Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
फिलिप्पियों 1:1 फिलिप्पियों 1:2 फिलिप्पियों 1:3 फिलिप्पियों 1:4 फिलिप्पियों 1:5 फिलिप्पियों 1:6 फिलिप्पियों 1:7 फिलिप्पियों 1:8 फिलिप्पियों 1:9 फिलिप्पियों 1:10 फिलिप्पियों 1:11 फिलिप्पियों 1:12 फिलिप्पियों 1:13 फिलिप्पियों 1:14 फिलिप्पियों 1:15 फिलिप्पियों 1:16 फिलिप्पियों 1:17 फिलिप्पियों 1:18 फिलिप्पियों 1:19 फिलिप्पियों 1:20 फिलिप्पियों 1:21 फिलिप्पियों 1:22 फिलिप्पियों 1:23 फिलिप्पियों 1:24 फिलिप्पियों 1:25 फिलिप्पियों 1:26 फिलिप्पियों 1:27 फिलिप्पियों 1:28 फिलिप्पियों 1:29 फिलिप्पियों 1:30



फिलिप्पियों 1:20 का पाठ-परिसर
पद व्यक्त करता है कि प्रेरित पॉल की आतुर इच्छा है कि मसीह की प्रतिष्ठा कभी बाधित न हो और चाहे जीवित रहूँ या मरूँ, उनका प्रबल साहस और विश्वास निर्बाध बना रहे। यह जन्म देने वाले कठिन समय में भी प्यारे उत्साह और निष्ठा की मिसाल है कि ईश्वर के बारे में उनका दृष्टिकोण स्थिर है, न कि परिस्थिति के अनुसार डगमगाता है।
यह पाठ परमेश्वर और विश्वास के बारे में क्या बताता है
पॉल यह बताने के लिए अपने मन की स्थिति व्यक्त कर रहे हैं कि उनकी आशा दृढ़ है कि मसीह अब भी महिमा पाएगा—चाहे वे जीवित रहें या मरें। इसका मूल भाव यही है कि जीवन और मृत्यु दोनों स्थितियों में परमेश्वर की महिमा उनके दिल की केन्द्रस्थता है। यह विश्वास दर्शाता है कि क्रिस्ट प्रेमिका-जीवन है और බල उनके जीवन का उद्देश्य बन गया है; वे अपनी बॉडी में मसीह की महिमा के लिए मजबूत डटे रहते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों और इमेजों की स्पष्टीकरण
संबंधित आयतें
1) रोमियों 8:38-39 में यह विचार मिलता है कि प्रेम की सत्ता से कुछ भी उन्हें पृथक नहीं कर सकता; ईश्वर की महिमा और प्रेम उनके साथ है।
2) 2 कॉरिंथियों 4:17-18—पीड़ा अस्थायी है, पर महिमा स्थाई है; संसारिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आंतरिक दृष्टि से मूल्य दिया जाए।
3) मति 10:28— मनुष्यों की मृत्यु का डर नहीं, क्योंकि हमारी रक्षा वाला आत्मा से जुड़ा है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
हमें यह सीख देता है कि कठिन समय में भी हमें मसीह की महिमा के लक्ष्य पर टिके रहना चाहिए। चाहे स्थिति अच्छी हो या विपरीत, हमारा उद्देश्य यही हो कि यदि अवसर मिले तो चर्चित जीवंत विश्वास बने रहे। यह पाठ प्रेरित करता है कि व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से बढ़कर दिल की धड़कन मसीह के नाम में हो, ताकि दूसरे लोग यीशु के बारे में पूछें और विश्वास में वृद्धि हो।
एक संक्षिप्त समेकन
फिलिप्पियों 1:20 हमें दिखाता है कि सच्चा साहस वह है जो जीवन-यात्रा के हर मोड़ पर ईश्वर की महिमा के लिए बना रहे। चाहे जीवित रहना हो या मरना, पॉल का उद्देश्य यही था कि मसीह की बड़ाई हर दशा में प्रकाशित होती रहे।
सूचित उद्धरण (कौन से स्थान के लिए उपलब्ध हैं)
यदि आप मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के सामान्य प्रवचनों से प्रत्यक्ष उद्धरण देखना चाहें, तो नीचे संकेतित पंक्तियाँ उपयोगी हो सकती हैं (संरक्षित सार्वजनिक-डोमेन पाठ):