प्रकाशितवाक्य 16:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इससे उस बड़े नगर के तीन टुकडे़ हो गए, और जाति-जाति के नगर गिर पड़े, और बड़े बाबेल का स्मरण परमेश्‍वर के यहाँ हुआ, कि वह अपने क्रोध की जलजलाहट की मदिरा उसे पिलाए।

प्रकाशितवाक्य 16:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

प्रकाशितवाक्यों 16:19 का संदर्भ और अर्थ

केंद्रीय दृश्य: इस पंक्ति में बड़े नगर के तीन टुकड़े हो जाने, जाति-जाति के नगर गिर पड़े, और बड़े बाबेल का स्मरण परमेश्वर के यहाँ हुआ—यह सब परमेश्वर के क्रोध की मदिरा, उसकी जलजलाहट का परिणाम बताता है। पूर्वापर घटनाओं के क्रम में यह आख़िरी दावत-सी घटना परमेश्वर के न्याय की गहरी अभिव्यक्ति है।

ईश्वर की स्वभाव और विश्वास पर इसका प्रकाश

यह पाठ Θε Christ के नहीं, बल्कि भौतिक और प्रतीकात्मक रामबाण-न्याय के रूप में यह बताता है कि परमेश्वर अपने पापपूर्ण समाज की परवरिश पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। पाप के जबड़ों में दिये गए यह संकेत कि बड़े नगर के विभाजन और पतन से ईश्वर की पवित्रता और न्याय उजागर होते हैं, हमारे न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि सामाजिक-राजनीतिक संदर्भों में भी ईश्वर के शासन की महत्ता को रेखांकित करते हैं।

शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

  • तीन टुकड़े— एक गहन विभाजन का चित्र है, जिससे एक महान नगर की प्रतिष्ठा टूट जाती है और उसकी एकता तोड़ दी जाती है; यह प्रभु की सत्ता और न्याय की घोषणा है।
  • जाति-जाति के नगर गिर पड़े— सामाजिक-धर्मिक संरचनाओं का विघटन; पथभ्रष्ट वर्गों के बीच विभेद और निर्णायक संहार का संकेत।
  • बड़ा बाबेल का स्मरण— पुरानी इब्री स्मृति में बाबेल एक भ्रम, आत्म-उच्चता और मानवीय योजना के कटाक्ष के रूप में आता है। यहाँ उसका स्मरण परमेश्वर के यहाँ न्याय के कारण होता है, जिससे मानव-जलन और पाप की महत्ता उजागर हो।

अन्य संगत अध्यायों से सम्बन्ध

संभावित क्रॉस-रेफरेंसेज: यह पाठ अन्य स्थानों में परमेश्वर के न्याय और लोगों के पाप-निवारण को जोड़कर बताते हैं—उदा. “पाप की कीमत” का विचार नीतिगत रूप से कहाँ-कहाँ उभरता है; “दायित्व और दंड” का सिद्धांत कैसे जीवित होता है; और “धर्मभीरुता” का आह्वान।

संकेतवाचक संबंधी स्पष्टीकरण: (1) एकता की टूट-फूट और शासन का नुकसान—ईश्वर की महिमा के विरुद्ध पुनरुत्थान नहीं, बल्कि पाप के फलस्वरूप होता है; (2) स्मरण— पुराने अनुभवों को याद कर वर्तमान न्याय को मान्यता देना; (3) मदिरा के समान विराट क्रोध—ईश्वरीय निर्णय की कठोरता और उसके साथ दया की परिधि का संतुलन।

पवित्र ग्रंथ से सीधे प्रकाशन

यह भाग पवित्रता और न्याय के दायरे के भीतर एक चेतावनी देता है कि जब समाज पाप को लोकतंत्रित ढंग से स्वीकार कर ले, तब परमेश्वर की चिह्न-छवि टूटती है और एक बड़े अधर्म के परिणाम सामने आते हैं।

आज के लिए व्यवहारिक आवेदन

  • स्व-परीक्षण: अपने जीवन के क्षेत्र—परिवार, समुदाय, उद्योग—में यदि अंहकार, कृपापूर्णाय, बेमानी महत्वाकांक्षा या अन्याय है, तो उसे ईश्वर के प्रकाश में देखना चाहिए।
  • सामाजिक समानता व न्याय: समाज-नीति और व्यवहार में निष्पक्षता को बढ़ावा दें; किसी भी प्रकार का अत्याचार या भिन्न-भिन्नता से बचते हुए एक गणतंत्रीय और न्यायसंगत वातावरण बनाएं।
  • उद्धार और स्मरण: पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए वर्तमान और भविष्य के लिए परमेश्वर की दया और न्याय के अनुसार आचरण बनाए रखें।

संक्षिप्त एकीकृत व्याख्या

यह पद परमेश्वर के क्रोध की गम्भीरता को दिखाते हुए कहता है कि पाप के परिणाम सामाजिक विघटन, नगरों के टूटने और स्मरणीय इतिहास के अनुसार परमेश्वर के न्याय के साथ हैं। इससे मिली शिक्षा यह है कि ईश्वर के साथ निर्भीक संदेशन और सत्य-निष्ठा ही जीवन का आधार है, ताकि समाज में पवित्रता और समानता बन सके।

महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि उद्धृत हो) — Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से शाब्दिक संक्षेप

इस पाठ के बारे में उनके प्रकाशित टिप्पणियों में प्रायः यह विचार मिलता है कि परमेश्वर के क्रोध की मदिरा, पाप के परिणामों के साथ जुड़ी है; पर साथ ही न्याय के पार भी दया और उद्धार की संभावना रहती है।

Cross-references और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

1) अन्य जगहों पर न्याय की महत्ता: पाप के फल से सामाजिक विघटन—यहां नाममात्र के संकेत से भी ईश्वर के न्याय का प्रकट होना दिखता है।

2) स्मरण की भूमिका: पुराने अनुभवों को याद कर वर्तमान में सत्य पर टिकना—यह पाठ स्मरण की महत्त्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

3) दया और न्याय की रेखा: कठिन न्याय के बीच भी परमेश्वर की दया की योजना बनती है, जिसे विश्वासियों को समझना चाहिए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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क्योंकि उसके पापों का ढेर स्वर्ग तक पहुँच गया हैं, और उसके अधर्म परमेश्‍वर को स्मरण आए हैं।

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और वह स्त्री, जिसे तूने देखा है वह बड़ा नगर है, जो पृथ्वी के राजाओं पर राज्य करता है।”

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और उसकी पीड़ा के डर के मारे वे बड़ी दूर खड़े होकर कहेंगे, ‘हे बड़े नगर, बाबेल! हे दृढ़ नगर, हाय! हाय! घड़ी ही भर में तुझे दण्ड मिल गया है।’ (यिर्म. 51:8-9)

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