Old Testament
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श्रेष्ठगीत 6:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरे दाँत ऐसी भेड़ों के झुण्ड के समान हैं जिन्हें स्नान कराया गया हो, उनमें प्रत्येक जुड़वाँ बच्चे देती हैं, जिनमें से किसी का साथी नहीं मरा।
श्रेष्ठगीत 6:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
श्रेष्ठगीत 6:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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श्रेष्ठगीत 4:2 (HINIRV) »
तेरे दाँत उन ऊन कतरी हुई भेड़ों के झुण्ड के समान हैं, जो नहाकर ऊपर आई हों, उनमें हर एक के दो-दो जुड़वा बच्चे होते हैं। और उनमें से किसी का साथी नहीं मरा।

मत्ती 25:30 (HINIRV) »
और इस निकम्मे दास को बाहर के अंधेरे में डाल दो, जहाँ रोना और दाँत पीसना होगा।

मत्ती 21:19 (HINIRV) »
और अंजीर के पेड़ को सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पत्तों को छोड़ उसमें और कुछ न पा कर उससे कहा, “अब से तुझ में फिर कभी फल न लगे।” और अंजीर का पेड़ तुरन्त सुख गया।
श्रेष्ठगीत 6:6 — संदर्भित प्रसंग और अर्थ
यह पद श्रेष्ठगीत के मौखिक प्रेम-गीत के भीतर प्रेमिका के सौंदर्य और पतिकी निष्ठा की पुकार को संदर्भित करता है। दांतों की उपमा एक मजबूत, संरक्षित और शुद्ध आश्वासन की ओर संकेत करती है: प्रेम और विश्वास की गहरी एकता जो चोटों या अशांति से सुरक्षित रहती है। इस क्षेत्र में यह दिखाता है कि प्रेमी/प्रेमिका के रिश्ते में सुरक्षा, पवित्रता और अडिगता कितनी महत्त्वपूर्ण हैं।
ईश्वर की अपेक्षा और विश्वास के प्रति प्रकाश
पद यह बताता है कि प्रेम और विश्वास के दामन में शुद्धता और स्थिरता रहती है—जिनमें समानता, भ्रांति नहीं, और एक-दूसरे के साथ गहराई का बंधन होता है। दांतों का चित्रण एक मजबूत और पवित्र संबंध को दर्शाता है जिसमें भेद और क्षति का प्रश्न नहीं उठता। यह हमें यह स्मरण देता है कि परमेश्वर के साथ हमारा सम्बन्ध भी उसी प्रकार सुरक्षित और समरस होना चाहिए।
शब्दों और imagery की स्पष्टता
- दांत: यहाँ एक दृढ़, संरक्षित और निखरे हुए दांत के रूप में दिखता है—सत्य और पवित्रता की संरचना।
- भेड़ों का झुण्ड: प्राकृतिक जीवन में सुरक्षा और एकता का प्रतीक; प्रेमी-प्रेमिका के सामंजस्य की संगति।
- दोनों जुड़वाँ बच्चे: जीवन के पुनरुत्थान या गहरे सहयोग के प्रतीक; एक-दूसरे के साथ नेतृत्व और भागीदारी की स्पष्टता।
अन्य अन्य शास्त्रीय टिप्पणियाँ (संक्षेप)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke और एक और सार्वजनिक-डायरेctica टिप्पणीकार के सामान्य विचारों में यह संकेत मिलता है कि प्रेम के भीतर नैतिक शुद्धता और एकता परमेश्वर के दर्शनों की अभिव्यक्ति हैं। किसी-भी पूर्ण उद्धरण के लिए नीचे उल्लेखित है कि उपलब्ध होने पर वे विशेष पंक्तियाँ उद्धृत हैं।
कई क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
इन संदर्भों से सूचित होता है कि प्रेम में दृढ़ता, संरक्षण, और पवित्रता सर्वोच्च मानक हैं, जिनसे परमेश्वर के राज्य के वास्तविक अनुभव जुड़ता है।
आज के जीवन में उपयोगी अनुप्रयोग
- संबंधों में शुद्धता बनाए रखें: शब्द-शुद्धता और व्यवहार के उच्च मानक रखें, ताकि प्रेम-बंधन मजबूत रहे।
- सुरक्षा और एकता को प्राथमिकता दें: विश्वास में एक दूसरे के साथ स्थिरता और सहायता दें; रक्षा की भावना बनाए रखें।
- कठिन समय में भी प्रतिबद्धता: कठिन परिस्थितियों में भी एक-दूसरे के प्रति वफादार रहें, जैसे एक-दूसरे के दाँत की मजबूती से प्रतीक है।
कथन-सारांश
श्रेष्ठगीत 6:6 हमें यह स्मरण कराता है कि प्रेम-बंधन में पवित्रता, सुरक्षा और दृढ़ता अवयव हैं। दांतों की यह उपमा एक मजबूत अनुशासन और शुद्ध साथी-भाव की पुष्टि है। परमेश्वर की ओर से दिया गया आशीर्वाद वही है जो विश्वास और प्रेम की एकता को सुरक्षित रखे।
उद्धरण-नोट: इस पंक्ति के बारे में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्रचलित पवित्र-टीकाकारों के सामान्य विचार ऐसे मिलते हैं कि यह अनुबंध और शुद्धता की पुष्टि है; उनके विशिष्ट छोटे उद्धरण नीचे उद्धृत वास्तविक पाठ के साथ न होकर संक्षेप में प्रेरक रूप में समाहित हैं।