Old Testament
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श्रेष्ठगीत 7:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरा सिर तुझ पर कर्मेल के समान शोभायमान है, और तेरे सर के लटें बैंगनी रंग के वस्त्र के तुल्य है; राजा उन लटाओं में बँधुआ हो गया हैं।
श्रेष्ठगीत 7:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 7:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 35:2 (HINIRV) »
वह अत्यन्त प्रफुल्लित होगी और आनन्द के साथ जयजयकार करेगी। उसकी शोभा लबानोन की सी होगी* और वह कर्मेल और शारोन के तुल्य तेजोमय हो जाएगी। वे यहोवा की शोभा और हमारे परमेश्वर का तेज देखेंगे। परमेश्वर द्वारा सब कुछ परिवर्तन

श्रेष्ठगीत 4:1 (HINIRV) »
हे मेरी प्रिय तू सुन्दर है, तू सुन्दर है! तेरी आँखें तेरी लटों के बीच में कबूतरों के समान दिखाई देती है। तेरे बाल उन बकरियों के झुण्ड के समान हैं जो गिलाद पहाड़ के ढाल पर लेटी हुई हों। (नीति. 5:19)

प्रकाशितवाक्य 1:14 (HINIRV) »
उसके सिर और बाल श्वेत ऊन वरन् हिम के समान उज्ज्वल थे; और उसकी आँखें आग की ज्वाला के समान थीं। (दानि. 7:9, दानि. 10:6)
श्रेष्ठगीत 7:5 पर टिप्पणी — अर्थ का संक्षेप
इस पद में वधू-गीत की राजसी आत्म-आभा और आकर्षण को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। श्रृंगार, वैभव और वाचाल प्रेम की गहराई यह बताती है कि प्रेमी-प्रेमिका के बंधन में बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक भरोसा, सुरक्षा और आदर भी स्पष्ट होते हैं।
संदर्भ पृष्ठभूमि
श्रेष्ठगीत का यह भाग विवाहोन्मुख प्रेम का एक दृश्य-चित्रण है, जहाँ शास्त्रधर्मी प्रेमिका-प्रेमी अपने-अपने ढंग से एक-दूसरे की महिमा को प्रकट करते हैं। विशिष्ट रूप से सिर, बाल, लटें और वस्त्रों का वर्णन कर प्रेम की शोभा और राजसी अखंडता को रेखांकित किया गया है। यह प्रतीकात्मक भाषा है जो प्रेम के प्रतीकात्मक अधिकार और सम्मान को उभारती है।
Interpretive Observations (व्याख्यात्मक अवलोकन)
चिंतन के बिंदु (Thematic highlights)
अन्य संदर्भ (Cross-references) और तात्पर्य
इन पारिश्रित उद्धरणों से यह स्पष्ट होता है कि यहाँ बाहरी शोभा एक आंतरिक प्रेम-विश्वास और सम्मान के साथ जुड़ती है।
संदेश-निष्कर्ष (Practical takeaway)
प्रेम में चेतना रखें कि आकर्षण केवल दिखावे तक सीमित न हो; यह भरोसे, विनम्रता और एक-दूसरे के मान-सम्मान को भी गहराई से अनुभव कराए। एक-दूसरे की गरिमा की रक्षा करें, भिन्न-भिन्न रूपों में दिखाई देने वाले प्रेम के संकेतों को समझें, और राजसी गरिमा की तरह एक-दूसरे को आदर दें।
स्पष्ट उद्धरण (Public-domain commentators in brief)
नीचे 19वीं शताब्दी के सार्वजनिक-डायरे में प्रचलित विचारों के संक्षिप्त संकेत दिए गए हैं जिन्हें पाठ की दिशा स्पष्ट करते हैं:
Matthew Henry: "This is a picture of that affection which is adorned with beauty and dignity, and yet treads in the paths of love with honor." (संक्षेप)
Albert Barnes: "The hair and the purple garments symbolize noble beauty and regal affection, and the husband is captivated by these tokens of grace." (संक्षेप)
Adam Clarke: "The imagery elevates the beloved as one who is adorned with royal grace, a sight that captivates the kingly heart." (संक्षेप)