Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 3:15 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 3:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने-अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ;
1 पतरस 3:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 3:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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कुलुस्सियों 4:6 (HINIRV) »
तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित* और सुहावना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

2 तीमुथियुस 2:25 (HINIRV) »
और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहचानें।

1 पतरस 3:15 पर सार्थकता एवं संदर्भ
यह वाक्य उस नीतिमय जीवन की चाबी देता है जिसका ईसाई समुदाय में पतरस ने आग्रह किया है—खासकर कठिनाइयों और आलोचनाओं के बीच अपने विश्वास की रक्षा और सत्य को धारदार तरीके से प्रस्तुत करना। प्रभु को नम्रता से जानना, मन में पवित्रता रखना और आशा के विषय में पूछने पर kesi-प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार रहना, यह तीनों बातें मिलकर विश्वास-जीवन की स्थिरता बनाती हैं।
पुष्टि और मूल संदर्भ
पतरस अपने पाठकों को सामाजिक दबावों के बीच दृढ़ रहने के लिए प्रेरित करते हैं: मसीह के प्रति आस्था उनके लिए एक जागरण-प्रज्ञा बन जाए। “पर मसीह को प्रभु जानकर अपने-अपने मन में पवित्र समझो” का अर्थ है—हम खुद को परमेश्वर के आदेशों के अनुसार सजग और पवित्र मानें। यह पवित्रता व्यवहारिक चुनौतियों के समय भी विवेक-संरक्षण का आधार बनती है, जब लोग ईमान की बातों को चुनौती देते हैं।
मुख्य संदेश
आध्यात्मिक थीम्स और क्रमगत तर्क
1 पतरस 3:15 हमारे लिए एक संतुलित आचार-नीति प्रस्तुत करता है: साक्ष्य के साथ शांत संयम, और सत्य के साथ नम्रता। यह प्रेरित करता है कि जब भी हमें क्रोध, गलतफहमी या उपहास का सामना हो, तब भी यीशु की प्रभुता को निज-आत्मविश्वास में स्थिर रखें। साथ ही, तात्कालिक अनुसरण के साथ, विश्वासियों को सामाजिक-नैतिक बातचीत में आज्ञाकारी और स्पष्ट बनना चाहिए।
क्रॉसरेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनके संकेत
• कुरुनोशियों के पहले पत्र के आयाम—जो ईमान का प्रत्युत्तर देता है—तटस्थता और नम्रता की मांग।
• कुलुस्सियों 4:6—हर बात में पवित्रता से उत्तर देना।
• यीहेन 14:6—यकीन के स्पष्ट दायरे में मसीह है; उत्तर देने का आधार वही है।
चरित-परिप्रेक्ष्य से जुड़ी बातों के संकेत
- पतरस यह व्यक्त करते हैं कि ईश्वर के प्रति सच्ची पवित्रता और मसीह के प्रभुत्व को जीवन के हर चरण में जगह देनी चाहिए।
कथा-स्वरूप संदर्भ
पतरस ने समुदाय-निर्माण के लिए एक व्यवहारिक दिशा-निर्देश प्रस्तुत किया—कठिन समय में भी उम्मीद की आंच को नहीं बुझने देना, और अपने विवेक के साथ, परिमार्जन के साथ, विवेकपूर्ण उत्तर देना।
देवotional विचार
क्या आप अपने जीवन में मसीह को प्रभु मानते हैं? यदि हाँ, तो क्या आपके उत्तर वास्तव में नम्रता, धैर्य और पवित्रता से भरे रहते हैं? कठिन समय में अपने विश्वास के कारण आने वाले प्रश्नों के लिए आप कितने तैयार हैं? संकल्प करें कि आप हर समय, हर स्थान पर अपने उत्तरों को प्रभु के निर्देशानुसार, प्रेम और विनम्रता के साथ देंगे।
संक्षिप्त निचोड़
हमारा उत्तर संसार के सवालों को स्पष्ट, विनम्र और पवित्र जीवन से गढ़ना चाहिए, ताकि मसीह हमारी आशा का वास्तविक कारण बनें और लोग उनके प्रति आकर्षित हों।