1 पतरस 4:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

पर यदि मसीही होने के कारण दुःख पाए, तो लज्जित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्‍वर की महिमा करे।

पिछला पद
« 1 पतरस 4:15
अगला पद
1 पतरस 4:17 »

1 पतरस 4:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 पतरस 4:16 का संदर्भ एवं उसका अर्थ

पतरस पहले पत्र में परमेश्वर के लोक के लिए जीवन के कठिन मार्गों में भी प्रेरणा दी गई है। इस पद में यदि किसी को मसीही होने के कारण दुःख सहना पड़े, तो उसे लज्जित न मानना चाहिए; बल्कि इस दुःख को परमेश्वर की महिमा के अवसर के रूप में देखना चाहिए। यह verses उन लोगों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो समाज के बिरादराना दबाव या धार्मिक प्रतिरोध से जूझते हैं।

मुख्य अर्थ (central meaning)

यह पंक्ति दो आयाम स्पष्ट करती है: पहला—खुद की पहचान के कारण दुःख उठाने पर है; दूसरा—उस दुःख के बीच परमेश्वर की महिमा का उद्देश्य है। यदि ईसाई को सताया या अस्वीकार किया जाए, तो उसका रोष नहीं, बल्कि उसकी प्रतिक्रिया मसीह की प्रेरणा को बढ़ावा देना है। यह आस्था में दृढ़ता और गवाही के लिए साहस की शिक्षा है: कठिन समय भी समर्पण और विश्वास के साथ जीना चाहिए ताकि लोग परमेश्वर की महानता को देखें।

दो-तीन प्रमुख थीम

  1. संतोष और पहचान: मसीही पहचान के कारण होने वाला दुःख सामाजिक में अपमान का कारण बन सकता है, पर यह हमारे जीवन का भाग नहीं, बल्कि परीक्षण है जो ईश्वर की महिमा को उजागर करता है।
  2. महिमा के लिए जीना: दुःख के समय भी लक्ष्य परमेश्वर की महिमा बन रहा है; गवाही और धैर्य द्वारा लोग परमेश्वर के प्रेम को अनुभव करें।
  3. धर्मी आचरण की शिक्षा: यह पद हमारे जीवन को एक क्रय-आधार देता है जहाँ दर्द भी ईश्वर के उद्देश्य के साथ जुड़कर धन्यकारी परिणाम देता है।

संबद्ध पदों के सार तत्व

— यह दायित्व है कि जब भी ईसाई समाज से अलग-थलग किया जाए, हम परमेश्वर के नाम के लिए खड़े रहें।

— यह भी संकेत है कि सच्ची लज्जा नहीं बल्कि पवित्रता और धर्मपरायणता है जो हमारी श्रद्धा बनाये रखती है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (cross-references) और उनका तात्पर्य

  • रोम 8:17 — यदि हम क्रूस के साथ जीते हैं, तो भी सन्तान बनकर उद्धार का साझा प्राप्त करेंगे; पीड़ा के बीच भी हमारी आशा स्थिर रहती है।
  • यूहन्ना 16:33 — यीशुई ने कहा कि दुनिया में दुःख होगा, परन्तु उसे शांति मिलेगी; क्योंकि वह जीता है।
  • याकूब 1:12 — परीक्षा में स्थिर रहने पर वरदान मिलेगा; परमेश्वर के चरणों में आस्था दृढ़ होती है।

इन संदर्भों से दिखता है कि दुःख और परीक्षण ईश्वर की सर्वोच्च योजना के भीतर सद्गुणों को मजबूत करते हैं, ताकि विश्वास गहरा हो और दर्शक ईश्वर की आज्ञा को मानें।

व्यावहारिक चिंतन

आज के जीवन में जब प्रेरित के वाक्यों की पनाह मांगी जाती है, तो यह याद रखना चाहिए कि धर्म के नाम पर पीड़ा भी ईश्वर के उद्देश्य का हिस्सा हो सकता है। स्वार्थी आराम की बजाय, कठिन समय में भी माता-पिता की तरह भरोसे के साथ प्रभु की योजना देखें; छोटी-छोटी असफलताओं को भी परमेश्वर की महिमा में बदलना संभव है—जैसे विश्वास की बढ़ोतरी, नम्रता की वृद्धि और पवित्रता की धार।

संक्षेप में निष्कर्ष

यही विचार बताते हैं कि मसीही दुःख स्वयं एक परमेश्वर-कृत उच्चारण है: यदि मसीही होने के कारण दुःख आये, तो उसे लज्जित नहीं मानना चाहिए; वरन् परमेश्वर की महिमा के लिए उसकी ध्वनि, धैर्य और गवाही बढ़ानी चाहिए।

धार्मिक पाठ में यह संदेश स्पष्ट करता है—दुःख के साथ भी ईमानदारी और विश्वास बना रहे, ताकि लोग ईश्वर की महानता को पहचानें और उनकी महिमा glorify हों।

ध्वनि टिप्पणी नोट: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के बराबर उद्धरण यहाँ सीधे उद्धृत नहीं किये गये, परंतु उनके विचार सामंजस्यपूर्ण दृष्टिकोण से इस पंक्ति के अर्थ को पुष्ट करते हैं: सच्चे विश्वास में दुःख को केवल तकलीफ नहीं, एक अवसर मानना चाहिए ताकि ईश्वर की महिमा उजागर हो।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 पतरस 4:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 पतरस 3:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 3:17 (HINIRV) »
क्योंकि यदि परमेश्‍वर की यही इच्छा हो कि तुम भलाई करने के कारण दुःख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुःख उठाने से उत्तम है।

याकूब 1:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 1:2 (HINIRV) »
हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो*,

फिलिप्पियों 1:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
फिलिप्पियों 1:29 (HINIRV) »
क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुःख भी उठाओ,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें