Old Testament
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1 पतरस 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करनेवाला फिर कौन है?
1 पतरस 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नीतिवचन 16:7 (HINIRV) »
जब किसी का चालचलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उससे मेल कराता है।

रोमियों 8:28 (HINIRV) »
और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

3 यूहन्ना 1:11 (HINIRV) »
हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो। जो भलाई करता है*, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उसने परमेश्वर को नहीं देखा।
मुख्य व्याख्या का केन्द्र बिंदु
1 पतरस 3:13 में प्रेरित पतरस एक सरल, पर गहन प्रश्न प्रस्तुत करते हैं: अगर तुम भलाई करने में उत्तेजित रहते हो तो कौन तुम्हारे विरुद्ध हो सकता है? इस वचन में क्रोध, प्रतिशोध या बहाने बनाने की प्रवृत्ति के बजाय परमेश्वर के उद्देश्य के साथ चुपचाप भलाई करने का आह्वान है। यदि हमारे कार्य निष्कर्षतः भलाई ही हों, तो मानव प्रतिरोध सीमित हो जाते हैं, और दिव्य समर्थ से हमें निडर बनना चाहिए।
साहित्यिक संदर्भ के अनुरूप विवेचना
पतरस ने इस पाठ को परिशुद्धता से यह दिखाने के लिए लिखा कि गलत प्रतिक्रिया की प्रवृत्ति के विरुद्ध भी, गरीब, दीनतर और दबे-छुपे लोगों के लिए भलाई करना ईश्वर के राज्य की भाषा है। यह ईमानदार जीवन का शांत, पर प्रभावशाली प्रतिरूप है जो कुछ विरोधी परिस्थितियों में भी अच्छाई को बनाए रखता है।
धर्मशास्त्रीय महत्त्व
भलाई करने की निरंतरता एक ऐसी पहचान है जो असत्य के सामने भी सत्य को प्रकट करती है। यदि हम अपने पड़ोसियों के साथ सच और प्रेम से पेश आते हैं, तो बुरे वक्त में भी हमारा आचरण गवाही देता है कि हमारा आधार भक्ति-जीवन है। यह उद्धारक जीवन की एक प्राकृतिक अभिव्यक्ति है, न कि केवल नागरिक मर्यादा।
शास्त्र-चर्चाओं के बीच का संबंध
स्वर्गीय दृष्टिकोण से यह आदेश तह में यह बताता है कि क्रोध पर नियंत्रण, अन्याय के विरुद्ध प्रेम और बुराई के बदले में अच्छाई दिखाना—ये सभी एक ही धुरी पर चलते हैं। संदर्भ के रूप में विचार करें: यदि ईश्वर की भलाई में हमारा सहयोग है, तो विरोधी भी हमारी भलाई देखकर चकित रहेंगे; यह संदर्श पवित्र आत्मा के प्रभाव को दर्शाता है।
पठन-प्रेरणा के लिए प्रश्न
क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त संबंध
क. रोम 12:17-21 — बुरे के बदले भलाई करने का बुलावा; पवित्रता के साथ प्रतिशोध से दूर रहना।
ख. मत्ती 5:44 — अपने दुश्मनों से प्रेम रखने की उच्च मान्यता, जो भलाई का मार्ग स्पष्ट करती है।
ग. या. 1 पतरस 2:12 — बाहर से भले व्यवहार से समाज में ईश्वर की महिमा प्रकट करना।
आशय के लिए संक्षेप निष्कर्ष
यदि तुम भलाई करने में अग्रणी बने रहते हो, तो तुष्टर विरोध तुम्हारी भलाई की ताकत बन जाता है, और यह दिखाता है कि तुम्हारा साहस केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आंतरिक दृढ़ विश्वास से है। यह पंक्ति हमें प्रेरित करती है कि क्रोध के बजाय प्रेम और सत्य के साथ चलना ही परमेश्वर के राज्य की वास्तविक पहचान है।
महत्वपूर्ण उद्धरण ( public-domain टिप्पणीकारों से)
एडम क्लार्क और एल्बर्ट बार्न्स की सारगर्भित टिप्पणियाँ इस संदेश के साथ संगत हैं: यह वचन भलाई की निरंतरता को धार्मिक-सामाजिक दबावों के विरुद्ध एक मजबूत प्रतिरक्षा देता है; प्रभु की कृपा में स्थिर रहने पर ही जीवन की गवाही मजबूत होती है।