Old Testament
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श्रेष्ठगीत 2:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अंजीर पकने लगे हैं, और दाखलताएँ फूल रही हैं; वे सुगन्ध दे रही हैं। हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठकर चली आ।
श्रेष्ठगीत 2:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 2:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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श्रेष्ठगीत 2:10 (HINIRV) »
मेरा प्रेमी मुझसे कह रहा है, “हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठकर चली आ;

श्रेष्ठगीत 6:11 (HINIRV) »
मैं अखरोट की बारी में उत्तर गई, कि तराई के फूल देखूँ, और देखूँ की दाखलता में कलियें लगीं, और अनारों के फूल खिले कि नहीं।

श्रेष्ठगीत 2:13(हिंदी अनुवाद, HINIRV) का संदर्भ और केंद्रीय अर्थ
यह पद श्रेष्ठगीतों की प्रेम-कथा में ऋतु परिवर्तन के संकेत देता है। शिशुमार-प्रेमिका से जुड़ी पंक्तियाँ अचानक पूर्ववर्ती शीत-यातनाओं के बाद फली-फुली आंतरिक उछाह दर्शाती हैं। कली और पत्तियाँ ढलान पर हैं, पर अब अंजीर पक रहे हैं और दाखलताएँ फूल रही हैं; यह प्रेम-जोड़े के मिलन की ताजा आहट है—जो गहरी रोमांतिक तथा आत्मीय उत्कंठा का प्रतीक है। आवाज़ प्रेमिका की है जो अपने प्रिय से पूछती है कि उठकर आ जा, ताकि दोनों एक साथ नए उल्लास का अनुभव करें।
मुख्य अर्थ
इस वाक्य में प्रकृति का उल्लास प्रेम की ऋतु को दर्शाता है—संकेत है कि प्रेम-जगत में ताप और आशा दोनों मिलकर नये दाव-पेंच नहीं, बल्कि निकट भविष्य में निकट आकाश का मिलन प्रस्तुत कर रहे हैं। अंजीर और दाखलताएँ यहाँ रूपकों के रूप में प्रेम-यात्रा के हर सकारात्मक संकेत को दर्शाते हैं—फसलें पक रही हैं, अवसर आ रहे हैं, और प्रेमी-प्रेमिका को एक साथ उठकर कदम बढ़ाने का आग्रह मिल रहा है।
दो-तीन मुख्य विषय
संबद्ध अंश—पठन के अन्य संकेत
1) परम प्रेम की मौलिक प्रेरणा को समझाने हेतु अन्य स्थानों में वृक्ष-फल के रूपक मिलते हैं जो प्रेम की वृद्धि और मधुरता का चित्रण करते हैं।
2) प्रेम में आत्मीय साहस और सक्रिय पहल का महत्व दिखता है—जैसे उठकर आ जाना और साथ मिलकर आगे बढ़ना।
3) प्रकृति के चक्र से प्रेम की गहराई बढ़ती है—घटते-घटते बढ़े हुए पाठ के रूप में भी यह दिखता है।
व्यावहारिक चिंतन
जीवन-सम्बन्धों में यह पद प्रेरणा देता है कि प्रेम के क्षणों में उत्साह और ठोस पहल आवश्यक हैं। यह कहना संभव है कि जब teklifler और अवसर प्रमुख हों, तब साथ मिलकर उठना और आगे बढ़ना वास्तविक संगति बनती है। रिश्तों में धैर्य, आत्मीयता और एक-दूसरे के समय का सम्मान सूत्रधार बनते हैं—खास तौर से तब जब परिस्थितियाँ मधुर हों और नये आरम्भ की पुकार सुनाई दे।
संक्षिप्त निष्कर्ष
श्रेष्ठगीत 2:13 प्रेम-ऋतु की उन्नति और मिलन-आह्वान का सुगठित संकेत है। अंजीर पकना और दाखलताओं का फूलना प्रेम के शरीर-रूपी संकेत हैं, जो यह दर्शाते हैं कि प्रेम अब आंगन में उत्कर्ष के साथ प्रवेश कर रहा है। उठकर आओ—हम एक साथ नई दिशा में चलें।
क्रॉस-रेफरेंस
- गलतफहमी दूर करने और प्रेम की बहाली पर बल पर सक्षम विचार के लिए पुरानी दृष्टांत—जिनमें “विश्वास के मार्ग पर दोनों के एक साथ कदम” का theme मिलता है।
- प्रेम की अनुभूति में साहस की बात करने वाले अन्य उद्धरण: एक साथ उठना और चलना; एक-दूसरे के पक्ष में कदम बढ़ाना।
नोट: नीचे उद्धृत दो पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से हैं, यदि उपलब्ध हों तो संक्षिप्त रूप में शामिल की गई हैं—पूर्ण पाठ नहीं।