Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 4:3 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 4:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूर्ति पूजा में जहाँ तक हमने पहले से समय गँवाया, वही बहुत हुआ।
1 पतरस 4:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 4:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इफिसियों 5:18 (HINIRV) »
और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है, पर पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ, (नीति. 23:31-32, गला. 5:21-25)

1 कुरिन्थियों 6:11 (HINIRV) »
और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे।

1 थिस्सलुनीकियों 4:5 (HINIRV) »
और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न अन्यजातियों के समान, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं।
1 पतरस 4:3 — पाप के पुराने रास्ते
पेवस्तित संदर्भ में यह वाक्य हमें बताता है कि ईसाई जीवन में पहले से चले आ रहे ढर्रे से वापसी कैसे होती है। पाठक जान ले कि नया जीवन उन सब बुराइयों से मुक्त होने की दिशा है, जिनमें पहले जीवन में हम उलझे रहते थे—जातीय कल्पना, निरर्थक काम, और मनुष्य-लोक के विनोद-कार्यो के पीछे भागना।
ईश्वरीय नज़र से पाठ का संदेश
यह उद्धरण बताता है कि पाखंड और कदाचार को त्याग कर नया आचरण अपनाने में प्रभु का आह्वान है। परमेश्वर का उद्देश्य है कि विश्वासी अपने पुराने, सांसारिक स्वभाव से मुक्त होकर उच्चता की दिशा में बढ़ें, ताकि जीवन में पवित्रता का फल दिखाई दे।
शब्दों की व्याख्या और रूपक
यहाँ प्रमुख शब्दों पर दृष्टि डालें तो: - “अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करना” का अर्थ है उन अभ्यासों में भागीदारी जो परमेश्वर के पीछे नहीं चलतीं—अथार्थ जीवन के बजाय सांसारिक खुशियों के पीछे भागना। - “लुचपन की बुरी अभिलाषाएं” से मतलब है ऐसी इच्छाएं जो शरीर की क्षणिक सुख के लिए होती हैं। - “मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन” यह सब आत्म-नियंत्रण के अभाव और अत्याचार भरे व्यसन को दर्शाते हैं। - “घृणित मूर्ति पूजा” पहले के जीवन के अंतिम सत्य को छोड़कर न किसी अजनबी भगवान के पास जाना, बल्कि मनुष्य के बनाये-भरोसे के अधीन रहना।
संग्रहित क्रॉस-रेफरेंस और संकल्पना
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि नया जीवन पुराने पाप-चलन से छूटकर परमेश्वर के साथ मिलन की दिशा में है।
पांडित्य-तथ्य और चौकसी के संकेत
1 पतरस 4:3 से संकेत मिलता है कि विश्वासियों को अतीत के ढर्रे के अनिवार्य परिणामों से मुक्त होने की आवश्यकता है—जब वे ईश्वर के उद्देश्य के साथ चलना चुनते हैं, तब वे संसार के दबावों से सुरक्षा पाते हैं।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
मार्गदर्शक टिप्पणियाँ: यह संदेशMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के विचारों के साथ मेल खाता है—उन्होंने पुराने जीवन से मुक्त होकर नया आचरण बनाने पर बल दिया है। अगर आप सीधे उद्धरणों की खोज करें, तो ध्यान दें कि ये लोग पुराने पापों के त्याग को नया जीवन के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
प्रमुख अनुस्मारक: आप अपने दैनिक क्रिया-कलापों में देखते रहें कि क्या आप लुचपन, पियक्कड़पन या मूर्ति-पूजा जैसे व्यवहार से मुक्त हैं। परमेश्वर के साथ चलना ही वास्तव में जीवन की सफलता है।