने वाले परिवारों और सामने आने वाले प्रमुख सेवक वर्गों को पहचानता है। यहाँ मत्तन्याह, बकबुक्याह, बहुदयों के नामों के बीच प्रार्थना में धन्यवाद करनेवालों के मुखिया के रूप में एक व्यक्ति की भूमिका उल्लेखित है। साथ ही यह उन पत्नियों और युवाओं के बीच धार्मिक-कार्य के विभाजन की झांकी है, जो समुदाय के आराधना-कार्यों और राजनैतिक पुनःस्थापना के साक्ष्य बनते हैं।
क्या पाठ हमारे लिए बताता है
पहचान और कर्तव्य का मिश्रण दिखता है: एक साथ मिलकर प्रार्थना-समारोह में धन्यवाद व्यक्त करने की ओर अग्रसर दल का नेतृत्व एक विशिष्ट परिवार/वंश के भीतर दिखता है। यह संकेत है कि भक्ति और सेवा एक-समान नहीं, बल्कि व्यवस्था के अनुसार बहन-भूख समाज की स्थिरता बनाती है। प्रभु के सामने आभार व्यक्त करने की यह परंपरा यह सिखाती है कि दैनिक जीवन के हर स्तर पर—आश्वासन, सुरक्षा, और समुदाय के पुनर्निर्माण में—धन्यवादी व्यवहार केंद्र में रहे।
शब्दार्थ और चिह्न
अन्य प्रतिभूत लेख (क्रॉस-रेफरेंसेस)
यह दृश्य पवित्र समिति और आराधना-समुदाय के संगठित नेतृत्व के विचार को पुष्ट करता है, जो किन्हीं अन्य संदर्भों में भी दिखते हैं:
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक नेतृत्व और समुदाय-निर्माण में एक साथ चलना आवश्यक रहता है, ताकि विश्वास-जीवन सभी के लिए लाभदायी बन सके।
오늘 के लिए आवेदन
आज के समुदायों के लिए सिखावन यह है: आराधना में नेतृत्व सेवा और आभार-व्यक्ति के रूप में मिलकर काम करें। यह देखें कि किस प्रकार परिवार और समुदाय मिलकर रीति-रिवाज, स्मरण और धन्यवाद को बड़े मंच पर प्रस्तुत करते हैं। छोटे-छोटे कर्तव्य भी मिलकर एक बड़े उद्देश्य को समर्थ बनाते हैं — ईश्वर के साथ सामंजस्य बनाकर समाज में स्थिरता और आशा बनाए रखना।
संक्षेप सार
नहेम्याह 11:17 बताता है कि आराधना के क्रम में एक मुखिया के नेतृत्व में धन्यवाद-प्रार्थना कैसे समुदाय की एकजुटता बनाती है। यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि भगवान के सामने आभार व्यक्त करना और कर्तव्य-निर्धारण समस्त समाज की श्रद्धा और स्थिरता के लिए आवश्यक हैं।
नोट: यदि आप चाहें तो इस पाठ के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से मिली प्रकाशित टिप्पणी से संक्षेप उद्धरण नीचे दिए जा सकते हैं।