प्रकाशितवाक्य 6:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब उसने छठवीं मुहर खोली, तो मैंने देखा कि एक बड़ा भूकम्प हुआ*; और सूर्य कम्बल के समान काला, और पूरा चन्द्रमा लहू के समान हो गया। (योए. 2:10)

प्रकाशितवाक्य 6:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

प्रकाशितवाक्य 6:12 का संदर्भ और मुख्य अर्थ

जब छठी मुहर खोली गई, तब प्रभु ने महान भूचाल, सूर्य के अंधेरे में कपड़ा जैसे काला रंग, और चंद्रमा का लहू के समान रंग दिखाया। यह दृश्य Apocalypse की उन घटनाओं में से है जो अंतिम समय के परमेश्वर के न्याय और पुरुषों के व्यक्तित्व में गहरी परिवर्तन का संकेत देता है। यह भागय की उसी घड़ी को दर्शाता है जिसमें प्रभु अपने परम उद्देश्यों की पूर्ति के लिए विश्व के इतिहास को मोड़ते हैं।

मुख्य विश्वासोपयोगी समझ

यह वचन दिखाता है कि ग़रीब-गरीब, आतुरता और अन्याय के बावजूद परमेश्वर का समय आ चुका है। मुहरों के खुलना संकेत देता है कि पृथ्वी पर उद्धार-न्याय की योजना धीरे-धीरे प्रगट हो रही है। भूचाल, सूर्य-चन्द्रमा के विक्षेपित दृश्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्राकृतिक सृष्टि भी परमेश्वर के क्रोध और राजा के आविर्भाव के लिए संघर्ष कर रही है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • परमेश्वर के न्याय की घड़ी अब स्पष्ट होकर चल पड़ी है; वह कड़ाई के साथ परखा रहा है कि कौन उसका पालन करता है और किसके भीतर अविश्वास व्याप्त है।
  • आकाशीय संकेत लोगों को पलटने, प्रार्थना करने और ईमानदारी से उसके सामने आत्म-समर्पण करने के लिए प्रेरित करते हैं।
  • भूचाल, सूर्य-चंद्रमा के रंग-परिवर्तन पृथ्वी और आकाश दोनों की अस्थिरता को दर्शाते हैं—परमेश्वर के बड़े संदेश को उजागर करने के लिए एक दृश्य प्रतीक बनकर।

संबंधित बाइबल के अंश

— योएल 2:10, जो मौसमी दृष्टि से पृथ्वी-आकाश की आक्रमण-भयावह घटना को वर्णन करता है; इसे यहाँ के रूपक के रूप में समझना उपयुक्त है।

— मत्ती 24:29-30, जहाँ अंतिम चक्र के संकेतों में प्रकाश, आकाश और पृथ्वी के परिणामों का वर्णन मिलता है; यह वचन इस घटनात्मक पथ को पूरक बनाता है।

— दान 2:44, जहां रोमांचकारी साम्राज्यों के विस्फोट और परमेश्वर के स्थिर राज का उद्घोष है; आध्यात्मिक परिवर्तन और साक्ष्य का संकेत मिलता है।

व्यावहारिक चिंतन

आख्यानों के इन संकेतों के प्रकाश में हमें अपनी आंतरिक स्थिति पर विचार करना चाहिए। क्या हमारा विश्वास और आचरण परमेश्वर के शासन के अनुरूप है? अप्रत्याशित कठिनाईयों के बीच भी धार्मिक आस्था और प्रेम की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। भूख-न्यास और न्याय की मांग के समय में दया और धैर्य बनाए रखना सीखना चाहिए।

छोटी-सी समापनकथा

छठी मुहर के खुलने से प्रकट होने वाले प्राकृतिक परिवर्तन पृथ्वी के अंत के बजाय परमेश्वर के उद्धार-कार्य के एक चरण को दर्शाते हैं। इनके पीछे एकत्रित उद्देश्य यह है कि हर प्राणी सचेत हो, पश्चाताप करे और उसकी महान सत्ता के सामने नत-मस्तक हो जाए।

सीधे उद्धरण (Matt. Henry, Barnes, Clarke)

यह पाठ प्रकाश-युग के तत्काल संकेतों के रूप में उद्धरणों के साथ पढ़ना उपयोगी हो सकता है, परन्तु यह विभाग केवल आवश्यकता अनुसार छोटे-छोटे संकेत देता है; पूर्ण वाक्यों का पुनरुक्त उद्धरण यहाँ नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

प्रकाशितवाक्य 6:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मत्ती 24:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 24:29 (HINIRV) »
“उन दिनों के क्लेश के बाद तुरन्त सूर्य अंधियारा हो जाएगा, और चाँद का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी।

प्रेरितों के काम 2:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 2:19 (HINIRV) »
और मैं ऊपर आकाश में अद्भुत काम*, और नीचे धरती पर चिन्ह, अर्थात् लहू, और आग और धुएँ का बादल दिखाऊँगा।

योएल 2:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
योएल 2:10 (HINIRV) »
उनके आगे पृथ्वी काँप उठती है, और आकाश थरथराता है। सूर्य और चन्द्रमा काले हो जाते हैं, और तारे नहीं झलकते। (मत्ती 24:29, मर. 13:24,25, प्रका. 6:12,13, प्रका. 8:12, प्रका. 9:2)

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