Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 3:9 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 3:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
बुराई के बदले बुराई मत करो और न गाली के बदले गाली दो; पर इसके विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1 पतरस 3:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 3:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 12:17 (HINIRV) »
बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उनकी चिन्ता किया करो।

नीतिवचन 20:22 (HINIRV) »
मत कह, “मैं बुराई का बदला लूँगा;” वरन् यहोवा की बाट जोहता रह, वह तुझको छुड़ाएगा। (1 थिस्सलुनीकियों. 5:15)

1 पतरस 3:9 पर एक समग्र पठन
यह वाक्य पतरस के पहले पत्र में ऐसे सांसारिक जीवन के लिए एक उच्च नैतिक मानक प्रस्तुत करता है: एक दूसरी विपरीत प्रतिक्रिया के बजाय आशीष दें। पवित्रulle संदेश यह बताता है कि ईश्वर के बच्चों को दयालुता और माफी का व्यवहार करना चाहिए—भेदभाव, बदले की भावना या गाली-गर्जना से दूर रहते हुए। यह आयत प्रेरित पीढ़ी की सरल, पर अत्यंत कठिन जिम्मेदारी पर जोर देती है: दुख-सुख में भी प्रेरित संतानों को आशीष ही देना, ताकि वे ईश्वर की बुलाहट के अनुरूप जीयें और आशीष के वारिस बनें।
पद की चर्चा और पाठ-परिप्रेक्ष्य
यह पद सामान्य रूप से दुष्टों के बदले ज्वालामय बदला लेने की संस्कृति के विरुद्ध है। पतरस स्पष्ट करता है कि ईश्वरीय आशीष उन लोगों के लिए है जो आशीष के भागीदार बनने के उद्देश्य से बुलाए गए हैं। यह आशीष का दर्जा न केवल आत्म-उद्धार का लाभ है, बल्कि समाज में प्रेम, करुणा और शांति के लिए एक मिसाल भी है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
मुख्य संदेश यह है कि क्षमा, प्रेम और मीठी बोलचाल से सफलता पाना संभव है जब अनुयायी पुराने ढर्रे पर प्रतिशोध की जगह आशीष देना चुनते हैं। आशीष देना न केवल व्यक्तिगत आशीर्वाद है, बल्कि परमेश्वर की योजना के अनुरूप एक वैश्विक प्रभाव भी प्रस्तुत करता है—जो बदला लेने वालों को भी प्रोत्साहित करता है कि वे भी ईश्वर के आदर्शों के अनुसार जीएँ।
अन्य बाइबिल संदर्भों के साथ तुलना
इन संदर्भों में एक बात स्पष्ट होती है: ईश्वर की राह में आशीष देना न केवल व्यवहार है, बल्कि मानस-परिवर्तन है जो रिश्तों को घुलनशील बनाता है और समुदाय में विश्वास की रोशनी बढ़ाता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
व्यावहारिक तौर पर इसका आशय है कि आप अपने पाखंड या दुर्भावना को नहीं बढ़ाते, बल्कि दूसरों के लिए वरदान बनते हैं। यह दृष्टिकोण स्वयं संतुष्टि और शांति को जन्म देता है।
प्रमुख उद्धरण और स्रोत संदर्भ
यह पंक्ति हर प्रकार के הנ की आशीष का महत्व रेखांकित करती है। नीचे से अवलोकन तीन प्राचीन सार्वजनिक डोमीन लेखकाओं के विचारों से मिलता है, जो इस संदेश की गहराई को स्पष्ट करते हैं (संक्षेपित सार):
Matthew Henry: “God’s people are not to retaliate, but to bless, for it is the call of the greater mercy.”
Albert Barnes: “By blessing, believers imitate the benevolent character of God and sow seeds of peace.”
Adam Clarke: “The Christian’s conduct should be sovereignly opposite to human vengeance; he blesses, and thus overcomes evil with good.”
संक्षेप
1 पतरस 3:9 प्रेरित पाद्रियों के समुदाय के लिए एक स्पष्ट çağrı है: बदले की भावना के स्थान पर आशीष दें। यह आशीष का जीवन ईश्वर की बुलाहट के अनुरूप है और समाज में प्रेम, करुणा तथा शांति के सूत्र को मजबूत करता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
1) रोमियों 12:14; 2) याकूब 3:10; 3) मत्ती 5:44— इन सभी में आशीष और शत्रुओं के प्रति प्रेम की महत्वता पर बल दिया गया है; वे बतानेे हैं कि आशीष कैसे बदला लेने पर हावी होकर रिश्तों को पुनर्जीवित कर सकता है।