Old Testament
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श्रेष्ठगीत 6:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वहाँ साठ रानियाँ और अस्सी रखैलियाँ और असंख्य कुमारियाँ भी हैं।
श्रेष्ठगीत 6:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 6:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 45:14 (HINIRV) »
वह बूटेदार वस्त्र पहने हुए राजा के पास पहुँचाई जाएगी। जो कुमारियाँ उसकी सहेलियाँ हैं, वे उसके पीछे-पीछे चलती हुई तेरे पास पहुँचाई जाएँगी।

1 राजाओं 11:1 (HINIRV) »
परन्तु राजा सुलैमान फ़िरौन की बेटी, और बहुत सी विजातीय स्त्रियों से, जो मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, सीदोनी, और हित्ती थीं, प्रीति करने लगा।

1 राजाओं 11:3 (HINIRV) »
उसके सात सौ रानियाँ, और तीन सौ रखैलियाँ हो गई थीं और उसकी इन स्त्रियों ने उसका मन बहका दिया।
श्रेष्ठगीत 6:8 का प्रमुख निष्कर्ष
यह पदक एक विस्तृत, सौंदर्यपूर्ण और सामाजिक आयाम प्रस्तुत करता है जिसमें स्त्री-समूह की विविधता और चयन की भी चर्चा है। शास्त्रीय टिप्पणीकार इसे प्रेमगीत की समृद्धि, सुरक्षा और समर्पण के संदर्भ में देखते हैं, जहां विविधता के बीच एकात्मक प्रेम का महत्व उभर कर आता है।
साहित्यिक संदर्भ
यही पंक्ति सदा-स्थिर और रंगीन छवियों से भरी है: रानियाँ, रखैलें, और असंख्य कुमारियाँ। यह शैली गीला-सीधा व्याख्यान नहीं, बल्कि एक समुदाय की बहुलता का चित्रण है—जहाँ प्रिय का दायरा और उसके प्रेम की गूंज विविध समूहों में परिलक्षित होती है। यह भाग स्त्री-सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक वातावरण पर भी संकेत देता है: प्रेम का घर एकाधिक आयामों के बीच भी एक केंद्रीय इकाई बना रहता है।
धार्मिक-तत्व और सार
वहां वर्णित समूह भिन्न-भिन्न सामाजिक स्थितियाँ दर्शाते हैं—किसी पक्ष से घोषित एकता, तो किसी पक्ष से स्वीकारे गए विविध अनुभव। पवित्र गीत-ग्रंथ में यह संकल्पना प्रस्तुत है कि प्रेम के प्रतीक के रूप में शिखर तक पहुँचना सभी के लिए खुला है, परंतु एक दूसरी प्रेरणा भी है: प्रेम का एकत्व, भले ही परिवेश भिन्न हों।
अनुभवजन्य और शास्त्रीय संपादन
पूर्ववर्ती साधना-टिप्पणियों के अनुसार:
गृह-प्रतीक और क्रॉस-रेफरेंस
यहाँ तीन प्रमुख संकेत हैं जिन्हें अन्य शास्त्र-उद्धरणों से जोड़ा जा सकता है:
विचार-प्रश्न
1) प्रेम के विविध रूप एक ही आश्रय में कैसे समन्वित होते हैं? 2) समुदाय की विविधता के बीच एकात्मकता का आधार क्या है? 3) प्रेम के संरक्षण और सुरक्षा के लिए कौन से गुण आवश्यक हैं?
संक्षिप्त निष्कर्ष
श्रेष्ठगीत 6:8 प्रेम की बहुलता को एक सुगठित समुदाय के रूप में प्रस्तुत करता है—जहाँ अलग-अलग भूमिका और स्थिति होते हुए भी एक प्रेम-घर की सुरक्षा और एकता बनी रहती है। यह दर्शन आज भी परिवार और समुदाय के बीच सम्मान, सुरक्षा और आत्म-समर्पण की आवश्यकता को प्रकट करता है।