तीतुस 3:9 बाइबल पद की व्याख्या
तीतुस 3:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर मूर्खता के विवादों, और वंशावलियों, और बैर विरोध, और उन झगड़ों से, जो व्यवस्था के विषय में हों बचा रह; क्योंकि वे निष्फल और व्यर्थ हैं।
तीतुस 3:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
तीतुस 3:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 तीमुथियुस 2:14 (HINIRV) »
इन बातों की सुधि उन्हें दिला, और प्रभु के सामने चिता दे, कि शब्दों पर तर्क-वितर्क न किया करें, जिनसे कुछ लाभ नहीं होता; वरन् सुननेवाले बिगड़ जाते हैं।

2 तीमुथियुस 2:23 (HINIRV) »
पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि इनसे झगड़े होते हैं।

1 तीमुथियुस 4:7 (HINIRV) »
पर अशुद्ध और बूढ़ियों की सी कहानियों से अलग रह; और भक्ति में खुद को प्रशिक्षित कर।
तीतुस 3:9 का स्पष्ट अर्थ और संदर्भ
बंधुओं, क्रिस्चियन जीवन में स्पष्टता और प्रेमपूर्ण कार्य कलाप सबसे प्रमुख होते हैं। टाइटस के लिए प्रेरित पवित्रपदों में यीशु-सम्बंधी जीवन के व्यवहारिक हिस्से की सुरक्षा आवश्यक बताई गई है—विशेषकर वे जो “पढ़ाई-धंधे” और बहसों में उलझना पसंद करते हैं। इस प Verse में पौलुस ने टाइटस को सचेत किया कि मूर्खता के विवाद, वंशावलियाँ, और व्यवस्था (क़ायदे) के विषयों की भयंकर बहसें न बुनें, क्योंकि वे न केवल समय की बर्बादी हैं, बल्कि निष्फलता और व्यर्थता हैं। इस चेतावनी से यह स्पष्ट होता है कि चर्च के भीतर शांति, सन्तोष, और उद्धार की राह अधिक महत्वपूर्ण है।
मुख्य अर्थ
पौलुस यहाँ तीन प्रकार के दावों या बहसों से दूरी बनाने को कहता है: मूर्खताओं के विवाद (जिनमें विचारों का तल्खी बढ़ती है), वंशावलियाँ (आडंबरपूर्ण जातीय या सामाजिक प्रतिष्ठाओं की जाँच), और बैर विरोध/झगड़े (चर कैरियों और व्यवस्था के नियमों पर अत्यधिक जोर) — ये सब “व्यवस्था” के विषयों में बहस बनते हैं। वे सब निष्फल और व्यर्थ होते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि विश्वासियों को शांति, सद्भाव और अच्छी तरह से व्यवहार करने की राह अपनानी चाहिए, ताकि उद्धारकर्ता के लक्ष्य परमेश्वर के राज्य की स्थापना में बाधा न आये।
दो-तीन प्रमुख विषय
संदर्भ-आइडिया (अनुक्रमित आयाम)
आध्यात्मिक मार्गदर्शक इसके साथ 2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस देता है:
ये संदर्भ दिखाते हैं कि चर्च का मजबूत आधार प्रेम, संयम और ईमानदारी है, बहसों के बजाय जीवन पर प्रभाव डालना है।
व्यावहारिक विचार
1) मौन और विनम्रता: वस्तुतः बहस से बचना एक बुद्धिमानों का चयन है ताकि सेवकाई और आशीर्वाद खुलकर प्रकट हों। 2) समाज-व्यवस्था का संयमित अध्ययन: नियमों को सही ढंग से समझना, पर उन्हें जकड़न बनाने से बचना। 3) शांति-प्रवृत्ति: किसी भी चर्चा में लक्ष्य ईश्वर की महिमा और भाई-बहनों की भलाई हो।
क्रॉस-रेफरेंसे
याद रखें: प्रेरितों के ये निर्देश अन्य पाठों से समन्वयित हैं। यह तीनों संकेत आपकी आत्मा को कैसे स्थिर रखते हैं: प्रेम, नम्रता, और सद्भावना।
संक्षिप्त निष्कर्ष
तीतुस 3:9 हमें यह सिखाता है कि ईसाई समुदाय में बहसों की जगह शांति, प्रेम और पवित्र जीवन की दिशा अधिक महत्वपूर्ण है। धार्मिक इतिहास के प्रकाश में, यह मार्गदर्शन उन लोगों के लिए विशेष महत्वपूर्ण रहा है जो बाहर से परिष्कृत दिखना चाहते हैं पर आंतरिक परिवर्तन को नहीं देखते। अपने विवेक को पूर्ण-जीवन के लिए प्रयोग करें, ताकि यह κόσμος में परमेश्वर के राज्य के अग्रदूत बन सके।
उद्धरण टिप्पणी: मैथ्यू हेनरी,Albert Barnes,Adam Clarke द्वारा उपलब्ध समान विचारों के छोटे-छोटे कथन पंक्तियों में संक्षेप में सम्मिलित हैं, यदि उद्धृत हों तो स्पष्ट किया जाएगा।