Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 4:14 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 4:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा की आत्मा, जो परमेश्वर की आत्मा है, तुम पर छाया करती है। (मत्ती 5:11-12)
1 पतरस 4:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 4:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 पतरस 3:14 (HINIRV) »
यदि तुम धार्मिकता के कारण दुःख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उनके डराने से मत डरो, और न घबराओ,

लूका 6:22 (HINIRV) »
“धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्र के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे।

मत्ती 5:11 (HINIRV) »
“धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें और सताएँ और झूठ बोल बोलकर तुम्हारे विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
1 पतरस 4:14 — मसीह के नाम के लिये निन्दा पर महिमा
इस पद का सीधा अर्थ है: जब तुम मसीह के नाम के कारण अपमान और सत्कारना सहते हो, तो वह ईश्वर की महिमा तुम्हारे ऊपर चमक उठती है; यह सत्कर्मों का प्रमाण है कि तुम अविश्वास नहीं, बल्कि विश्वास से जीवन जी रहे हो।
प्रसंग-सूचना
यह पत्र शिष्य-जीवन के वास्तविक दबावों के बीच भरोसे को बनाए रखने का संदेश देता है। पतरस यीशु के अनुयायियों को समझाते हैं कि Ք तब भी शांति रहे जब दुनिया उनका उपहास करे, क्योंकि मसीह की पीडा और महिमा एक पात्र में जुड़ी हैं। यह विचार मत्ती के दृष्टांतों के भरोसे के साथ जुड़ता है: जो विपत्ति में महिमा खोजते हैं, उन्हें आशीष मिलती है।
interpretive observations
कहानी से जुड़ी थीम
अनुकूल क्रॉस-रेफरेंसेस
- मत्ती 5:11-12: विपत्ति में आशीष की प्रेरणा देता है कि यह आशीष ईश्वर के इनाम के रूप में देखा जाए।
- रोम 8:17: यदि हम मसीह के साथ पत्थर होते हैं, तो संतान और महिमा के भागीदार भी बनते हैं।
- याकूब 1:12: धैर्य के साथ परखे जाने पर स्वागतजनक पुरस्कार मिलते हैं, जो इस पंक्ति की आत्मा के समान प्रेरणा बनते हैं।
हिंदी मेल-जोल: पठन-सार
पतरस के अनुसार, विशिष्ट सामाजिक अस्वीकृति के समय भी ईश्वर की आत्मा तुम्हारे भीतर काम कर रही होती है। यह आत्मा महिमा के साथ तुम्हारे जीवन के हर व्यवहार को पवित्र बनाती है। इसलिए प्रताड़ना के क्षणों में आत्म-आलोक से विचलित न हो; धैर्य और विश्वास से आगे बढ़ो, ताकि तुम्हारे भीतर मसीह की पूजा स्पष्ट और सच हो सके।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
पूर्व-पारिवारिक उद्धरण संकेत (उद्धरण उपलब्ध होने पर): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के प्रकाशित टिप्पणी-टुकड़ों से स्वाभाविक समन्वय के संकेत मिलते हैं—यह अनुभाग इन विचारों को प्रेरित करता है कि विपत्ति में आस्था की पुष्टि होती है और परमेश्वर की महिमा उजागर होती है।