Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 3:4 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 3:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वरन् तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है।
1 पतरस 3:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 3:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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कुलुस्सियों 3:12 (HINIRV) »
इसलिए परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करुणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो;

1 शमूएल 16:7 (HINIRV) »
परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, “न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके कद की ऊँचाई पर, क्योंकि मैंने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।” (मत्ती 22:18, मर. 2:8, यूह. 2:25)

रोमियों 2:29 (HINIRV) »
पर यहूदी वही है, जो आंतरिक है; और खतना वही है, जो हृदय का और आत्मा में है; न कि लेख का; ऐसे की प्रशंसा मनुष्यों की ओर से नहीं, परन्तु परमेश्वर की ओर से होती है। (फिलि. 3:3)
1 पतरस 3:4 – गुप्त मनुष्यत्व की सुंदरता
पतरस इस पवित्र संदेश में विवाह-संबंधी नीतियों के संदर्भ में प्रोत्साहन देता है कि महिलाएँ अपनी बाहरी सजावट पर नहीं, बल्कि अंदरूनी मनुष्य के गुणों पर अधिक ध्यान दें। यह नज़रिया बताता है कि ईश्वर की दृष्टि में सत्य सुंदरता वह है जो नम्रता, दीनता और विनय से उत्पन्न होती है- वह आंतरिक संरचना जो समय के साथ भी स्थिर रहती है।
मुख्य अर्थ
यह verse बताता है कि सुसज्जित होने की अविनाशी सजावट क्या होनी चाहिए: मनुष्य की आंतरिक, नम्र और दीन हृदय की सजावट। यह परमेश्वर के लिये अधिक मूल्यवान है, क्योंकि यह स्थायी भूमिका निभाती है और सांसारिक परिधान से अधिक महत्त्वपूर्ण रहती है।
मुख्य विषय
संरचनात्मक संदर्भ ( related passages )
– पुरानी समझ में यह विचार स्त्री के आचार-व्यवहार पर केंद्रित होता है कि कैसे वह अपने पति के साथ सम्मानपूर्वक और सत्य-सत्यता से जीवन बिताये। यह संदेश सामान्य नैतिक मार्गदर्शन को बढ़ाता है कि आंतरिक गुण बाहरी दिखाई देने वाले आडंबर से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
– अन्य संदर्भ जहाँ दिल की सजावट का महत्व बतलाया गया है, वे प्रायः विनय, क्षमा और धैर्य के गुणों से जुड़ते हैं, जैसे कि कोर-व्यवहार की स्वयं की विनम्रता और ज्ञान की गहराई।
विन्यासित तत्व
कौन सा लगाव वास्तविक सुंदरता बनाता है? परमेश्वर के अनुसार, वह सजावट जो नम्रता, मन की दीनता और आंतरिक सौम्यता से आती है—यह स्थायी और मूल्यवान है।
व्यावहारिक चिंतन
कथनबद्ध सार
इस verse का तात्पर्य है कि शारीरिक आभूषणों या बाहरी दिखावों से अधिक, हमारा हृदय-निर्माण और मनुष्यता की दीनता परमेश्वर के लिये सबसे बड़ी सजावट है। यह स्थायित्व और वास्तविक श्रद्धा का संकेत है।
क्रॉस-रेफरेंस
1 पतरस 2:12 – आंतरिक चरित्र और व्यवहार से विश्व में ईश्वर के गुण प्रकट होते हैं। यह verse बताता है कि हमारी conduct बाहरी दुनिया के लिये प्रत्यक्ष प्रेरणा बनती है।
याकूब 3:13 – ज्ञान और विनय से भरा व्यवहार दिखाने की सीख देता है; विनम्र intra-personal गुण ही चरित्र की वास्तविक परिपक्वता दर्शाते हैं।
रोम 12:16 – एक दूसरों के साथ विनय और एकरसता के साथ रहने की exhortation देता है, जिससे पारिवारिक और समुदायिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
सारांश
1 पतरस 3:4 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की दृष्टि में वास्तविक सुंदरता आंतरिक परिवर्तन से आती है—नम्रता, मन की दीनता और सत्य-कर्म। यह सजावट समय की कसौटी पर खड़ी रहती है और ईश्वर के पास अधिक मूल्यवान मानी जाती है।
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