Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीश्रेष्ठगीत 3:4 बाइबल पद की व्याख्या
श्रेष्ठगीत 3:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मुझ को उनके पास से आगे बढ़े थोड़े ही देर हुई थी कि मेरा प्राणप्रिय मुझे मिल गया। मैंने उसको पकड़ लिया, और उसको जाने न दिया जब तक उसे अपनी माता के घर अर्थात् अपनी जननी की कोठरी में न ले आई।
श्रेष्ठगीत 3:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
श्रेष्ठगीत 3:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 8:17 (HINIRV) »
जो मुझसे प्रेम रखते हैं, उनसे मैं भी प्रेम रखती हूँ, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।

श्रेष्ठगीत 8:2 (HINIRV) »
मैं तुझको अपनी माता के घर ले चलती, और वह मुझ को सिखाती, और मैं तुझे मसाला मिला हुआ दाखमधु, और अपने अनारों का रस पिलाती।

श्रेष्ठगीत 3:4 — तत्काल प्रेम और वफादारी का मोड़
इस पद का मूल दृश्य सुंदर प्रभाकर दृश्य प्रस्तुत करता है: प्रेमिका अपने प्रिय के साथ मिलने के लिए शक्तिशाली期待 और द्वार-बार-बार की तलाश में है; यह दृश्य प्रस्थान नहीं, बल्कि गृहस्थी की प्रतीक्षा और सुरक्षा के लिए एक गहन खोज है। निदर्शक कहती है कि मुझ को उनके पास से आगे बढ़े थोड़े ही देर हुई थी कि मेरा प्राणप्रिय मुझे मिल गया। यह संभावना देती है कि प्रेम प्यासी है, परिक्षणों और दूरी के बाद लौटकर आया है, और पति-पत्नी की एकत्वता का अपेक्षित अनुभव बन गया है। अंततः वह उसे पकड़ कर माता के घर, अर्थात् अपनी जननी की कोठरी में ले आयी, जो सुरक्षा, पहचान और विवाह-बंधन की गूढ़ प्रतीक है.
यह पाठ ईश्वर के साथ विश्वास और प्रेम की गहराई पर क्या बताता है
शाब्दिक संदर्भ में यह कविता-संकेत प्रेम के गहरे एकांत-संवाद की ओर इंगित करता है: मानवीय प्रेम, तरस, और अनुग्रह—जो दूरी मिटा कर फिर से निकट आता है। साथ ही यह प्रचलित प्रेम-घटनाओं की तरह नहीं, बल्कि एक निजी, अंतरात्मीय मिलन का चित्रण है। बाइबल के आध्यात्मिक पाठों के भीतर इस मिलन का अर्थ यह है कि विश्वास के अनुभव में परमेश्वर के साथ पुनः एकत्व मिलना, उसकी निकटता में जीना और उसकी सुरक्षा में शरण पाना है।
विशेष शब्दार्थ और चित्रण
अन्य पवित्र संदर्भ
कृति 3:1–3 में प्रेमिका की खोज और ढूंढ़-ढूंढ़कर मिलने की निरंतर प्रक्रिया दिखती है, जो शिशु-सम्बन्धों जैसी नज़दीकी की प्रतीक है। अन्य जगहों पर ईश्वर के प्रेम कीualitas का संकेत प्रेम-धारणाओं के साथ जुड़ता है—खासकर जब विश्वासी परमेश्वर की निकटता की खोज में रहते हैं।
2-3 शुद्ध cross-references और उनके संक्षिप्त विवरण
Apply-to-आज के लिए
आज के पाठ से हम यह सीख सकते हैं कि परमेश्वर के साथ वास्तविक निकटता चाहिए: नियमित प्रार्थना, धर्म-कर्म और आजीवन आस्था-बंधन से हमारा घर, हमारी आत्मा वहीं सुरक्षित रहती है। प्रेम में दूरी बन भी जाए तो मिलने की आशा सत्य है, किन्तु मिलन का सही स्थान विश्वास-जीवन के भीतर यीशु में नजदीकी है।
प्रेरित टिप्पणियाँ (सार)
इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से इन पंक्तियों के संक्षिप्त उद्धरण केवल जहाँ आवश्यक हों, वे नीचे संकलित हैं:
कृपया ध्यान दें: मौलिक उद्धरण केवल मात्रा-उद्धरण के रूप में उचित संदर्भ में दिए जाते हैं यदि उपलब्ध हो।