Old Testament
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प्रकाशितवाक्य 16:18 — पवित्र घटनाओं का दृश्य और भूकम्प का उल्लेख
परिसर: यह पद परमेश्वर के प्रतिस्पर्धात्मक न्याय और अंतिम विचरण के समय के भयानक संकेतों में से एक द्योतक है। यह मण्डली के अंत के निकट एक भयंकर महा-आतंक का चित्रण है, जब हर कोना जड़ित आवेश और चीत्कारों से गूंज रहा होता है। वाणी और बिजली, गर्जन और एक ऐसा बड़ा भूकम्प—ये सब संकेत बताते हैं कि परमेश्वर अपने न्याय के दिन बड़े पवित्र और कठोर रूप में आकर क्रोध को प्रकट करते हैं। मानी जाती है कि यह भाग्य-निर्णय का धीरे-धीरे खुलना है जो पृथ्वी को अस्थिर कर देगा और अनेक लोगों के हृदयों में भगवान के प्रभाव के प्रति भय पैदा करेगा।
यह पाठ परमेश्वर या विश्वास के बारे में क्या बताता है
इस दृश्य से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर पूर्ण सत्ता के और न्याय के स्रोत हैं। पृथ्वी पर अत्याधिक अस्थिरता और तूफान के बीच भी वह नियन्त्रण में रहते हैं; घटनाओं के घटने से धार्मिक चेतना जागृत हो सकती है। विश्वास के संदर्भ में यह याद दिलाता है कि जैसे-जैसे末 समय निकट आते हैं, ईश्वर के न्याय की चिन्हें स्पष्ट होंगी, परन्तु भविष्यवाणी के प्रतिफल के साथ भी विश्वासियों के लिए आशा की एक पंक्ति बनी रहती है कि परमेश्वर अपनी प्राचीन प्रतिज्ञाओं को पूरा करेंगे।
शब्दों/चित्रों की व्याख्या
संबंदित अन्य आयतें
• मत्ती 24:21 — यह संदेश एक समान भाव को साझा करता है: बड़े विपत्तियों का समय, जो संसार को असहाय छोड़ देगा।
• दानियेल 2:44-45 — संपर्क समय के विराम और परमेश्वर के नवयुग की स्थापना का संकेत देता है, जब संसार के शक्तिशाली राज टूटेंगे।
• हेब्री 12:26-27 — परमेश्वर की आवाज के कारण पृथ्वी tremble करती है और जो कुछ अस्थिर है वह उखड़ जाता है, ताकि शुद्ध रहनेवाला चिन्हित हो सके।
आज के लिए उपयोगी अनुप्रयोग
– कठिन समय होते हुए भी विश्वास की नींव न डगमगाए; परमेश्वर के नियंत्रण पर भरोसा रखें, न कि घटनाओं पर।
– उन संकेतों पर आंख रखें जो पाप के परिणाम और ईश्वरीय न्याय की तैयारी की ओर इशारा करते हैं; प्रार्थना और आत्म-निरीक्षण बढ़ाएं।
– कठिनाइयों में भी समुदाय के साथ धीरज बनाए रखें, ताकि यह समझ आए कि परमेश्वर का उद्धारकार्य अभी बाकी है और वह अपने शब्द के अनुसार कार्य करेंगे।
संक्षिप्त सार
यह पाठ बताता है कि समय के अंत के संकेत ईश्वर की महान शक्ति और न्याय को उद्घाटित करते हैं। गलतफहमियों के बीच भी विश्वासियों के लिए आशा है कि परमेश्वर अपने नियमों और वादों के अनुसार कृपालु और सामर्थ्यवान कार्य करेंगे।
मिश्रित टिप्पणी के संकेत: मैथेयू मार्ला मिखेल (Matthew Henry), ऐल्बर्ट बर्न्स (Albert Barnes) और एडम क्लार्क (Adam Clarke) के विचारों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के न्याय के दिन भयावह पर प्रेरित करते हैं नई आस्था और पवित्रता के लिए। उनके संकेतों से एक सामान्य धारा निकलती है कि प्रकटीकरण के दशाओं में विश्वास को दृढ़ बनाये रखना चाहिए और परमेश्वर के उद्धारपरक कार्य में आशा रखना चाहिए।