Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 13:1 नहेम्याह 13:2 नहेम्याह 13:3 नहेम्याह 13:4 नहेम्याह 13:5 नहेम्याह 13:6 नहेम्याह 13:7 नहेम्याह 13:8 नहेम्याह 13:9 नहेम्याह 13:10 नहेम्याह 13:11 नहेम्याह 13:12 नहेम्याह 13:13 नहेम्याह 13:14 नहेम्याह 13:15 नहेम्याह 13:16 नहेम्याह 13:17 नहेम्याह 13:18 नहेम्याह 13:19 नहेम्याह 13:20 नहेम्याह 13:21 नहेम्याह 13:22 नहेम्याह 13:23 नहेम्याह 13:24 नहेम्याह 13:25 नहेम्याह 13:26 नहेम्याह 13:27 नहेम्याह 13:28 नहेम्याह 13:29 नहेम्याह 13:30 नहेम्याह 13:31



नहेम्याह 13:14 पर टिप्पणी
पर्व-धर्मी इतिहास में नहेम्याह एक कठिन पुनर्निर्माण के ठोस आयोजक थे, जब वह यहूदा के नगरों को दुबारा व्यवस्थित कर रहे थे और मंदिर-कार्य के आदर्श अनुरक्षण के लिये प्रयासरत थे। इसी क्रम में 13:14 में नहेम्याह परमेश्वर से आग्रह करते हैं कि वह स्मरण करें उन साफ़-साफ़ कार्यों को जो उन्होंने परमेश्वर के भवन और आराधना के लिए किए। यह verse समुदाय के लिये एक महत्त्वपूर्ण स्मृति-आह्वान है कि भक्ति और आध्यात्मिक-निर्माण के समय भी वह अपनी कृपा और स्मरण रखने योग्य कार्यों को नहीं भूलता।
केंद्रीय अर्थ
इस पंक्ति में नहेम्याह अपने परमेश्वर के सामने एक व्यक्तिगत प्रतिज्ञा और स्मरण-युक्ति प्रस्तुत करते हैं: परमेश्वर, मुझे मेरे कार्य-सन्देश पर स्मरण रहे और मेरे द्वारा भवन के लिए, आराधना के लिए और समुदाय के हित में किए गए सुकर्म कर्तव्य मिट न जाएं। यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर के भवन-कार्य के प्रति कर्तव्य सिर्फ भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक व नैतिक दायित्वों का साक्ष्य है जिसे स्मृति-करण आवश्यक है।
मुख्य विषय
संदर्भ-खुले स्नippet (Related Passages)
- एतिहासिक-प्रेरणा: यह परिकल्पना कि भगवान के भवन के लिए किया गया हर कार्य स्मरणयोग्य है, अन्य पुस्तकों में भी भक्ति-निष्ठा की पुष्टि करती है।
- प्रेरित उदाहरणों से: जरूरतमंदों की सेवा और मंदिर-कार्य के प्रति सच्ची निष्ठा का जीवन-चरित्य।
- अध्यात्मिक संरक्षण: स्मरण और स्मृति-प्रेरणा से आत्म-स्वामित्व और समुदाय-कल्याण दोनों बने रहते हैं।
दो-तीन प्रमुख निष्कर्ष
Cross-Reference (हिंदी संदर्भ-उद्धरण)
- हबाकुक-स्त्रोत: मंदिर और आराधना के कर्मों के स्थायित्व की याद दिलाने वाले वचन।
- नीति-ग्रंथ: लोग-सेवा के स्मरण से=status निष्ठा बनी रहती है।
- प्रेरित पत्र: सत्याग्रह और सेवा-कार्य की स्मृति से व्यक्तिगत और समुदायिक विकास जुड़ता है।
व्यावहारिक प्रतिफल
आज के संदर्भ में यह verse हमें प्रेरित करता है कि हम अपने दैनिक-कार्य में ईश्वर के भवन/आराधना के क्षेत्र में किए गए सुकर्मों को निभाते रहें और किसी भी क्षय से बचाएं। घर-परिवार, चर्च-समुदाय, समाज-सेवा—इन सभी में प्रेरित स्मृति के साथ क्रियाशील रहें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नहेम्याह 13:14 एक यथार्थवादी प्रार्थना है जिसमें आध्यात्मिक-निर्माण के लिए स्मरण-आह्वान की गूंज है: परमेश्वर के भवन और आराधना के लिए किए गए कर्म मिट न जाएं—यह दायित्व और सदा-चलित भक्ति का श्रृंगार है।
नोट: नीचे उद्धरण मध्यम-आयाम के हैं, सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकलन से लिया जा सकता है।