Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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सीधे अर्थ का संक्षेप
प्रकट vor: प्रकाशितवाक्य 6:7 में चौथी मुहर के खुलते ही चौथा प्राणी यह घोषणा करता है: “आ।” यह संकेत देता है कि चौथी भाग्यशालिनी मुहर के समय क्षुधा, संघर्ष या व्यापक विपत्ति की सीमा को चिह्नित करती है, जिसमें एक नई घटना, भय या कठिनाई प्रकट होती है।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
यूरोपीय-पूर्वकालीन प्रतीकों की तरह, प्रकाशितवाक्य पाँच मुख्य मुहरों के साथ धरातल पर घटित घटनाओं की क्रमबद्ध झलक दिखाता है। चौथी मुहर के खुलने पर चारों जीवों में से एक आवाज उठती है—यह एक ध्वनि-चेतावनी है जो संसार की विपत्तियों के क्रम को बताती है। यह नुकसान और कष्टों के बढ़ते क्रम की ओर संकेत है, जिससे पृथ्वी पर प्रताड़नाओं की एक नई लहर बनती है।
व्याख्यात्मक विचार
छोटा थीमैटिक सूची
कथा-सम्बन्धी पाठ (क्रॉस-रेफरेंसेस)
1) अन्य मुहरों के उद्घाटन के क्रम पर दृष्टि बनती है जो विभिन्न प्रकार की विपत्तियाँ दर्शाते हैं, यह दिखाता है कि भय और कठिनाई समय के साथ बढ़ते हैं।
2) जो दृष्टिगोचर घटनाएं होती हैं, वे ईश्वर के souverainता और न्याय के प्रमाण के रूप में देखी जाती हैं; विपत्ति के पीछे कारणों का विवेचन सीखने को मिलता है।
3) विश्वास की परीक्षा में धैर्य और प्रेरणा के उदाहरण मिलते हैं, जो आत्म-परिष्कार का मार्ग बनाते हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जब विपत्ति अधिक गहरी या व्यापक लगती है, तब भी ईश्वर के उद्देश्य शांत, न्यायपूर्ण और उद्धारसूचक रहते हैं। आत्म-शासन, प्रार्थना और विश्वास के साथ हमें स्थिति का सही मूल्यांकन करना चाहिए, न कि भय के कारण निष्क्रिय हो जाना चाहिए।
संदर्भ-योग
- चरित्र की सच्चाई: विपत्तियाँ समय-समय पर आ सकती हैं; उनसे निपटते समय चर्च और आत्म-निरीक्षण मजबूत होते हैं।
- उद्धार और कूट-योजना: विपत्तियों में भी ईश्वर के उद्धार में विश्वास रखना सीखा जाता है।
अनुशंसित उद्धरण-उद्धार (हस्ताक्षरयुक्त सूचनाओं को उद्धृत करते समय ध्यान दें): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विशिष्ट अंशों के संक्षिप्त, सीधे शब्द-उद्धरण उपलब्ध होने पर ही संलग्न किया गया है।