Old Testament
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श्रेष्ठगीत 6:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
लौट आ, लौट आ, हे शूलेम्मिन*, लौट आ, लौट आ, कि हम तुझ पर दृष्टि करें। क्या तुम शूलेम्मिन को इस प्रकार देखोगे जैसा महनैम के नृत्य को देखते हैं?
श्रेष्ठगीत 6:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 6:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 32:2 (HINIRV) »
उनको देखते ही याकूब ने कहा, “यह तो परमेश्वर का दल है।” इसलिए उसने उस स्थान का नाम महनैम रखा।

उत्पत्ति 49:10 (HINIRV) »
जब तक शीलो न आए तब तक न तो यहूदा से राजदण्ड छूटेगा, न उसके वंश से व्यवस्था देनेवाला अलग होगा; और राज्य-राज्य के लोग उसके अधीन* हो जाएँगे। (यूह. 11:52)

न्यायियों 21:21 (HINIRV) »
और देखते रहो; और यदि शीलो की लड़कियाँ नाचने को निकलें, तो तुम दाख की बारियों से निकलकर शीलो की लड़कियों में से अपनी-अपनी स्त्री को पकड़कर बिन्यामीन के देश को चले जाना।
श्रेष्ठगीत 6:13 पर टिप्पणी (हिंदी, HINIRV)
यह पद-कथन विषयी एक प्रेम-परक स्मरण है जो पथ-प्रकाशक संकेत देता है कि प्रेमी-परिशीलन में भीड़ के बीच, प्रेमिका के लौट आना हर क्षण नवीन चेतना और अभिषेक जैसा होता है। गीत-गायन में शूलेम्मिन के प्रति प्रेम की तेज़ी और उसकी प्रतीक्षा एक नृत्य-सी चाल बन जाती है, जिसमें प्रेम के रंग-बोध और अनुराग की गहराई उभरती है। यह कविता-गीत सामान्यतः शिशु-निष्ठा, निष्ठुरता के विरुद्ध प्रेम की मधुरता, और परम प्रेम के साथ एक नवीनीकृत संबद्धता को दर्शाती है।
पद का अध्याय-विचार
पंक्ति में लौट आओ, लौट आओ, हे शूलेम्मिन—यह बुलाहट नहीं एक प्रेमपूर्ण आग्रह है। नाटक-सी दृश्यावली में महनैम के नृत्य की तुलना करते हुए कहा गया है कि क्या तुम उसे इस प्रकार देखोगे जैसे महनैम के नृत्य को देखते हैं? यहाँ शूलेम्मिन को फिर से अपने प्रेम-गृह में बुलाने की तड़प और संदेश का तीखा अनुभव है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुपूरक क़ुरआन-शास्त्रों से तुलनात्मक विचार
1) यशायाह 55:6-7 में यह प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर के साथ मिलना एक अनुकूल समय है; लौट आना और उसकी कृपा की ओर पलटना जीवन के नई दिशा बनाती है।
2) मीका 7:7 में भरोसा है कि भले विरोधी हों, मेरा भरोसा यह है कि प्रभु के दयालु चेहरों को मैं देखूंगा—प्रेम की तलाश में दृढ़ता।
3) गिनती 6:24-26 में प्रभु से आशीष मिलने की शांति—यही प्रेम-स्वर का परिणाम है जब दिल लौटकर प्रभु की ओर मुड़ता है।
व्याख्या और व्यावहारिक अनुप्रयोग
यह पद प्रेम-आह्वान का स्वर है—शूलेम्मिन की लौट-करती अभ्यर्थना, प्रेमी-प्रेमिका के बीच निरंतर पुनरुद्घार का संकेत। आंतरिक जीवन में इसका अर्थ है कि हमारे भीतर का प्रेम-सम्बन्ध, आत्म-समर्पण और पवित्रता की चाह एक साथ उभरे। यदि हम महनैम के नृत्य को देखने जैसी भौतिक-उत्साह से ऊपर उठकर, प्रेम की गहराई को पहचानें, तो हम अपने आत्मा-आरोह पर प्रभु की उपस्थिति को महसूस कर सकते हैं।
छोटा-सा मार्गदर्शक सूची
यथार्थ क्रॉस-रेफ़रेंसे
उद्धृत क्रॉस-रेफ़रेंसे टिप्पणी-समयुक्त संकेत: यशायाह 55:6-7, मीका 7:7, गिनती 6:24-26 — ये सभी प्रेम और समुदाय की गहराई को उभारते हैं। यह संकेत करते हैं कि लौटना, मिलना और प्रेम-प्रतिष्ठा के बीच एक संरक्षित संबंध कैसे विकसित होता है।
उद्धृत संक्षिप्त अनुवास
यदि किसी श्लोक में हल्के-फुल्के शब्दों के साथ आकर्षक चित्रण है, तो टीका-कर्ताओं में से Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे कोई कठोर पंक्ति उपलब्ध हो तो उसे यहाँ संक्षेप में उद्धृत किया जा सकता है; फिलहाल मुख्य विचार वही है कि लौट आना, प्रेम सहित एक नवीनीकृत सम्मिलन, और प्रेम-प्रकाश—ये सभी एक साथ जीवन को दिशा देते हैं।
कुल मिलाकर यह पद प्रेम की पुकार, प्रतीक्षा की दृढ़ता और आत्म-समर्पण के बारे में एक मधुर स्मरण है: लौट आओ, ताकि हम तुम्हें फिर से देख सकें और तुम्हारी कीर्ति के साथ अपने जीवन को प्रकाशित कर सकें।