Old Testament
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श्रेष्ठगीत 1:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे स्त्रियों में सुन्दरी, यदि तू यह न जानती हो तो भेड़-बकरियों के खुरों के चिन्हों पर चल* और चरावाहों के तम्बुओं के पास, अपनी बकरियों के बच्चों को चरा।
श्रेष्ठगीत 1:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 1:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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श्रेष्ठगीत 6:1 (HINIRV) »
हे स्त्रियों में परम सुन्दरी, तेरा प्रेमी कहाँ गया? तेरा प्रेमी कहाँ चला गया कि हम तेरे संग उसको ढूँढ़ने निकलें?

श्रेष्ठगीत 5:9 (HINIRV) »
हे स्त्रियों में परम सुन्दरी तेरा प्रेमी और प्रेमियों से किस बात में उत्तम है? तू क्यों हमको ऐसी शपथ धराती है?

प्रकाशितवाक्य 19:7 (HINIRV) »
आओ, हम आनन्दित और मगन हों, और उसकी स्तुति करें, क्योंकि मेम्ने का विवाह* आ पहुँचा है, और उसकी दुल्हन ने अपने आपको तैयार कर लिया है।
श्रेष्ठगीत 1:8 — एक विनम्र खोज और आत्म-परख
यह पद स्त्रियों के लिए एक निहित आग्रह से भरा है—अपने अंदर की पहचान और साक्षात्कार के लिए एक मार्गदर्शक निर्देश। नायिका को अपने Groom के लिए अपनी मूल्य-समझ विकसित करने को कहा गया है, पर ज्य़ादा महत्व यह है कि वह अपनी दिशा आत्म-नियमन से प्राप्त करे, न कि बाहरी दिखावट पर ही निर्भर रहे। यहाँ "सुंदरी" शब्द से मात्र भौतिक सौंदर्य नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता और चरित्र की दिशा भी मानी गई है।
पाठ का परिचय और संदर्भ
यह गीत-शास्त्र प्रेम-गीत की तरह लेखक के भीतर प्रेम की गहराई और विश्वास की नज़र से दिखाते हैं कि कैसे विवाह-सम्बन्ध की साख और उद्देश्य गहराते हैं। 1:8 का संदर्भ बताता है कि प्रेमीवाले को न सिर्फ बाहर की आडम्बरी दिखावट से आकर्षित होना चाहिए, बल्कि उसकी दृष्टि के लिए आत्म-साक्षात्कार आवश्यक है।
verses in focus: 1:8 का मुख्य संदेश
यद्यपि यह सौंदर्य-वर्णन का भाग है, पर कहावत यह है कि यदि तू अपनी पहचान नहीं जानती, तो मार्ग चुने—भेड़-बकरियों के खुरों के चिन्हों पर चलना; चरावाहों के तम्बुओं के पास बकरियों को चराना। यहाँ प्राकृतिक जीवन के प्रतीकों के साथ एक आंतरिक जागरूकता भी उपदेशित है—अपने काम, अपनी भूमिका, अपनी पहचान को समझना, ताकि प्रेम और उन्नति एक सच्चे आधार पर टिक सकें।
प्रमुख अध्यात्मिक पाठ
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसेस
संयोग के रूप में नीचे बताए गए बाइबल पाठ विचार में मदद कर सकते हैं:
व्यावहारिक अनुप्रयोग
निरूपित मार्ग पर कैसे कार्य करें:
सार-संक्षेप
श्रेष्ठगीत 1:8 का मूल तात्पर्य है कि सुंदरता केवल ngoại रूप नहीं है; वास्तविक आकर्षण वह है जो आत्म-निरीक्षण, जिम्मेदारी, और आंतरिक चरित्र से आता है। एक पत्नी के लिए यह स्पष्ट निर्देश है कि अपनी पहचान और दायित्वों को जानना, प्रेम-विवेक को स्थिर बनाता है।
संक्षिप्त उद्धरण (पैग़लामी निर्गत स्रोत)
इस अनुभाग मेंMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन अनुमानित टिप्पणियों के छोटे उद्धरणस्वरूप तात्पर्य हो सकते हैं; यदि उपलब्ध हों, तो नीचे उद्धृत हैं:
“उचित उपदेश, आत्म-नियंत्रण और अपनेकार्य-पथ की स्पष्ट समझ से प्रेम-जीवन बनता है।”
टिप्पणी-सार
यह पंक्ति स्त्रियों को आत्म-चेतना और दायित्व-ज्ञान की दिशा में प्रेरित करती है, ताकि विवाह में प्रेम और चरित्र दोनों साथ-साथ उन्नत हों।