Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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इफिसियों 5:18 के Immediate Setting
पवित्र शास्त्र इस पंक्ति के द्वारा ईसाई जीवन के नैतिक अस्वीकरण और नया जीवन लेने की प्रेरणा देता है। संदर्भ स्पष्ट है: ईसाइयों को मदिरापान या दाखरस से प्रभावित होकर लापरवाह नहीं बनना चाहिए, बल्कि पवित्र आत्मा के अनुग्रह से परिपूर्ण होकर जीवन बिताना चाहिए। यह अध्याय मसीही जीवन की सावधानी, शुद्धता और प्रेमचर्या की दिशा दिखाता है, जिसे पवित्र आत्मा से संचालित होना है।
यह पाठ ईश्वर या आस्था के बारे में क्या बताता है
वचन स्पष्ट करता है कि परमेश्वर का उद्देश्य हमारे दिमाग और व्यवहार में आत्म-नियंत्रण का काम है। शराब से प्रेरित मादकता एक अपर्याप्त और क्षणिक आनंद देती है, जबकि आत्मा से परिपूर्ण होना स्थाई और पुण्य जीवन की ओर ले जाता है। यहाँ प्रेरित-पत्र का लक्ष्य यह है कि विश्वासी अपने जीवन के हर क्षेत्र को परमेश्वर के नियंत्रण में दें और चरित्र-निर्माण के लिए पवित्र आत्मा के मार्गदर्शन को मानें।
महत्वपूर्ण शब्दों और दृश्यों की स्पष्टता
संबंधित शास्तीय पंक्तियाँ
नीति-ग्रंथों से तीन संगत विचार इस पाठ को पूरक करते हैं:
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि मादकता से मिलने वाला क्षणिक आनंद स्थिर शांति नहीं दे सकता; आत्मा से परिपूर्ण होना स्थायी परिवर्तन और पवित्रता की दिशा देता है।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
यह पाठ आज भी विश्वासियों को तीन मुख्य मार्ग दिखाता है:
यथार्थीकृत उद्धरण (सारांश)
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरी विचारों के अनुरोधवार संक्षेप में प्रयुक्त हैं: “दाखरस से मतवाले न बनो” के इस संदेश में संयम का मूल्य स्पष्ट किया गया है; “पवित्र आत्मा से परिपूर्ण” होने का अर्थ है चरित्र-परिवर्तन जो आत्मा-चालित निर्णयों से आता है।
सूक्ष्म cross-references
उल्लेखनीय क्रॉस-रेफरेंसेज़:
नोट: नीचे उद्धरणों की जगह केवल साधारण सार उद्धृत हैं; पूर्ण ग्रंथीय उद्धरण लेखक-वार संभव हो तो दे दिए गए हैं।