Old Testament
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श्रेष्ठगीत 3:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
देखो, यह सुलैमान की पालकी है! उसके चारों ओर इस्राएल के शूरवीरों में के साठ वीर चल रहे हैं।
श्रेष्ठगीत 3:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 3:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 शमूएल 28:2 (HINIRV) »
दाऊद ने आकीश से कहा, “इस कारण तू जान लेगा कि तेरा दास क्या करेगा।” आकीश ने दाऊद से कहा, “इस कारण मैं तुझे अपने सिर का रक्षक सदा के लिये ठहराऊँगा।”

1 शमूएल 8:16 (HINIRV) »
फिर वह तुम्हारे दास-दासियों को, और तुम्हारे अच्छे से अच्छे जवानों को, और तुम्हारे गदहों को भी लेकर अपने काम में लगाएगा।

1 शमूएल 14:52 (HINIRV) »
शाऊल जीवन भर पलिश्तियों से संग्राम करता रहा; जब-जब शाऊल को कोई वीर या अच्छा योद्धा दिखाई पड़ा तब-तब उसने उसे अपने पास रख लिया।
श्रेष्ठगीत 3:7 — संदर्भ और पाठ-परिचय
यह पद गीत–संग्रह के एक रहस्यमय और कल्पनात्मक दृश्य में स्थित है। शास्त्रीय व्याख्या इसे दुल्हन की खोज, राजधानी की सुरक्षा या दूल्हे के चूमने से पहले हो रही तन्मयता के रूपक के रूप में देखती है। यहाँ कहा गया है कि श्रेष्ठगीत का पाठक देखे, यह सुलैमान की पालकी है, जिसे इस्राएल के शूरवीरों के घेरे में धूमिर्भूमि किया गया है; साठ वीर उसकी चारों ओर चल रहे हैं। यह दृश्य एक विशाल और पवित्र यात्रा को संकेत देता है जिसमें परमेश्वर के लोग अपनी निजता और सौंदर्य के साथ पूर्व-उत्साह से भरे होते हैं।
यह पाठ भगवान के साथ विश्वास और सुरक्षा का संकेत कैसे देता है
पद के प्रारम्भिक संकेत में विशेष संकेत मिलता है—पालकी का संकेत: यह शोभा, प्रतिष्ठा और प्रार्थना-गृह की पवित्रता का प्रतीक है। साथ ही, क्षेत्र-भर के सैनिक—शूरवीर—धार्मिक समाज की सुरक्षा और संरक्षा का प्रतीक हैं। इस दृश्य से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर उन्हीं के बीच में रहते हैं जो उसकी बात मानते हैं और उसकी योजना के अनुसार चलते हैं। निष्कर्ष यह है कि परमेश्वर के लोग एककालिक सुरक्षा और पवित्रता में चल रहे हैं, भेदभाव या भय से मुक्त रहे हैं।
मुख्य शब्दों व तस्वीरों की व्याख्या
संबंधित आयाम और क्रॉस-रेफरेंस
1) यशायाह 52:12 में परमेश्वर की उपस्थिति की सुरक्षा का उच्चारण: प्रभु उसी के साथ जा रहे हैं जो उनकी राह में विश्वास बनाते हैं। यह दृश्य भी पालकी-परिकल्पना से जुड़ता है कि परमेश्वर अपने लोगों के बीच रहते हैं।
2) निर्गमन 25:22 में प्रभु का आह्वान—“मैं तेरे बीच आकर तुझ से मिलूँगा”—यह दृश्य पालकी-आवाज़ के साथ मेल खाता है कि परमेश्वर की सजग उपस्थिति उनके साथ है।
3) स्तोत्र 46:7 में कहा गया है कि परमेश्वर हमारे साथ है—हमारा बल और संरक्षक। यह पाठ भी सुरक्षा, सत्ता और सामुदायिक एकता के संकेत देता है।
आज के समय में आवेदन
- विश्वास-यातना में भी पालकी की तरह, हम अपनी आत्मिक सुरक्षा को परमेश्वर की उपस्थिति में मानते हैं। जीवन के संकटों में भी परमेश्वर के साथ चलना हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
- समुदाय में एकता और कर्तव्य-नीति के साथ चलना—पलकी के चारों ओर स्थिर शूरवीर-घेरा जैसी व्यवस्था—हमेशा एक दूसरे की सुरक्षा, सहायता और सचाई की रक्षा करता है।
- भरोसे के साथ राज्य और समाज की व्यवस्था में संकेत मिलते हैं कि ईमानदार नेतृत्व और दायित्वपूर्ण कर्म से परमेश्वर की कृपा प्रकट होती है।
कथन-उद्धरण (सूचना केवल)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे दिए गए सूत्री विचार सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से संकलित हैंक μπορούν हैं:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे पुरानी टिप्पणीकारों के संकल्पनात्मक विचारों के साथ रचना-प्रवाह इस पाठ की गहराई को समझाने में मदद करते हैं; वे यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर की उपस्थिति और सुरक्षा का अनुभव कैसे समुदाय को एकजुट करता है। (नोट: इन महत्त्वपूर्ण टिप्पणीकारों के स्पष्ट वाक्यों के छोटे भाग सीधे उद्धृत नहीं किए गए हैं, पर उनके सामान्य सिद्धांत इस सार में समाहित हैं।)