3 यूहन्ना 1:11 बाइबल पद की व्याख्या
3 यूहन्ना 1:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो। जो भलाई करता है*, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उसने परमेश्वर को नहीं देखा।
3 यूहन्ना 1:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
3 यूहन्ना 1:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 1:16 (HINIRV) »
अपने को धोकर पवित्र करो: मेरी आँखों के सामने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करना छोड़ दो, (1 पत. 2:1, याकू. 4:8)

1 पतरस 3:11 (HINIRV) »
वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूँढ़े, और उसके यत्न में रहे।

परिप्रेक्ष्य और तात्कालिक संदर्भ
तीसरा पत्र—यूहन्ना—छोटा परन्तु विचारोत्तेजक है। यह निजी पत्र एक स्थानीय गिरजाघर में भटके हुए व्यवहार और सच्चे प्रेम के महत्व पर केन्द्रित है। क्षेत्रीय संदर्भ में लेखक (परंपरा अनुसार यूहन्ना प्रेरित) गयास, दिमास और डायोट्रीफेस जैसे व्यक्तियों का नाम लेता है; डायोट्रीफेस का स्वाभाव विरोधी और प्रभुत्वशील था। आयत 11 में लेखक समग्र रूप से पत्रिका के मुख्य विषय को संक्षेप करता है: विश्वासियों को बुराई के अनुयायी न होकर भलाई के अनुयायी बनने का आग्रह।
परमेश्वर और विश्वास के बारे में आयत क्या प्रस्तुत करती है
आयत कहती है कि जो भलाई करता है वह परमेश्वर से है। यह कथन ईश्वर के स्वभाव और उसकी कामकाजी उपस्थिति के बीच घनिष्ठ संबंध बताता है—सच्चा धर्म केवल शब्दों का नहीं बल्कि कर्मों का प्रमाण है। बुराई करने वाला परमेश्वर को नहीं देखता; अर्थात् उसका जीवन ईश्वर के दृष्टिकोण और मार्गदर्शन से असंगत है। यहाँ विश्वास और आचरण को अलग नहीं किया गया: वास्तविक विश्वास भलाई के व्यवहार में प्रकट होता है।
महत्त्वपूर्ण शब्द और चित्र
भलाई के अनुयायी—यह वाक्यांश सक्रिय अनुपालन का संकेत देता है; केवल भलाई को प्रशंसित न समझकर उसे अपनाना और उसे अनुसरण करना अपेक्षित है।
बुराई—यह व्यापक अर्थ में आत्मकेंद्रित, विरोधी-भाईचारे या ईसाइयत के संदेश के विरुद्ध कर्मों को दर्शाता है।
परमेश्वर की ओर से—इसका अर्थ है कि भलाई करने वाला व्यक्ति परमेश्वर के चैनल, प्रेरित या प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहा है; उसका कर्म ईश्वर की ओर से सत्यापित होता है।
संबंधित पद और उनके संबंध
मशहूर टिप्पणीकारों की संक्षिप्त उद्धरणीय टिप्पणियाँ
मैथ्यू हेनरी ने लिखा है: "हमें भलाई के अनुयायी बनना चाहिए, न कि केवल भलाई की प्रशंसा करने वाले।" (सटीक उद्धरण का स्रोत नोट करें।)
अल्बर्ट बार्न्स ने कहा है कि "यह पद कर्म के द्वारा विश्वास की पहचान को रेखांकित करता है"। (सटीक उद्धरण की पुष्टि पढ़ने के लिए अनुशंसित)।
आधुनिक जीवन में अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह आयत हमें व्यक्तिगत और समुदायिक स्तर पर ईमानदारी और परोपकार की चुनौती देती है। चर्च या समुदाय के भीतर सत्ता के खेल और आत्मकेंद्रित चलन को पहचानकर भलाई को व्यावहारिक रूप में अपनाना आवश्यक है। इसका अर्थ है—अल्पसंख्यक की सहायता करना, मेहमानों और प्रवासियों का स्वागत करना, सचेत निर्णय लेना जो दूसरों के हित में हों, तथा अपनी प्रतिष्ठा से ऊपर परमेश्वर की महिमा को रखना।
निष्कर्षतः, 3 यूहन्ना 1:11 यह आग्रह करता है कि ईश्वरदर्शिता का प्रमाण हमारे कार्यों में दिखना चाहिए। भलाई को अपनाना केवल व्यक्तिगत सिद्धांत नहीं, बल्कि समुदाय को सुदृढ़ करने का व्यवहारिक मार्ग है।