Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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प्रकाशितवाक्य 19:14 का तात्पर्य और संदर्भ
यह पंक्ति स्वर्गीय दृश्य के उत्साहपूर्ण क्षण की ओर इशारा करती है: स्वर्ग की सेना श्वेत घोड़ों पर सवार, वे स्वच्छ मलमल-पहनावा पहने हुए—उनके पीछे प्रभु यीशु के साथ आने वाले विजययात्रा के प्रतीक हैं। यह दृश्य परमेश्वर के न्याय और राज्याभिषेक की गवाही देता है, जब भगवान की महिमा और विश्व के अंतिम प्रतिशोध की यात्रा शुरू होती है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में जो पाठ बताता है
यह अंश ईश्वर के अधिकार और उनकी विजय के आगे हर प्रतिरोध की अवहेलना की पुष्टि करता है। श्वेत रंग और शुद्ध मलमल संतुष्टि, पवित्रता और पवित्र शत्रुओं के विरुद्ध प्रभु के निर्णायक विजयी आह्वान का संकेत देते हैं। साथ ही, इसे विश्व-यात्रा के अंत के साथ जुड़े उत्साह और आशा के स्वर के रूप में पढ़ना चाहिए—जहाँ धर्मी लोग परमेश्वर के राज्य के आनन्द में सम्मिलित होते हैं।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और imagery की स्पष्टता
अनुबंधित पाठ (cross-references) और उनके संकेत
1) प्रकाशितय 19:11-16— योद्धाओं के राजा और उनका राज्याभिषेक, परमेश्वर के प्रत्यक्ष अभिषेक की पुष्टि। यह दृश्य इस अध्याय को आगे बढ़ाकर बताता है कि विजयी दृष्य किस प्रकार शांति और न्याय के साथ जुड़ा है।
2) जिन्न का अंत Verses (रोम 8:18-23) — निर्मलता की आशा और सृजन की जुड़ाव; यह बताता है कि धारणाओं में जो पीड़ा है, वह भी परमेश्वर की महा-योजना में अंततः परिवर्तन के साथ जुड़ी है।
3) यशाय 63:1-4— पवित्र युद्ध की तस्वीर, जहां प्रभु न्याय से राज्य स्थापित करते हैं; यह परिप्रेक्ष्य इस वाक्य के विजयी परिदृश्य को गहरा बनाता है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
हमें यह विश्वास नहीं छोड़ना चाहिए कि अंततः सत्य, शुद्धता और प्रभु की व्यवस्था की विजय होगी। कठिन समय के बीच भी हमारे भीतर पवित्रता की प्रतीकस्वरूप जीवन और विश्वास बनाए रखना प्रेरित करता है। श्वेत घोड़ों की तस्वीर: हमारी राहों में भी नैतिक शुद्धता, प्रेम और सत्य के साथ चलते रहने की याद दिलाती है।
कम-उच्चारण उद्धरण (public-domain टिप्पणीकारों से)
एडम क्लार्क और अॅल्बर्ट बार्न्स के विश्लेषण में यह बात मिलती है कि गोस्वामी की महिमा और न्याय के आख्यान में विजयी चरित्र का वर्णन समुदाय-निर्माण और विश्वास-उद्धार के लिए प्रेरक है।
यदि आप चाहें, तो निम्न रूप से संक्षेप उद्धरण मिलते हैं: “विजय की घोषणा, शुद्धता की पराकाष्ठा, और न्याय की मांग—ये सभी एक ही दिव्य नाटक के भाग हैं।” (यह सारांश सामान्य है; पूर्ण उद्धरण कॉपीराइट मुक्त पूर्व-प्रकाशित टिप्पणीकारों के शब्दों से रूपांतरित नहीं हैं।)
उद्धरण नोट: इस पृष्ठ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट शब्दों के पूर्ण वाक्यों को प्रकाशित-पूर्व दर्ज किया गया है, यदि उपलब्ध हों, तो उनका संक्षिप्त उल्लेख आवश्यक है।