Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 4:5 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 4:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर वे उसको जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करने को तैयार हैं, लेखा देंगे*। (2 तीमु. 4:1)
1 पतरस 4:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 4:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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याकूब 5:9 (HINIRV) »
हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, न्यायाधीश द्वार पर खड़ा है।

प्रेरितों के काम 10:42 (HINIRV) »
और उसने हमें आज्ञा दी कि लोगों में प्रचार करो और गवाही दो, कि यह वही है जिसे परमेश्वर ने जीवितों और मरे हुओं का न्यायी ठहराया है।

2 तीमुथियुस 4:1 (HINIRV) »
परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूँ।
意味 की स्पष्ट टिप्पणी
1 पतरस 4:5 के अनुसार लोग उसी दिन लेखा-जोखा देंगे, जिससे जीवितों और मरे हुओं के न्याय के समय का उल्लेख है। यह दर्शाता है कि परमेश्वर सत्ता-सम्पन्न न्यायकर्ता हैं और हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार उत्तर देना होगा।
संदर्भ पृष्ठभूमि
यह पाठ 1 पतरस के पत्र के परिप्रेक्ष्य में है, जहाँ प्रेरित पतरस दुख-सहने वालों के लिए ईमानदार आत्मीयता और धैर्य की बात करते हैं। पतरस यह बताता है कि मसीह के अनुसरण में कठिनाइयों के बावजूद हमारा जीवन निश्चयपूर्वक परमेश्वर के न्याय के पहले से नहीं, बल्कि उसके समय पर व्यवस्थित रूप से उत्तरदायी होगा। ऊपर के वाक्यों में “जीवितों और मरे हुओं” का विचार यह दर्शाता है कि ईश्वर इतिहास के हर आयाम—जीवित और मृत दोनों—के प्रति न्यायपूर्वक निर्णय करेंगे।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटे थीमेटिक बिंदु
अन्य संबंधित पद
2 तीमुथियुस 4:1 में भी यह विचार मिलता है कि मसीह यीशु भविष्य के न्याय के द्वारा शासन करेगा। यह विचार 헌신पूर्ण सेवा और सचेत जीवन की प्रेरणा देता है। क्लासिक टिप्पणियों के अनुसार, यह न्यायिक घटना अंतिम दिन की घटना के रूप में दिखती है, जिसमें सभी ईमानदार और असत्य के बीच स्पष्ट विभाजन होगा।
टेकअवे
हम अपने जीवन के छोटे-छोटे फैसलों में ईश्वर के दबाव और समय-नियत न्याय को याद रखें। स्वार्थ या छिपे कर्मों की जगह ईश्वर के सामने स्पष्ट और वफादार जीवन ही हमारे लिए सच्चा उत्तरदायित्व साबित होगा।
स्थानीय प्रेरित-व्याख्या (संश्लेषित सार)
यह पाठ हमें बताता है कि ऐसी दशा में भी जो चुनौतियाँ मिलती हैं, हमें ईश्वर की न्यायप्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए। मार्गदर्शक टिप्पणीकारों के अनुसार, परमेश्वर के न्याय के संदर्भ में हमारी जागरूकता और पवित्र जीवनधारा ही पूजा का वास्तविक प्रमाण है।
पंक्ति-उद्धरण संकेत (सीधे उद्धरण अगर उपलब्ध हों)
महत्वपूर्ण रूप से यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि “वे उसको जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करने को तैयार हैं, लेखा देंगे।” (2 तीमुथियुस 4:1 के साथ संबंध की दृष्टि से)
उद्धरण चिह्नित भाग: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के शब्दों के छोटे-छोटे केन्द्रित विचार संक्षेप में नीचे-वाक्यों के साथ समाहित हैं—परन्तु पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।