तीतुस 3:15 बाइबल पद की व्याख्या
तीतुस 3:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मेरे सब साथियों का तुझे नमस्कार और जो विश्वास के कारण हम से प्रेम रखते हैं, उनको नमस्कार। तुम सब पर अनुग्रह होता रहे।
तीतुस 3:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
तीतुस 3:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 यूहन्ना 1:1 (HINIRV) »
मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई महिला और उसके बच्चों के नाम जिनसे मैं सच्चा प्रेम रखता हूँ, और केवल मैं ही नहीं, वरन् वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।

कुलुस्सियों 4:18 (HINIRV) »
मुझ पौलुस का अपने हाथ से लिखा हुआ नमस्कार। मेरी जंजीरों को स्मरण रखना; तुम पर अनुग्रह होता रहे। आमीन।

तीतुस 3:15 पर हिंदी व्याख्या
पास्तुरात तीतुश को लिखे पत्र के अंत में प्रेरित पवित्रों के साथ-से संबंधों की गर्मजोशी और विश्वास की बंधन को उद्धृत करता है। यह पद समुदाय के भीतर स्नेह, नम्रता और सद्भाव की प्रतिज्ञा को पुनः स्थापित करता है—जिसमें भाई-बहनों के बीच प्रेम और एक-दूसरे के लिए अनुग्रह का आर्शीवाद वही जीवन देता है जो ईश्वरीय उद्धार के बाद भी सामान्य व्यवहार में दिखना चाहिए।
केंद्रीय अर्थ
इस Verse में प्रेरित पितृभाषण के भीतर प्रेम और नम्रता का दायित्व स्पष्ट है: विश्वास के कारण जो यीशु में भलाई या पवित्रાચાર के कारण एक दूसरे से प्रेम रखते हैं, वही हमारे नमस्कार के हकदार हैं। “अनुग्रह” का आशीर्वाद सभी विश्वासियों पर फैलता रहे, यह संदेश बताता है कि धार्मिक जीवन केवल शब्दों तक नहीं, बल्कि एक दूसरे के प्रति स्नेह और सम्मान के व्यवहार से बनता है।
मुख्य विषय
संबद्ध आयतें (Cross-references) और उनके सारांश
इन संदर्भों में दिखता है कि विश्वास का अवतार कैसे व्यवहार में उतरता है: एक दूसरे के लिए प्रेरणा, सम्मान, और क्षमा के साथ जीवन बिताने का आह्वान।
व्यावहारिक चिंतन
संक्षेप टिप्पणी
तीतुस 3:15 विश्वासी समुदाय के लिए आधारभूत सन्देश देता है: प्रेम के कारण एक-दूसरे से जुड़ना और प्रभु के अनुग्रह को एकप्रिय वातावरण बनाए रखना। यह नमस्कार और विश्वास के साथ प्रेम का सरल, पर पवित्र अभ्यास है—जो एक सुदृढ़ और कृपालु समुदाय की नींव बनाता है।
टिप्पणी-संबंधी संकेत: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो वे निकट-समय के शब्दों में उद्धृत किए जाएंगे और उनके संकेत छोड़ दिए जाएंगे.
नीचे के भाषा-विकल्प (अनुवादित सार)
हमारा दायित्व है कि विश्वास में एकता और प्रेम से व्यवहार करें—क्योंकि प्रभु का अनुग्रह मिलता है, और यही सच्चे विश्वास की पहचान है।