Old Testament
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1 पतरस 3:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यदि तुम धार्मिकता के कारण दुःख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उनके डराने से मत डरो, और न घबराओ,
1 पतरस 3:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 3:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 पतरस 2:19 (HINIRV) »
क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुःख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है।

मत्ती 10:28 (HINIRV) »
जो शरीर को मार सकते है, पर आत्मा को मार नहीं सकते, उनसे मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।

यशायाह 8:12 (HINIRV) »
और कहा, “जिस बात को यह लोग राजद्रोह कहें, उसको तुम राजद्रोह न कहना, और जिस बात से वे डरते हैं उससे तुम न डरना और न भय खाना।
1 पतरस 3:14 — संदर्भित हिंदी पदकथन
पद का संदर्भ 1 पतरस 3:14 में प्रेरित पतरस विश्वासियों को यह शिक्षा देता है कि धार्मिकता के कारण जो दुःख उठे, वह ईश्वर की दृष्टि से आशीष है। हिंसक प्रताडनाओं के समय भी जीवित विश्वास को बनाए रखना और दूसरों के डराने-धमकाने से डगमगाने नहीं देना चाहिए। यह वाक्य ईश्वरीय सुरक्षा के भरोसे पर टिके रहने का आग्रह है, न कि संसार के भय के सामने मात खाने का।
कंटेक्स्ट में मुख्य अर्थ
पेत्रस के प्रथम पत्र में विश्वासियों को चेलों के उदाहरण के साथ यह सिखाया गया है कि संदेह, भय, और प्रतिघात के समय सही आचरण कैसे बनाए रखें। इस पद में दुःख उठाने की बात ‘धार्मिकता के कारण’ निर्दिष्ट करती है—यानी ईश्वर की इच्छा के मुताबिक 삶 बिताने के कारण मिलने वाला विरोध। फलस्वरूप, भय का विकल्प न फिर भीतरी विश्वास को बनाए रखने की शिक्षा दी जाती है।
मुद्दे के दो-तीन केंद्रीय Theme
Related Passages (संकेत मात्र)
— इफिसियों 6:13 में आध्यात्मिक युद्ध में कवच पहनने की प्रेरणा, ताकि दुःख और भय पर विजय पाई जा सके।
— याकूब 1:12 में तब आर्शीवाद का संकेत है जब विश्वास में स्थिर रहें, और परिक्षाओं के समय विजय मिले।
— यूहन् 16:33 में यीशु के शब्द से शांति मिलती है कि संसार में दुःख होगा, परन्तु उसने विजयी संसार दिया है।
सूक्ष्म निष्कर्ष—एक व्यवहारिक चिंतन
यदि आप धार्मिकता के कारण दुख भुगतते हैं, तो अपने दिल में यह निश्चय रखें कि परमेश्वर आपके साथ है। प्रत्यक्ष भय के समय दौड़कर भागना नहीं, बल्कि विश्वास के साथ कदम बढ़ाना चाहिए। प्रार्थना, साहित्यात्मक स्मरण-विधियों, और समुदाय के समर्थन से डर कम होता है। एक-दूसरे के लिए नम्रता, सहायता और प्रोत्साहन देकर सहारा दें।
निष्कर्ष सार
यह verse विश्वास को चुनौती देने वाले समय में धैर्य और निर्भय रहने की शिक्षा देता है। डराने से न डरो, न घबराओ; बल्कि धार्मिकता के कारण उठे दुखों में भी ईश्वर की सुरक्षा और उद्धार पर भरोसा बनाए रखो।
कैंडीड cross-reference संकेत
1) प्रभाव से प्रेरित होकर—जो भय के समय स्थिर रहकर ईश्वर की कृपा पर टिके रहते हैं, वे आशीष प्राप्त करते हैं।
2) परिक्षाओं के समय, विश्वास को परखने के लिए असुरक्षा आती है; पर अंततः विश्वास मजबूत होता है।
3) यीशु के संदेश में शांति बनी रहती है, भले दुनिया में दुःख हो।
टिप्पणी-धारणा: संकलित प्रकाश
इस परिप्रेक्ष्य में प्राचीन पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सारगर्भित टिप्पणियों के साथ एकीकृत की गई हैं—यथासंभव मूल विचारों की भिन्नताएँ उठाने के बजाय एक संयुक्त सार प्रस्तुत किया गया है।