Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 4:9 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 4:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे का अतिथि-सत्कार करो।
1 पतरस 4:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 4:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 12:13 (HINIRV) »
पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उसमें उनकी सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो।

इब्रानियों 13:2 (HINIRV) »
अतिथि-सत्कार करना न भूलना, क्योंकि इसके द्वारा कितनों ने अनजाने में स्वर्गदूतों का आदर-सत्कार किया है। (1 पत. 4:9, उत्प. 18:1-19:3)

मुख्य व्याख्या चतुर्थ सर्पदृष्टि: अतिथि-सत्कार में कुड़कुड़ाहट नहीं
पहचान: 1 पतरस 4:9 में कहा गया है—"बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे का अतिथि-सत्कार करो।" यह श्लोक समुदाय के भीतर प्रेम और भाईचारे की जीवनधारा को प्रेरित करता है। यहाँ सत्कार का उद्देश्य केवल रीति-रिवाज नहीं, बल्कि एक ऐसी आस्तीक भावनात्मक और व्यवहारिक संस्कृति स्थापित करना है जिसमें हर सदस्य सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस करे।
साहित्यिक संदर्भ और संदर्भ-सार
पाँचवे अध्याय में पतरस विश्वासियों को एक दूसरे के बीच एकजुट रहने के लिये कहा गया है। यह वाक्य विशेषकर समुदाय के भीतर बिना भेदभाव के सत्कार की प्रथा को स्थापित करने का आग्रह है। सत्कार शब्द एक सक्रिय क्रिया है—यह पहल, देखभाल और दयालुता का संयोजन है।
थियोलिकल अर्थ
ईश्वर की करुणा से प्रेरित एक ऐसी जीवनशैली जो दूसरों के प्रति विनम्रता और सम्मान को प्राथमिकता देती है। यह न तो मौद्रिक महत्त्व की मांग है न ही गरिमापूर्ण शो-ऑफ; यह क्रिया-प्रेरित प्रेम है जो समुदाय को स्थिरता देता है और सांसारिक तनाव के बीच भी भाई-चारे को मजबूत बनाता है।
पठन-पल्लवन: साहित्यिक संदर्भ
पंथ-परंपरा में यह शिष्यत्व का प्रयोगशील नियम रहा है: अतिथि- सत्कार का कर्तव्य सबसे नजदीकी जन-समुदाय के भीतर भीग रहा है। नए और पुराने विश्वासियों के बीच यह सत्कार उन्हें एक-दूसरे के साथ सीधे जुड़ने का अवसर देता है और समुदाय की सुरक्षा-प्रणाली को मजबूत करता है।
निर्णायक विचार: अन्य शास्त्रों के साथ संयोग
आत्म-चिंतन के प्रश्न
1) क्या मेरे घर-परिवार में अतिथि सत्कार आसान, सरल और सस्ती भाषा में होता है? 2) क्या मैं किसी के लिए द्वार खोल कर सुरक्षा और सम्मान प्रदान कर रहा/रही हूँ? 3) क्या मेरा व्यवहार दूसरों की कमियों को देखते हुए अनुदान, दया और सम्मान का प्रतीक है?
पवित्र ग्रंथों के साथ समन्वय
1 पतरस 4:9 समुदाय के हर सदस्य के लिए एक खुला, गर्म और बाधारहित वातावरण का आह्वान करता है; यह क्रिया-भूमिका प्रभु यीशु मसीह के प्रेम पर टिकी है। सत्कार के इस नियम से यह स्पष्ट होता है कि विश्वास का धार्मिक अनुभव बाहरी प्रदर्शन नहीं, बल्कि आंतरिक परिवर्तन के परिणामस्वरूप बाहर आता है।
हिंदी में लेखक-नोट और उद्धरण
यथार्थ अर्थ के लिए उद्धरण, यदि उपलब्ध हो, नीचे दिए गए मानकों के अनुसार संकलित किए जाते हैं। मॉडर्न पर्सपेक्टिव में पश्चिमी टिप्पणीकारों के सामान्य वाक्यों से यह पंक्तियाँ प्रेरित होती हैं ताकि पाठक सीधे अपने जीवन में इसे लागू कर सकें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
बिना कुड़कुड़ाए अतिथि-सत्कार करना एक सरल, पर गहरा संस्कार है जो विश्वास के समुदाय को स्थायित्व देता है। यह समानुभाव, ग्रहणशीलता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की खेती है, जिससे चर्च और समाज में ईश्वरीय प्रेम की रोशनी फैले।
निहित उद्धरण और संदर्भ
यदि उपलब्ध हो, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मौलिक उद्धरणों के छोटे अंश यहाँ बताए जाएंगे।