Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 इतिहास 1 1 इतिहास 2 1 इतिहास 3 1 इतिहास 4 1 इतिहास 5 1 इतिहास 6 1 इतिहास 7 1 इतिहास 8 1 इतिहास 9 1 इतिहास 10 1 इतिहास 11 1 इतिहास 12 1 इतिहास 13 1 इतिहास 14 1 इतिहास 15 1 इतिहास 16 1 इतिहास 17 1 इतिहास 18 1 इतिहास 19 1 इतिहास 20 1 इतिहास 21 1 इतिहास 22 1 इतिहास 23 1 इतिहास 24 1 इतिहास 25 1 इतिहास 26 1 इतिहास 27 1 इतिहास 28 1 इतिहास 29



1 इतिहास 14:17 का व्याख्यान: दाऊद की कीर्ति और परमेश्वर का भय
इस पद में दाऊद राजा बन जाने के बाद उसकी सफलता, सत्ता और सैन्य विजय का प्रभाव संसारत: फैलता है। यहाँ “कीर्ति” से राजा दाऊद की मान-प्रतिष्ठा और उसकी नेतृत्त्वशक्ति का सार्वभौमिक प्रभाव संकेतित है। यहोवा ने उन सभी जातियों के मन में उसका भय भर दिया, अर्थात् परमेश्वर की सहायता से उसकी शक्ति का संदेश दूर-दूर तक पहुँच गया और प्रतिद्वंद्वियों में डर पैदा हुआ। यह प्रवृत्ति उस समय की तह में परिलक्षित है जब परमपिता परमेश्वर अपना उद्देश्य पूरा करवाने के लिए राजा के जीवन-कार्य को लोक-प्रसार देते हैं।
मुख्य अभिप्राय
यह वाक्य तीन स्तरों पर संदेश देता है: पहले, दाऊद की सफलता का फल उन राष्ट्रों तक पहुँचना। दूसरे, यहोवा का दिव्य भय—यानी परमोपकार की चेतावनी और सम्मान—उनकी रेखाओं के भीतर फैला। तीसरे, सत्ता और धार्मिक-नैतिक प्रभाव का एक साथ दृश्य: राज्य की सघनता और ईश्वर के आशीर्वाद का संयोजन।
मुख्य विषय
वचन-आधारित संदर्भ
1 इतिहास 14:2-7 में दाऊद के सेवानिवृत्ति-पूर्व विजय-यात्राओं का साथ आता है, जहाँ उसकी कीर्ति और परमेश्वर के संरक्षण का समन्वय दिखता है। यह अन्य स्थानों से जोड़ता है कि परमेश्वर जिस राजा के कार्य का समर्थन करता है, उसका प्रभाव संपूर्ण जातियों तक फैलता है (उदा. 1 शमूएल 18:7; मत्ती 28:19-20 में अनुशासन और शिक्षण का विश्वव्यापी चक्र)।
केंद्रीय अर्थ के सार
इस पद में यह बतलाया गया है कि दाऊद की भीड़-भाड़, सैन्य कुशलता और शासकीय कौशल के बावजूद उसका सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि परमेश्वर की कृपा से उसके नाम का भय, न केवल एक राज्य के भीतर बल्कि सभी जातियों के मन में एक चेतना बनकर फैल गया। यह शिक्षा देता है कि ईश्वर के काम में प्रमुख सफलता वही मानी जाती है जब वह जन-जन तक सामंजस्य और सम्मान का संदेश पहुँचा दे।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप) और उनका तात्पर्य
इन संदर्भों में संकेत है कि राजा के प्रभाव का गहरा सामाजिक-धार्मिक प्रभाव पड़ता है, और यह विश्वासीय जीवन-दृष्टि को भी प्रेरित करता है।
संक्षिप्त समापन
1 इतिहास 14:17 में दाऊद की कीर्ति की सार्वभौमिकता यह दिखाती है कि परमेश्वर के साथ एक विश्वासी नेतृत्व का प्रभाव कितनी दूर तक जाता है। यहोवा का भय जब प्रजा के मन में समा जाता है, तो समाज में सुरक्षा, न्याय और ईमानदारी की दिशा मजबूत होती है।
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के साथ संबन्धित स्पष्ट शब्द-उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो नीचे संकेतित होंगे।