Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 11:1 नहेम्याह 11:2 नहेम्याह 11:3 नहेम्याह 11:4 नहेम्याह 11:5 नहेम्याह 11:6 नहेम्याह 11:7 नहेम्याह 11:8 नहेम्याह 11:9 नहेम्याह 11:10 नहेम्याह 11:11 नहेम्याह 11:12 नहेम्याह 11:13 नहेम्याह 11:14 नहेम्याह 11:15 नहेम्याह 11:16 नहेम्याह 11:17 नहेम्याह 11:18 नहेम्याह 11:19 नहेम्याह 11:20 नहेम्याह 11:21 नहेम्याह 11:22 नहेम्याह 11:23 नहेम्याह 11:24 नहेम्याह 11:25 नहेम्याह 11:26 नहेम्याह 11:27 नहेम्याह 11:28 नहेम्याह 11:29 नहेम्याह 11:30 नहेम्याह 11:31 नहेम्याह 11:32 नहेम्याह 11:33 नहेम्याह 11:34 नहेम्याह 11:35 नहेम्याह 11:36


नीहेम्याह 11:26 पर संदर्भ-सार और व्याख्या
नीहेम्याह 11 अध्याय में यूद्धों के बाद यरदेन के किनारे बस्ती बनाने और शहर-शहर की पुनर्स्थापना की योजना का वर्णन है। इस पाठ में एक विशेष सूची है जिसमें एक-एक नगरों और अतिथि-औपचारिक निवासियों की व्यवस्था का संक्षेप प्रस्तुत किया गया है। 11:26 में जो नाम दिये गए हैं, वे उन स्थानों को दर्शाते हैं जहाँ से कुछ परिवार व समुदाय स्थापित होकर यरूशलेम के बाह्य नगरों में रह रहे थे। यह विवरण बस्तियों के वितरण के समय की व्यवस्था और सामाजिक-राजनीतिक पुनर्स्थापना की व्यवहारिकता को दिखाता है।
केन्द्रक अर्थ
यह verse वह विवरण है जिसमें नगरों के नाम एक सूची के रूप में प्रस्तुत हैं—मूल उद्देश्य है कि पवित्र नगर के पुनर्निर्माण के क्रम में हर विविध क्षेत्र से लोग जा कर निवास कर रहे थे। यह दर्शाता है कि धार्मिक-आस्थागत केंद्र के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक संरचना कैसे संगठित हो रही थी ताकि शहर का जीवन प्रभावी ढंग से पुनर्जीवित हो सके।
दो-तीन प्रमुख थीम
संबद्ध भाग by पुराने टिप्पणीकार
इस हिस्से में हम ऐतिहासिक-सामग्री से मिलते-जुलते विचारों को संजालित करते हैं।
मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry) और अलबर्ट बार्न्स (Albert Barnes) के सामान्य विचार इस प्रकार समर्थित हैं: शहर-निर्माण एक स्थिर और धार्मिक-यात्रा को पुनर्जीवित करने का संकेत है; जो लोग बाहर बसे थे, वे भी एकात्मता के भाग बने ताकि मंदिर-जीवन का संजीवन बना रहे।
एडम क्लार्क (Adam Clarke) बतलाते हैं कि ऐसे सूचात्मक विवरण से यह सिद्ध होता है कि सामाजिक-राज्य और धार्मिक प्रतिष्ठान एक-जुट हो कर के लिये एक सुविचारित योजना से कदम उठा रहे थे।
क्रॉस-रेफरेंस
1) नहेम्याह 11:1 — नगरों के निवास-नियोजन का महत्त्वपूर्ण उद्घाटन, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किस प्रकार पुनर्स्थापना का व्यापक ढांचा बन रहा है।
2) नहेम्याह 11:3 — विभिन्न नगरों के निवासियों के बीच सामाजिक-नियोजन और नेतृत्व-व्यवस्था।
3) एस्तेरी 10:2-3 — समुदाय के भीतर व्यवस्था और कर्तव्य-निष्ठा का आदर्श, जो विद्या-संरक्षण के साथ सामाजिक जीवन को संभाले।
व्यावहारिक विचार
इस verse से आज के पाठक के लिए संदेश है कि समुदाय की स्थिरता केवल चरम धार्मिक चेतना नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की योजनाओं, निवास-स्थापना और क्षेत्रीय सहभागिता के संयोजन से आती है। यदि हम अपने समुदायों में हर परिवार के योगदान और जिम्मेदारी को सम्मान दें, तो सामाजिक जीवन का संतुलन बना रहता है।
संक्षिप्त समापन
नीहेम्याह 11:26 उस समय की एक सूचनात्मक सूची है जो यह दर्शाती है कि पुनर्निर्माण के मिशन में हर नगर और समुदाय का योगदान कैसे नियोजित हुआ। यह एकता-परक, व्यवस्थित और स्थिर समुदाय की तस्वीर प्रस्तुत करता है— वही मूल्य जो आज के सुसंगत सामाजिक जीवन के लिए भी प्रेरक है।